Author: NewseDay

  • PM मोदी के जन्मदिन को लेकर ओम प्रकाश राजभर का बड़ा बयान, बोले- दीया जलाने पर होगा हल्ला

    PM मोदी के जन्मदिन को लेकर ओम प्रकाश राजभर का बड़ा बयान, बोले- दीया जलाने पर होगा हल्ला

    घांची-तेली समाज से आने वाले प्रधानमंत्री मोदी का जन्मदिन मनाने और आशीर्वाद का दीया जलाने पर मचेगा हल्ला: ओम प्रकाश राजभर

    कैबिनेट मंत्री बोले- तेल जल गया, बाती जल गई और दीया बर्बाद हो गया का शोर मचाने का टूलकिट तैयार

    कांग्रेस, सपा और वामपंथी सवर्णों पर साधा निशाना, कहा- सबसे ज्यादा यही लोग मचाएंगे हल्ला

    वामपंथी नेतृत्व की सामाजिक पृष्ठभूमि पर उठाए सवाल, बोले- ऊंची कुर्सियों पर कौन बैठा था, कौन बैठा है और कौन बैठेगा, यह भी देखिए

    मार्क्स-लेनिन से अंबेडकर और लोहिया-जेपी से जय भीम तक की राजनीति पर कसा तंज

    कहा- पिछड़ा-दलित समाज अब जाग गया, जितना बांटने की कोशिश करेंगे उतना ही जुड़ता जाएगा

     लखनऊ
     प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर सेवा संकल्प अभियान के तहत आशीर्वाद का दीया जलाए जाने को लेकर कांग्रेस, सपा और वामपंथियों पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट में उन्होंने कहा कि एक-दो दिन रुकिए, हो-हल्ला होने वाला है। हल्ला होगा कि तेल जल गया, त्राहि-त्राहि हो गई। इसका टूलकिट भी तैयार है, बस हल्ले का इंतजार कीजिए।

    राजभर ने कहा कि पूरे देश ने घांची-तेली समाज से आने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन मनाया। अति पिछड़े और दलित समाज के लोगों ने सेवा संकल्प अभियान से खुद को खुशी-खुशी जोड़ा। जनता से आशीर्वाद मांगा और हर्षोल्लास के साथ आशीर्वाद का दीया जलाया।

    सबसे ज्यादा हल्ला कांग्रेस के टूलकिट वामपंथी और सपाई मचाएंगे

    राजभर ने सवाल किया कि इससे बुरा किसे लगा? उन्होंने कांग्रेस, सपा और वामपंथी सवर्णों का नाम लेते हुए कहा कि अब यही लोग चिल्लाएंगे कि इतना तेल जल गया, बाती जल गई और दीया बर्बाद हो गया। उन्होंने कहा कि देख लीजिएगा, सबसे ज्यादा हल्ला कांग्रेस के टूलकिट वामपंथी सवर्ण और सपाई मचाएंगे।

    उन्होंने कहा कि वामपंथी सवर्णों को छोड़ दिया जाए तो पूरा सवर्ण समाज उनके साथ है। सबसे ज्यादा दिक्कत उस खास जमात को है, जो वर्षों से समाज में अपना वैचारिक जहर बो रही है।

    वामपंथ की ऊंची कुर्सियों पर कौन बैठा था, यह भी देखिए

    कैबिनेट मंत्री ने कहा कि अति पिछड़ों, दलितों और बहुजनों को एक बार उन वामपंथी नेताओं की जाति भी देखनी चाहिए, जो दिन-रात उन्हें जाति और ब्राह्मणवाद समझाते हैं। वामपंथी विचार की ऊंची कुर्सियों पर कौन बैठा था, कौन बैठा है और कौन बैठेगा, यह भी देखना चाहिए। राजभर ने दावा किया कि सभी वामपंथी अगड़े मिलेंगे।

    उन्होंने कहा कि ब्राह्मणवाद के नाम पर गाली किसे दिलाई जाती है और विचार की दुकान किसके हाथ में है, तस्वीर अपने आप साफ हो जाएगी।

    गरीब और सामान्य परिवार से निकला व्यक्ति पसंद नहीं

    राजभर ने कहा कि वास्तव में ये राजा और राज परिवारों के इर्द-गिर्द जीने वाले लोग हैं। गरीब और सामान्य परिवार से निकलकर कोई व्यक्ति अपने दम पर ऊपर पहुंचे, यह इन्हें कतई पसंद नहीं आता। चाहे वह मोदी हों, राजभर हों, निषाद हों या किसी अन्य दलित या अति पिछड़े समाज से निकला कोई व्यक्ति।

    मार्क्स-लेनिन को मानने वाले अचानक अंबेडकरवादी हो गए

    राजभर ने वामपंथी और समाजवादी राजनीति पर तंज कसते हुए कहा कि कल तक मार्क्स और लेनिन को मानने वाले अचानक अंबेडकरवादी हो गए। लोहिया और जेपी के नाम पर पार्टी चलाने वाले अचानक रंग बदलकर जय भीम करने लगे। इतनी जल्दी विचार, नारे और महापुरुष बदल जाएं तो यह सोचने वाली बात है।

    उन्होंने कहा कि अति पिछड़ों और दलितों को वर्षों से अपने विचारों के जाल में फंसाने की कोशिश एक खास जमात ने की। उन्होंने इसे आइडेंटिटी क्राइसिस से जूझ रही जमात बताते हुए कहा कि इसे सबसे ज्यादा परेशानी तब होती है, जब अति पिछड़ा, दलित और बहुजन इनके बताए रास्ते के बजाय अपना रास्ता खुद चुनने लगता है। घांची-तेली समाज से आने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी इन्हें यही परेशानी है।

    भारतीय वामपंथ कांग्रेस की प्रयोगशाला

    राजभर ने कहा कि वास्तव में भारतीय वामपंथ कांग्रेस की प्रयोगशाला है, जहां देश और समाज को बांटकर कुछ परिवारों की गुलामी करने की ट्रेनिंग मिलती है। उन्होंने कहा कि सारे वामपंथी अंत में वहीं नौकरी करते हैं।

    पिछड़ा-दलित समाज अब जाग गया

    पोस्ट के आखिर में राजभर ने कहा कि पिछड़ा-दलित समाज अब जाग गया है। आपके चेहरे पर लगा नकाब उतर चुका है। आप जितना पिछड़ों-दलितों को बांटने की कोशिश करेंगे, वे उतना ही जुड़ते जाएंगे। उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को टैग करते हुए लिखा, बस देखते जाइए।

  • मंगल का नीच गोचर आज से, 12 नवंबर तक इन राशियों की चमकेगी किस्मत

    मंगल का नीच गोचर आज से, 12 नवंबर तक इन राशियों की चमकेगी किस्मत

    वैदिक ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के सेनापति और ऊर्जा, साहस व पराक्रम के कारक मंगल ग्रह का गोचर बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है. ग्रहों की चाल बदलते ही सभी 12 राशियों के जातकों के जीवन पर इसका गहरा प्रभाव पड़ता है. ज्योतिषीय गणना के अनुसार, 18 सितंबर 2026 को शाम 04:44 बजे मंगल ग्रह अपनी नीच राशि यानी चंद्रमा के स्वामित्व वाली कर्क राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं. कर्क राशि में मंगल को कमजोर (नीच का) माना जाता है, हालांकि इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि इसके परिणाम पूरी तरह नकारात्मक ही होंगे. यह गोचर 12 नवंबर 2026 तक रहेगा. इस दौरान कुछ राशियों को विशेष सावधानी बरतनी होगी, तो वहीं कुछ राशि के जातकों को करियर और कारोबार में जबरदस्त लाभ के योग बनेंगे. आइए विस्तार से जानते हैं कि मंगल का यह नीच गोचर सभी 12 राशियों के जीवन पर कैसा प्रभाव डालेगा.

    मंगल गोचर का मुख्य प्रभाव और क्या करें-क्या न करें?
    गुस्से पर नियंत्रण रखें: चूंकि मंगल उग्रता और एक्शन के प्रतीक हैं, इसलिए कर्क राशि में जाकर इनके प्रभाव से लोगों में जल्दबाजी या आक्रामक निर्णय लेने की प्रवृत्ति बढ़ सकती है. ऐसे में अपने गुस्से और वाणी पर संयम रखना बेहद जरूरी है.

    आर्थिक फैसले सोच-समझकर लें: इस अवधि में बड़े निवेश या वित्तीय निर्णय लेने से पहले किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें या पूरी गणना कर लें.

    रुके हुए कार्यों को गति मिलेगी: हालांकि यह गोचर कुछ मामलों में देरी ला सकता है, लेकिन यह आपके लंबे समय से अटके हुए साहसिक कार्यों को पूरा करने की प्रेरणा भी देगा.

    12 राशियों पर मंगल गोचर का विस्तृत राशिफल:
    मेष राशि:
    संपत्ति की खरीद-फरोख्त से जुड़े मामलों में सावधानी बरतें. पारिवारिक जीवन में संबंधों के बीच तनाव उत्पन्न हो सकता है. माता-पिता के स्वास्थ्य को लेकर विशेष चिंता बनी रह सकती है.

    वृषभ राशि:
    छोटे भाई-बहनों के साथ संबंधों में उतार-चढ़ाव आ सकता है. कार्यक्षेत्र में कड़ा संघर्ष करना पड़ेगा, जिसके बाद ही आपको सफलता और तरक्की के योग मिलेंगे.

    मिथुन राशि:
    महत्वपूर्ण कार्यों में अचानक रुकावटें आ सकती हैं. स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं परेशान कर सकती हैं. कोई भी गलत फैसला आपको आर्थिक नुकसान दे सकता है, इसलिए वाहन चलाते समय और हर कदम पर सतर्क रहें.

    कर्क राशि:
    चूंकि मंगल इसी राशि में गोचर कर रहे हैं, इसलिए सेहत और रिश्तों के मामले में बाधाएं आ सकती हैं. गुप्त शत्रुओं से सतर्क रहें. घर की मरम्मत या नई खरीदारी पर धन खर्च हो सकता है, लेकिन साथ ही आर्थिक लाभ के भी योग हैं.

    सिंह राशि:
    नजदीकी मित्रों और संबंधियों के साथ वैचारिक मतभेद उभर सकते हैं. खर्चों की अधिकता से बजट बिगड़ सकता है. पारिवारिक अशांति से बचने का प्रयास करें और यात्रा के दौरान दुर्घटनाओं से सावधान रहें.

    कन्या राशि:
    इस राशि के जातकों के लिए मंगल का गोचर बेहद शुभ परिणाम लेकर आ रहा है. आपके रुके हुए सारे काम तेजी से पूरे होंगे. करियर में तरक्की के नए रास्ते खुलेंगे, मान-सम्मान में वृद्धि होगी और जीवन में सकारात्मक बदलाव आएंगे.

    तुला राशि:
    आर्थिक दृष्टि से लाभ तो मिलेगा, लेकिन साथ ही खर्चों का ग्राफ भी काफी ऊंचा रहेगा. मन में थोड़ी अशांति बनी रह सकती है. निवास स्थान या कार्यस्थल में परिवर्तन की संभावना बन रही है.

    वृश्चिक राशि:
    पिता के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ सकती है. महत्वपूर्ण कार्यों में अड़चनें आने से मानसिक तनाव हो सकता है. सेहत को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें.

    धनु राशि:
    स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां आपको घेर सकती हैं. परिवार में किसी सदस्य की सर्जरी या स्वास्थ्य दुर्घटना की स्थिति बन सकती है. विरोधी वर्ग आप पर हावी होने की कोशिश करेंगे, हालांकि कुछ गुप्त लाभ भी मिल सकते हैं.

    मकर राशि:
    नए लोगों से मेल-जोल बढ़ेगा और नए व्यावसायिक संपर्क बनेंगे. नया कार्य शुरू करने या पूंजी निवेश करने के लिए समय अच्छा है, हालांकि किसी भी तरह की नई साझेदारी या कानूनी विवाद में बेहद सतर्क रहें.

    कुंभ राशि:
    संघर्ष के बाद अंततः आपको सफलता हासिल होगी. लंबे समय से चली आ रही किसी पुरानी स्वास्थ्य समस्या से राहत मिल सकती है. कुछ पुराने कर्जों या देनदारियों का निपटारा संभव है. घर या कार्यक्षेत्र में बदलाव आ सकता है.

    मीन राशि:
    कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत रंग लाएगी और तरक्की के योग बनेंगे. आय के नए स्रोत हाथ लग सकते हैं. पुराने किए गए अच्छे कार्यों के लिए आपको सम्मान मिल सकता है. हालांकि, कार्यस्थल पर जल्दबाजी या गुस्से में कोई गलत निर्णय लेने से बचें, अन्यथा हानि उठानी पड़ सकती है.

  • बकाया DA और अन्य मांगों पर CM मान की कर्मचारियों से मुलाकात आज, बैठक में हो सकता है बड़ा फैसला

    बकाया DA और अन्य मांगों पर CM मान की कर्मचारियों से मुलाकात आज, बैठक में हो सकता है बड़ा फैसला

    चंडीगढ़
    पंजाब के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों की लंबित मांगों के संदर्भ में सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच जारी गतिरोध के बीच शुक्रवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में बैठक होगी। सामान्य प्रशासन विभाग की कोऑर्डिनेशन ब्रांच ने  पत्र जारी कर कर्मचारी, पेंशनर और संयुक्त कार्रवाई समिति के 12 प्रतिनिधियों को बैठक के लिए बुलाया है। 

    बैठक मुख्यमंत्री आवास में होगी। पत्र के मुताबिक बैठक में कर्मचारियों और पेंशनरों की मांगों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इसमें गुरनाम सिंह विर्क, भजन सिंह गिल, सुखचैन सिंह खैरा, रणजीत सिंह रणवा, तरसेम सिंह भट्ठल, करम सिंह धनोआ, हरजिंदर सिंह पन्नू, जरमनजीत सिंह, मनप्रीत सिंह, धनवंत भट्ठल, साहिल शर्मा और कुलविंदर सिंह ढिल्लों को बुलाया गया है। 

    कर्मचारी संगठन लंबे समय से लंबित 18 प्रतिशत डीए, डीए बकाया, पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस), छठे वेतन आयोग के बकाये और अन्य सेवा संबंधी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। 27 अगस्त को कर्मचारियों ने डीए बकाये को लेकर राज्यव्यापी हड़ताल की थी।

     

  • अमेरिका-हूती बातचीत के बीच यमन में बदला समीकरण, लाल सागर में हूतियों की बढ़त से सऊदी परेशान

    अमेरिका-हूती बातचीत के बीच यमन में बदला समीकरण, लाल सागर में हूतियों की बढ़त से सऊदी परेशान

    दुबई 
    यमन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ जूझ रहे सऊदी अरब के सामने अब नई मुश्किल खड़ी होती दिख रही है. सऊदी अरब के सबसे बड़े सहयोगी अमेरिका और ईरान समर्थित हूतियों के बीच सीधे संपर्क की खबर सामने आई है. दोनों पक्षों के बीच ओमान में बातचीत हुई है. हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि अमेरिका और हूतियों के बीच कोई औपचारिक डील हुई है या नहीं। 

    मामला इसलिए अहम है क्योंकि हूतियों ने पिछले हफ्ते यमन के लाल सागर वाले इलाके में तेजी से बढ़त बनाई और बाब अल-मंदेब स्ट्रेट के पास कई द्वीपों पर कब्जा कर लिया. यह रास्ता सऊदी अरब के तेल निर्यात के लिए बेहद अहम है. इसी दौरान हूती ड्रोन और मिसाइल सऊदी शहरों और तेल से जुड़े ठिकानों को भी निशाना बना रहे हैं. यहां तक कि मक्का में भी हूती ड्रोन को लेकर अलर्ट जारी हुआ। 

    अमेरिका-हूती के बीच ओमान में बातचीत
    रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के अधिकारियों और हूती प्रतिनिधियों के बीच पिछले वीकेंड ओमान की राजधानी मस्कट में मुलाकात हुई. यह बैठक ओमान की मध्यस्थता में हुई बताई गई है। 

    हूती प्रतिनिधिमंडल में मोहम्मद अब्दुलसलाम और अब्देलमलिक अल-अजीरी जैसे वरिष्ठ नेता शामिल थे. रिपोर्टों के मुताबिक, हूतियों ने अमेरिका को भरोसा दिया कि वे अमेरिकी जहाजों को निशाना नहीं बनाएंगे और 2025 में हुए सीजफायर का पालन करेंगे। 

    बताया गया है कि हूतियों ने इजरायली जहाजों को निशाना बनाने की बात कही, लेकिन सऊदी जहाजों और सऊदी तेल ले जाने वाले जहाजों को निशाना बनाने की धमकी जारी रखी. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी कहा है कि अमेरिका हूतियों के साथ सीधे बातचीत कर रहा है. उन्होंने कहा कि अमेरिका को लगता है कि वह हालात पर नजर बनाए हुए है। 

    क्या अमेरिका ने हूतियों से डील कर ली?
    अभी तक अमेरिका या हूतियों की तरफ से किसी औपचारिक समझौते की पुष्टि नहीं हुई है. लेकिन बातचीत के बाद दोनों पक्षों के बीच किसी तरह की समझ बनने के संकेत जरूर मिले हैं। 

    पूर्व अमेरिकी राजनयिक नबील खौरी ने इसे एक तरह की अनौपचारिक समझ बताया है. उनके मुताबिक, हूती अमेरिकी प्रशासन को यह भरोसा दे सकते हैं कि लाल सागर में अमेरिकी और दूसरे अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा. खतरा मुख्य रूप से सऊदी जहाजों और सऊदी तेल ले जाने वाले जहाजों को रहेगा। 

    अमेरिका के लिए भी यह समझ अहम हो सकती है. ईरान के साथ जंग में उलझे अमेरिका के पास हूतियों के खिलाफ लंबे समय तक सैन्य अभियान चलाने के लिए पहले जैसी क्षमता नहीं है. ऐसे में लाल सागर में जहाजों की आवाजाही बनी रहे और अमेरिकी जहाज सुरक्षित रहें, तो वॉशिंगटन के लिए हूतियों से सीधी जंग से बचना अहम हो सकता है। 

    सऊदी अरब पर बढ़ा दबाव
    इस पूरे घटनाक्रम में सबसे ज्यादा दबाव सऊदी अरब पर पड़ता दिख रहा है. सऊदी समर्थित यमनी लड़ाके हूतियों को रोकने में अब तक कामयाब नहीं हुए हैं. सऊदी अरब के कई हवाई हमले भी हूतियों की पकड़ को निर्णायक रूप से खत्म नहीं कर पाए। 

    दूसरी तरफ पाकिस्तान और तुर्की ने भी यमन में सीधे लड़ाकू अभियान चलाने से इनकार किया है. अमेरिका और ब्रिटेन ने भी हूती ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की सऊदी मांग को स्वीकार नहीं किया है. यहां तक कि रिपोर्टों में दावा किया गया है कि सऊदी ने खुफिया मदद के लिए इजरायल से भी संपर्क किया है। 

    ऐसे में अगर अमेरिका और हूतियों के बीच किसी तरह की समझ बनती है और हूती अमेरिकी या दूसरे अंतरराष्ट्रीय जहाजों को छोड़कर सऊदी जहाजों को निशाना बनाते रहते हैं, तो सऊदी अरब पर दबाव और बढ़ सकता है। 

    यानी फिलहाल यह औपचारिक डील है या सिर्फ एक अनौपचारिक समझ, यह साफ नहीं है. लेकिन इतना जरूर है कि हूतियों के खिलाफ जंग में सऊदी अरब को अपने सबसे बड़े सहयोगियों से अपेक्षित सैन्य मदद नहीं मिल रही है और उसे बढ़ते खतरे का सामना ज्यादा अकेले करना पड़ सकता है। 

  • हिसार का ऐतिहासिक मंगाली गांव: 1857 में अंग्रेजों से लिया लोहा, आज पेयजल और सड़क बनी चुनौती

    हिसार का ऐतिहासिक मंगाली गांव: 1857 में अंग्रेजों से लिया लोहा, आज पेयजल और सड़क बनी चुनौती

    हिसार
    हिसार से करीब 15 किलोमीटर दूर नलवा विधानसभा क्षेत्र में बसा मंगाली केवल आबादी के लिहाज से बड़ा गांव नहीं है, बल्कि इसकी मिट्टी में इतिहास की कई परतें दफन हैं

    वर्ष 1488 में अस्तित्व में आए इस गांव का इतिहास 1857 की क्रांति से भी जुड़ा है। आज भी गांव में उस दौर की वीरगाथाएं और बलिदानियों की यादें लोगों के बीच जीवंत है।

    समय के साथ गांव का विस्तार हुआ और यह मंगाली आकलान, मंगाली झारा, मंगाली सुरतिया, मंगाली मोहब्बत और ढाणी जाटान नाम से पांच पंचायतों में बंट गया। पांचों पंचायतों की आबादी 20 हजार से अधिक है। दूसरी सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान है मनके का व्यापार।

    मंगाली की बसावट को लेकर ग्रामीणों में प्रचलित मान्यता के अनुसार गांव का नाम एक परिवार के चार बेटों के नाम पर पड़ा। शुरुआत में चार पंचायतें बनीं और बाद में ढाणी जाटान को वर्ष 1986 में अलग पंचायत का दर्जा मिला।

    मंगाली की चार पुरानी पंचायतों को अस्तित्व में आए सौ वर्ष से अधिक समय बीत चुका है। गांव के विस्तार के साथ आबादी बढ़ती गई, लेकिन मूलभूत सुविधाओं का ढांचा उस गति से विकसित नहीं हो पाया।

    तीन दशक पहले बिछी पानी की लाइन, समस्या आज भी बरकरार
    गांव में पेयजल की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार करीब 30 वर्ष पहले गांव में पानी की लाइन बिछाई गई थी और जलघर भी बनाए गए, लेकिन बढ़ती आबादी के साथ पानी की जरूरत भी बढ़ती गई।

    ऐसे में मौजूदा व्यवस्था ग्रामीणों की जरूरत पूरी करने में पूरी तरह सक्षम नहीं हो पा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के कई हिस्सों में पर्याप्त और नियमित पेयजल आपूर्ति की जरूरत महसूस होती है।

    गंदे पानी की निकासी नहीं, तालाब में पसरी गंदगी
    मंगाली में दूसरी बड़ी समस्या गंदे पानी की निकासी की है। गांव से निकलने वाले गंदे पानी की उचित निकासी नहीं होने के कारण कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनती है।

    गांव के तालाब भी गंदगी से अछूते नहीं हैं। तालाबों की सफाई और पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। बरसात के दिनों में यह समस्या और गंभीर हो जाती है।

    मुख्य सड़क की बदहाली भी बनी परेशानी
    गांव की मुख्य सड़क की स्थिति भी ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय है। मंगाली की पांच पंचायतों में बड़ी आबादी होने के कारण यहां दिनभर लोगों और वाहनों की आवाजाही रहती है। इसके बावजूद सड़क की हालत बेहतर नहीं होने से आवागमन प्रभावित होता है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए सड़क, पेयजल और जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं पर प्राथमिकता से काम होना चाहिए।

    मंगाली की फुटबाल की अलग पहचान
    मंगाली आकलान में गांव की खास पहचान फुटबाल से भी है। यहां के करीब 35 खिलाड़ी राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके हैं। गांव में शहीदी स्मारक भी प्रमुख पहचान है।

    1857 में हिसार जेल पर बोला था धावा
    मंगाली के इतिहास में वर्ष 1857 का दौर विशेष महत्व रखता है। ग्रामीणों के अनुसार, उस समय गांव के क्रांतिकारियों ने हिसार जेल पर धावा बोला था। इस संघर्ष में 12 अंग्रेज अधिकारी के मारे गए थे।

    इसके बाद अंग्रेजों ने गांव पर हमला किया। दमन से बचने के लिए 30 से अधिक देशभक्तों ने मंगाली मोहब्बत में बने एक कुएं में छलांग लगा दी थी। यह कुआं आज भी मंगाली मोहब्बत में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के सामने मौजूद है।

    वहीं स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों के नाम पर मंगाली आकलान में शहीद स्मारक भी बनाया गया है। स्वतंत्रता संग्राम में गांव के करीब 500 लोगों की कुर्बानी का उल्लेख भी ग्रामीण करते हैं। यही कारण है कि मंगाली की पहचान आज भी एक ऐतिहासिक गांव के रूप में बनी हुई है।

    ढाणी जाटान में सरकारी जमीन का अभाव
    वर्ष 1986 में पंचायत बनी ढाणी जाटान में करीब 300 मकान और लगभग 1700 की आबादी है। पूनम देवी सरपंच हैं। पंचायत के सामने सबसे बड़ी समस्या सरकारी भूमि की कमी है। गांव के पास उपलब्ध करीब एक किला सरकारी जमीन पर आंगनबाड़ी केंद्र समेत अन्य सरकारी भवन बन चुके हैं। ऐसे में भविष्य में अन्य सरकारी परियोजनाओं के लिए जमीन की उपलब्धता चुनौती बनी हुई है।

    शिक्षा और स्वास्थ्य की सुविधाएं बेहतर
    मंगाली की पांच पंचायतों में ग्रामीणों को शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी कई सुविधाएं उपलब्ध हैं। गांव में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय और करीब 10 राजकीय प्राथमिक विद्यालय हैं। स्वास्थ्य सुविधा के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मौजूद है। इसके अलावा दो वाटर वर्क्स, लाइब्रेरी, एक गोशाला और पुलिस चौकी भी गांव की प्रमुख सुविधाओं में शामिल है।

     

  • मोदी के जन्मदिन पर जगमगाया पटना, CM सम्राट ने जलाया ‘आशीर्वाद का दीया’; बाढ़ पीड़ितों को बांटी किट

    मोदी के जन्मदिन पर जगमगाया पटना, CM सम्राट ने जलाया ‘आशीर्वाद का दीया’; बाढ़ पीड़ितों को बांटी किट

     पटना
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन पर बिहार में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के साथ सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को जेपी गंगा पथ (मरीन ड्राइव) पर दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री के स्वस्थ, सुखी और दीर्घायु जीवन की कामना की।

    इसके बाद मुख्यमंत्री पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और पटना हवाई अड्डे पर आयोजित कार्यक्रमों में भी शामिल हुए।

    दीप जलाने के साथ सेवा अभियान का संदेश
    मुख्यमंत्री ने लोक सेवक आवास में भी ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का सार्वजनिक जीवन राष्ट्र निर्माण और जनसेवा के संकल्प की यात्रा है।

    जन्मदिन के अवसर पर सेवा, समर्पण और जनकल्याण की भावना को लोगों तक पहुंचाने तथा जरूरतमंदों के प्रति संवेदनशीलता और सहयोग की भावना मजबूत करने पर जोर दिया गया।

    बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री
    ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने जेपी गंगा पथ स्थित बिंद टोली में बाढ़ पीड़ितों के लिए संचालित सामुदायिक रसोई केंद्र का निरीक्षण किया।

    उन्होंने वहां भोजन की व्यवस्था और गुणवत्ता की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और राहत व्यवस्था को लेकर अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की।

    डिग्निटी किट और स्वास्थ्य जांच कार्ड बांटे
    मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच डिग्निटी किट और स्वास्थ्य जांच कार्ड का वितरण किया। इसके अलावा बाढ़ के दौरान मृत व्यक्ति के आश्रित को सहायता राशि का चेक भी सौंपा।

    मुख्यमंत्री ने चिकित्सा शिविर का निरीक्षण कर बाढ़ पीड़ितों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली।

    गंगा पथ से स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स तक कार्यक्रम
    जेपी गंगा पथ के बाद मुख्यमंत्री पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स पहुंचे, जहां ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में उन्होंने सहभागिता की। यहां सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।

    कलाकारों ने विभिन्न प्रस्तुतियां दीं और गंगा आरती भी की गई। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पद्मश्री से सम्मानित डॉ. आरएन सिंह, डॉ. शांति राय, डॉ. विजय प्रकाश और डॉ. जेके सिंह को अंगवस्त्र एवं हरित पौधा देकर सम्मानित किया।

    कार्यक्रम में कई मंत्री और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
    कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल, उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह, सांसद रविशंकर प्रसाद समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

    मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, पटना प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक जितेंद्र राणा, जिलाधिकारी कुंदन कुमार, वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा सहित कई अधिकारी और गणमान्य लोग भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

     

  • नकली सिक्कों की फैक्ट्री से 59 डाई और 6 मशीनें मिलीं, अब खुलेगा पूरे नेटवर्क का राज

    नकली सिक्कों की फैक्ट्री से 59 डाई और 6 मशीनें मिलीं, अब खुलेगा पूरे नेटवर्क का राज

    लखनऊ
    यूपी के सहारनपुर में नकली सिक्के बनाने की फैक्ट्री से बरामद छह मशीनों और 59 डाई ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटेगी कि 70 करोड़ के नकली सिक्के बनाने में इस्तेमाल मशीन, डाई और अन्य सामान कहां से खरीदा गया। सप्लायरों की कड़ी खुलने पर नकली सिक्कों के नेटवर्क से जुड़े लोगों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।

    पुलिस ने फैक्ट्री से छह मशीनों के साथ 59 डाई बरामद की थी। इनमें 39 डाई बिना निशान वाली और 20 पर निशान लगे थे। इसके अलावा डाई की पॉलिश करने की मशीन, ग्राइंडिंग स्टोन, हथौड़ा, फाइल, रिंच, आरी, इलेक्ट्रॉनिक कांटा और ओवन समेत अन्य सामान भी मिला था। अब जांच में इन सभी सामान के स्रोत को खंगालने की तैयारी है।

    पुलिस के मुताबिक फैक्ट्री में तैयार नकली 20 रुपये के 6,400 सिक्के बरामद हुए थे, जिनकी कीमत 1.28 लाख रुपये थी। करीब पांच लाख कीमत के अधबने सिक्के भी मिले थे। आरोपियों के मुताबिक एक सिक्का तैयार करने में पांच से छह रुपये खर्च होते थे और उसे एजेंटों को 12 से 15 रुपये में बेचा जाता था। शराब ठेकों, टोल प्लाजा और किराना दुकानों तक इनकी खेप पहुंचने की बात सामने आई थी।

    मशीन से डाई तक बड़ा सेटअप
    फैक्ट्री में नकली सिक्के तैयार करने के लिए छह मशीनें और 59 डाई लगी थीं। इनमें 39 डाई बिना निशान वाली और 20 पर निशान लगे थे। इसके अलावा डाई पॉलिश करने की मशीन, ग्राइंडिंग स्टोन, हथौड़ा, फाइल, रिंच, आरी, इलेक्ट्रॉनिक कांटा और ओवन भी मिला था। इतनी बड़ी मात्रा में मिले सामान के स्रोत की पड़ताल अब जांच का अहम हिस्सा होगी।

    पांच आरोपी जेल भेजे जा चुके
    नकली सिक्के बनाने के मामले में पुलिस ने उपकार लूथरा उर्फ अभय प्रताप सिंह, हिमांशु उर्फ गुल्लू, कुलदीप, संतोष चौरसिया उर्फ जनार्दन और अनुराग पाल उर्फ लंकेश को गिरफ्तार किया था। पांचों को जेल भेजा जा चुका है। पुलिस के सामने अब फैक्ट्री तक मशीन और डाई समेत अन्य सामान पहुंचाने वालों की पहचान करने की चुनौती है। सप्लायरों की जानकारी मिलने पर जांच आगे बढ़ेगी।

    मशीन और सामानों की कहीं और भी हुई है सप्लाई
    अब यह भी आशंका जताई जा रही है कि जिस तरह से मशीन यहां भेजी गई, उसी तरह कहीं और भी तो मशीन देकर सिक्कों का निर्माण नहीं हो रहा है। सप्लायर तक पहुंचने के बाद कई और नकली सिक्कों की फैक्ट्री का खुलासा हो सकता है।

  • 3 साल में 8,788 मामलों का फैसला देने वाले पूर्व जस्टिस का बड़ा फैसला, PM फंड में देंगे ₹1 करोड़

    3 साल में 8,788 मामलों का फैसला देने वाले पूर्व जस्टिस का बड़ा फैसला, PM फंड में देंगे ₹1 करोड़

    जबलपुर
     मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह ने रिटायरमेंट के दिन अपने फैसले से सभी को भावुक कर दिया है। फेयरवेल स्पीच के दौरान उन्होंने मंच से घोषणा की है कि जीपीएफ के एक करोड़ एक लाख रुपए पीएम केयर्स फंड में डोनेट करेंगे। साथ ही मृत्यु के बाद समाज के लिए हमारा देह दान कर दें।

    36 सालों की सेवा के बाद हुए रिटायर
    जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह 36 सालों की सेवा के बाद न्यायिक सेवा से रिटायर हुए हैं। वह देश में अलग-अलग जगहों पर जज की भूमिका में रहे हैं। कई अहम केसों में फैसले भी सुनाए हैं। रिटायरमेंट के दिन अपने फैसले से वह चर्चा में आ गए हैं।

    जीवन की कमाई और देहदान का लिया फैसला
    रिटायरमेंट के दिन फेयरवेल स्पीच में जस्टिस अवीनंद्र कुमार सिंह ने कहा कि मैं अपने जीवन की कमाई और निधन के बाद देह को समाज को समर्पित करना चाहता हूं। साथ ही कहा कि अपने लिए जिए तो क्या जिए। उनकी बातों को सुनकर फेयरवेल में मौजूद लोग भावुक हो गए।

    पति-पत्नी ने काराया पंजीयन
    रिटायरमेंट के दिन जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह ने कहा कि मैं और मेरी पत्नी ने जबलपुर मेडिकल कॉलेज में दो दिन पहले ही देहदान के लिए पंजीयन करवाया है। इस शरीर ने जीवन भर न्यायिक दायित्व को निभाया है। अब यह शरीर किसी भावी चिकित्सक के ज्ञान का माध्यम बने।

    1.01 करोड़ रुपए दान करने की घोषणा
    देहदान के संकल्प के साथ जस्टिस सिंह ने अपनी जीवनभर की कमाई से जुड़ा एक और बड़ा फैसला लिया। उन्होंने अपने जीपीएफ की 1 करोड़ 1 लाख रुपए की राशि प्रधानमंत्री केयर्स फंड में दान करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जीवनभर की न्यायिक सेवा से अर्जित धन का उपयोग जरूरतमंदों और समाज के लिए होना चाहिए। रिटायरमेंट के दिन फेयरवेल कार्यक्रम में उनके इस फैसले की खास तौर चर्चा पर रही।

    36 साल का रहा न्यायिक सफर
    जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह ने वर्ष 1990 में सिविल जज के रूप में न्यायिक सेवा की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने न्यायिक सेवा में अलग-अलग पदों पर जिम्मेदारियां निभाईं और कई महत्वपूर्ण मामलों में फैसले सुनाए। मई 2023 में उन्होंने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के जज के रूप में शपथ ली थी। करीब तीन साल तक हाईकोर्ट में न्यायाधीश के रूप में सेवाएं देने के बाद 17 सितंबर 2026 को वे सेवानिवृत्त हुए। उनके रिटायरमेंट के बाद मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में जजों की संख्या 38 रह गई है।

    पीएम केयर्स फंड में दी राशि
    देहदान के साथ ही उन्होंने एक और बड़ा फैसला लिया है। एक करोड़ एक लाख रुपए की राशि प्रधानमंत्री केयर्स फंड में दान करने की घोषणा की है। जीवनभर की न्यायिक सेवा से अर्जित धन जरूरतमंदों और समाज के लिए समर्पित है।

    कौन हैं जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह
    जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह का लंबा न्यायिक अनुभव रहा है। 1990 में उन्होंने सिविल जज के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। 1990 से उनका यह सफर जारी रहा। मई 2023 में उन्होंने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में जज के रूप में शपथ ली। 17 सितंबर 2026 को वह एमपी हाईकोर्ट से रिटायर हो गए। उन्हें दोपहर साढ़े तीन बजे फुल कोर्ट फेयरवेल दिया गया। उनके रिटायरमेंट के बाद एमपी हाईकोर्ट में जजों की संख्या 38 रह गई है।

     

  • सेवा संकल्प अभियान: गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में जले 2 लाख दीप, विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची के आतिथ्य में हुआ आयोजन

    सेवा संकल्प अभियान: गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में जले 2 लाख दीप, विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची के आतिथ्य में हुआ आयोजन

    सेवा संकल्प अभियान के शुभारंभ पर जीपीएम में प्रज्वलित हुए आशीर्वाद के दो लाख दीप

    जिला स्तरीय कार्यक्रम में 11 हजार दीपों से जगमगाया मल्टीपर्पस स्कूल मैदान

    विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची के मुख्य आतिथ्य में हुआ मंचीय कार्यक्रम

    रायपुर
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष की सेवा, समर्पण और संघर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित ‘सेवा संकल्प अभियान’ के शुभारंभ अवसर पर आज गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के तहत दो लाख दीप प्रज्वलित किए गए। जिला स्तरीय कार्यक्रम मल्टीपर्पस स्कूल मैदान, पेंड्रा में आयोजित हुआ, जहां 11 हजार दीपों के सामूहिक प्रज्वलन से पूरा परिसर जगमगा उठा। दीप प्रज्वलित कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद व्यक्त किया गया।

    जिले में दीप प्रज्वलन का यह आयोजन केवल जिला मुख्यालय तक सीमित नहीं रहा। दुर्गा सरोवर पेंड्रा सहित सभी अमृत सरोवरों, ग्राम पंचायतों, ग्रामीण आजीविका मिशन के महिला स्व-सहायता समूहों, प्रधानमंत्री आवास योजना एवं महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों तथा विभिन्न शासकीय कार्यालयों और संस्थाओं में भी दीप प्रज्वलित किए गए। जिलेभर में आयोजित सामूहिक दीप प्रज्वलन से सेवा, समर्पण और जनभागीदारी का संदेश प्रसारित हुआ।

    विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची के मुख्य आतिथ्य में हुआ मंचीय कार्यक्रम

    दीप प्रज्वलन के उपरांत मल्टीपर्पस स्कूल पेंड्रा के असेम्बली हॉल में जिला प्रशासन द्वारा मंचीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार 25 वर्षों से मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में सेवा, समर्पण एवं संघर्ष के साथ देश की सेवा कर रहे हैं। मोदी जनकल्याण और राष्ट्रसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं। वे जिस कार्य को ठान लेते हैं, उसे मिशन मोड में पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध रहते हैं।

    विधायक मरपच्ची ने कहा कि आज पूरा देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सम्मान में आशीर्वाद के दीप प्रज्वलित कर उन्हें शुभकामनाएं दे रहा है। यह आयोजन उनके सार्वजनिक जीवन की सेवा यात्रा के प्रति जनभावनाओं की अभिव्यक्ति है।

    नुक्कड़ नाटक के माध्यम से प्रदर्शित की गईं 25 वर्षों की उपलब्धियां

    कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चों द्वारा नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। नाटक के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के विगत 25 वर्षों में किए गए विभिन्न कार्यों एवं महत्वपूर्ण पहलों को रचनात्मक रूप में प्रदर्शित किया गया। अंतरिक्ष मिशन, सर्जिकल स्ट्राइक, डिजिटल इंडिया सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और पहलों को प्रस्तुति के माध्यम से दर्शाया गया।

    इस अवसर पर मुख्य अतिथि विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची ने उपस्थित लोगों को स्वच्छता की शपथ दिलाई तथा स्वच्छता के प्रति जागरूकता और जनसहभागिता का संदेश दिया।

    जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं जिलेवासियों की सहभागिता

    कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष सुसमीरा पैकरा, उपाध्यक्ष राजा उपेंद्र बहादुर सिंह, कलेक्टर विजय दयाराम के., पुलिस अधीक्षक मनोज खिलाड़ी, डीएफओ कुमार निशांत, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकेश रावटे सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं जिलेवासी उपस्थित रहे।

    जिलेभर में आयोजित दीप प्रज्वलन कार्यक्रम में विभिन्न विभागों, संस्थाओं, महिला स्व-सहायता समूहों, हितग्राहियों एवं आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। सामूहिक रूप से प्रज्वलित दो लाख दीपों ने जिले में सेवा, समर्पण, सहभागिता और शुभकामनाओं का संदेश दिया।

  • किसानों के लिए बड़ा आयोजन, PAU किसान मेले में प्रोग्रेसिव किसान होंगे सम्मानित; ये रहेगी थीम

    किसानों के लिए बड़ा आयोजन, PAU किसान मेले में प्रोग्रेसिव किसान होंगे सम्मानित; ये रहेगी थीम

    चंडीगढ़ 
    पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी में आज से दो दिन का बड़ा किसान मेला शुरू हो रहा है। 18 और 19 सितंबर को लगने वाले इस मेले में पंजाब और आसपास के राज्यों से हजारों किसानों के पहुंचने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री भगवंत मान आज दोपहर 12 बजे मेले का उद्घाटन करेंगे। 

    इस दौरान सीएम राज्य के आगे बढ़कर खेती करने वाले (प्रोग्रेसिव) किसानों को सम्मानित करेंगे। इसके साथ ही वे किसानों को सरकार की नई योजनाओं और नीतियों की जानकारी भी देंगे। उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री PAU में लगाए गए अलग-अलग स्टॉलों को भी देखने जाएंगे।

    PAU प्रशासन ने इस बार मेले का मुख्य संदेश ‘वैज्ञानिक खेती अपनाएं, कृषि आय बढ़ाएं’ रखा है। इसका मकसद किसानों को पुरानी और पारंपरिक खेती से निकालकर नई तकनीकों की तरफ ले जाना है, जिससे खेती की लागत कम हो और कमाई बढ़ सके। मेले में यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक सीधे किसानों से बात करेंगे। वे फसलों की नई किस्मों, सही बीजों और खेती के नए तरीकों के बारे में जानकारी देंगे।

    एग्रीवोल्टिक्स तकनीक से कम जमीन में ज्यादा फायदा रिसर्च डायरेक्टर डॉ. ए.एस. ढट्ट ने बताया कि पंजाब में फसलों की पैदावार बहुत अच्छी है। उन्होंने बताया कि एग्रीवोल्टिक्स तकनीक के तहत एक ही जमीन पर सोलर पैनल (सौर ऊर्जा) लगाकर बिजली भी बनाई जा सकती है और नीचे खेती भी की जा सकती है। इससे जमीन का बेहतर इस्तेमाल होगा।

    मिट्टी की सेहत और पराली का इस्तेमाल डॉ. एम.एस. भुल्लर ने कहा कि पंजाब की मिट्टी ने सालों से पूरे देश का पेट भरा है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वे पहले मिट्टी की जांच करवाएं, खाद और पानी का सही इस्तेमाल करें, पराली को जलाने के बजाय काम में लाएं और केवल एक फसल पर निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग तरह की खेती करें।

    किसान और PAU का रिश्ता PAU के रजिस्ट्रार सुखजीत पाल सिंह ने कहा कि यह मेला किसानों के फायदे के लिए ही बनाया गया है। उन्होंने सभी किसानों, ग्रामीण महिलाओं और युवाओं को परिवार के साथ मेले में आने का न्योता दिया।