Author: NewseDay

  • चार बार टेंडर फिर भी नहीं लगे CCTV, झारखंड HC ने अधिकारियों को दी अवमानना की चेतावनी

    चार बार टेंडर फिर भी नहीं लगे CCTV, झारखंड HC ने अधिकारियों को दी अवमानना की चेतावनी

    रांची
    झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य के सभी पुलिस थानों में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के निर्देशों के बावजूद सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए जाने को गंभीरता से लेते हुए मुख्य सचिव, गृह सचिव और डीजीपी को शो कॉज नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है. चीफ जस्टिस एमएस सोनक की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान राज्य सरकार का पक्ष सुनने के बाद कड़ी नाराजगी जताई और कहा कि रिकॉर्ड से ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार अदालत के आदेशों का पालन करने के बजाय वास्तविक स्थिति छुपाकर टालमटोल का रवैया अपना रही है. मामले की अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को होगी.

    स्वत: संज्ञान से दर्ज हुई थी जनहित याचिका
    यह मामला ईचागढ़ पुलिस हिरासत में गिरफ्तार व्यक्ति को प्रताड़ित किए जाने की घटना से जुड़ा है, जिसे झारखंड हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका में तब्दील किया था. इसके बाद अदालत राज्यभर के पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देशों के अनुपालन की लगातार निगरानी कर रही है.

    कोर्ट ने सरकार की कार्यशैली पर उठाए सवाल
    सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद राज्य सरकार अपेक्षित कदम नहीं उठा सकी है. अदालत ने मौखिक रूप से टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि सरकार सीसीटीवी लगाने के मामले में आदेशों का पालन नहीं करना चाहती और अपने शपथ पत्रों में वास्तविक स्थिति छुपाकर मामले को टालने की कोशिश कर रही है.

    450 से अधिक हिरासत मौतों का किया जिक्र
    खंडपीठ ने कहा कि वर्ष 2018 के बाद से अब तक पुलिस हिरासत में मौत के 450 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं. इसके बावजूद पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. अदालत ने माना कि ऐसे मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सीसीटीवी व्यवस्था बेहद जरूरी है.

    चार बार टेंडर, फिर भी नहीं निकला समाधान
    अदालत ने यह भी कहा कि पुलिस थानों में सीसीटीवी लगाने के लिए चार बार टेंडर जारी किए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया. खंडपीठ ने डीजीपी द्वारा इस मामले की जिम्मेदारी गृह विभाग पर डालने को भी गैर-जिम्मेदाराना करार दिया.

    अवमानना की कार्रवाई का संकेत
    सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में मुख्य सचिव, गृह सचिव और डीजीपी के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू करना ही एक विकल्प नजर आता है. हालांकि, अदालत ने पहले तीनों वरिष्ठ अधिकारियों को अपना जवाब दाखिल करने का अवसर दिया है.

    पिछली सुनवाई में भी मिली थी चेतावनी
    इससे पहले हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने डीजीपी को नोटिस जारी कर पूछा था कि अदालत के आदेशों का पालन नहीं होने पर उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई क्यों नहीं शुरू की जाए. मौजूदा सुनवाई में डीजीपी स्वयं अदालत में उपस्थित रहीं. अब 15 अक्टूबर को होने वाली अगली सुनवाई में हाईकोर्ट अधिकारियों के जवाब और सीसीटीवी स्थापना की वास्तविक प्रगति की समीक्षा करेगा

  • वरुण विहार और नैमिष नगर योजना के किसानों ने सराहा मुआवजा प्रक्रिया को, बोले- पारदर्शिता से मिली धनराशि

    वरुण विहार और नैमिष नगर योजना के किसानों ने सराहा मुआवजा प्रक्रिया को, बोले- पारदर्शिता से मिली धनराशि

    लखनऊ

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की वरुण विहार एवं नैमिष नगर योजना के भूमि पूजन कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान योजना के लिए भूमि देने वाले किसानों और लाभार्थी परिवारों ने योगी सरकार की कार्यप्रणाली की सराहना की। किसानों ने एक स्वर में कहा कि उन्हें उनकी भूमि का मुआवजा पारदर्शी तरीके से मिला और प्राप्त धनराशि से उन्होंने दूसरी जगह जमीन खरीदने, मकान बनाने तथा बच्चों की पढ़ाई के लिए निवेश किया है। 

    रामदेई ने सीएम योगी का जताया आभार

    ग्राम दोना के मुलेश्वर सिंह ने बताया कि वरुण विहार योजना के अंतर्गत उनकी जमीन ली गई है, जिसे उन्होंने अपनी सर्वसम्मति से दिया है। मुआवजे के रूप में मिली राशि से उन्होंने अलग-अलग स्थानों पर जमीन खरीदी है। ग्राम रेवरी की रामदेई ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताते हुए कहा कि उनकी जमीन योजना में गई और उन्हें अच्छा मुआवजा मिला। उन्होंने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए सरकार के प्रति अपनी प्रसन्नता व्यक्त की।

    एक हेक्टेयर जमीन के बदले कमलेश को मिले 2.80 करोड़ रुपये

    ग्राम दोना के किसान कमलेश कुमार ने बताया कि उन्होंने वरुण विहार योजना के अंतर्गत अपनी एक हेक्टेयर जमीन सहमति से एलडीए को दी है। इसके बदले 2 करोड़ 80 लाख रुपये का मुआवजा मिला है। उन्होंने बताया कि इस धनराशि से उन्होंने उन्नाव जिले में जमीन खरीदी और अपना मकान बनवाया। कमलेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री की इस योजना से उनके क्षेत्र और गांव का भी विकास हो रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री को इसके लिए धन्यवाद दिया।

    नैमिष नगर के किसानों ने भी मुआवजा प्रक्रिया को बताया पारदर्शी

    बख्शी का तालाब निवासी सुषमा सिंह ने बताया कि कमलाबाद स्थित उनकी जमीन नैमिष नगर योजना के अंतर्गत एलडीए को दी गई। उन्होंने कहा कि उन्हें 2 करोड़ 90 लाख रुपये का मुआवजा पारदर्शिता के साथ प्राप्त हुआ है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया। 

    नमरा फातिमा को बिना कठिनाई के मिला मुआवजा

    नमरा फातिमा ने हाल ही में 12वीं कक्षा पास की है और नीट की तैयारी कर रही हैं। उन्होंने बताया कि नैमिष नगर में ग्राम सैदापुर स्थित उनकी जमीन एलडीए को दी गई। उन्हें 70 लाख 58 हजार रुपये एकमुश्त डीडी के माध्यम से प्राप्त हुए हैं। नमरा फातिमा ने बताया कि बिना किसी कठिनाई के मिली इस राशि से उन्होंने जमीन खरीदी है और भविष्य में यह धनराशि उनकी मेडिकल की पढ़ाई में काम आएगी। उन्होंने कहा कि इस योजना से क्षेत्र में रोजगार और आवासीय सुविधाओं का विस्तार होगा तथा क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी। 

    ओम प्रकाश अवस्थी ने मुआवजे से खरीदी 16 बीघे जमीन

    बक्शी का तालाब के ओम प्रकाश अवस्थी ने नैमिष नगर योजना के तहत अपनी करीब डेढ़ बीघे से अधिक जमीन दी है, जिसके बदले उन्हें 1 करोड़ 96 लाख रुपये मिले हैं। उन्होंने कहा कि मुआवजा प्राप्त करने की प्रक्रिया में उन्हें बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़े। ओम प्रकाश अवस्थी ने कहा कि संकल्प पत्र भरने के करीब 15 दिन बाद उन्हें फोन कर रजिस्ट्री के लिए बुलाया गया और इसके बाद डीडी के माध्यम से राशि प्राप्त हुई। अगले दिन पैसा उनके बैंक खाते में पहुंच गया। उन्होंने बताया कि मुआवजे से उन्होंने सीतापुर के बिसवां रोड पर 16 बीघे जमीन खरीदी है, बाकी पैसे को बैंक में जमा कर दिया है।

    उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की प्रक्रिया से उन्हें अपनी जमीन का बेहतर उपयोग करने का अवसर मिला। उन्होंने मुख्यमंत्री को धन्यवाद और आभार जताया।

  • कबाड़ से जुगाड़, स्मार्ट खेती से पारंपरिक शिल्प तक… भोपाल विज्ञान मेले में दिखी प्रतिभा और तकनीक की अनूठी झलक

    कबाड़ से जुगाड़, स्मार्ट खेती से पारंपरिक शिल्प तक… भोपाल विज्ञान मेले में दिखी प्रतिभा और तकनीक की अनूठी झलक

    भोपाल 

    13वें भोपाल विज्ञान मेले में आधुनिक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के नवाचारों के साथ प्रदेश की पारंपरिक कला, ग्रामीण तकनीक, हस्तशिल्प, कृषि नवाचार और स्थानीय संसाधनों पर आधारित आजीविका मॉडल एक ही मंच पर प्रदर्शित किए जा रहे हैं। मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा विज्ञान भारती एवं बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के सहयोग से 22 से 26 सितंबर तक बरकतउल्ला विश्वविद्यालय मैदान, भोपाल में आयोजित मेले में रूरल टेक्नोलॉजी पेवेलियन विशेष आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। यहां कारीगरों, किसानों, महिला समूहों, नवाचारियों, शैक्षणिक संस्थानों और गैर-सरकारी संगठनों द्वारा विकसित तकनीकों एवं उत्पादों का प्रदर्शन किया जा रहा है।

    विद्यार्थियों को प्रेरित कर रहे नवाचार

    डिंडौरी जिले के शहपुरा निवासी श्री शिवम साहू द्वारा विकसित ‘हैक दि रोबो’ ह्यूमनॉइड रोबोट विद्यार्थियों के लिए विशेष आकर्षण है। यह हिंदी, अंग्रेजी सहित विभिन्न भाषाओं में बातचीत करने में सक्षम है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित संवाद, कंप्यूटर विजन, चेहरा पहचानने, दृश्य समझने और ऑब्जेक्ट पहचानने जैसी क्षमताएं प्रदर्शित की जा रही हैं।

    रायसेन की विज्ञान लोकप्रियकरण एवं सामाजिक शोध संस्था द्वारा केप्लर के गति नियमों पर आधारित मॉडल प्रदर्शित किए गए हैं। इनके माध्यम से विद्यार्थियों को ग्रहों की गति और कक्षाओं से जुड़े वैज्ञानिक सिद्धांत प्रयोगात्मक तरीके से समझाए जा रहे हैं।

    भिंड के युवा नवाचारी श्री दीपक वर्मा द्वारा वर्ष 2022 में विकसित ‘सेफ विजन डिस्टेंस सेंसर’ भी प्रदर्शित किया गया है। मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग से आंखों पर पड़ने वाले प्रभाव को ध्यान में रखते हुए विकसित इस नवाचार को वर्ष 2024 में दिल्ली में आयोजित 11वें नेशनल लेवल एक्जीविशन एण्ड कॉम्पिटीशन में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा दीपक वर्मा को सम्मानित किया गया। वर्ष 2025 की 52वीं राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी में भी उनके नवाचार को सराहना मिली।

    कृषि और डेयरी के लिए तकनीकी समाधान

    मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, भोपाल के डॉ. राहुल एम. श्रीवास्तव एवं डॉ. मोहम्मद यासिर द्वारा विकसित ‘डेयरीशील्ड प्रो’ कम लागत वाला सैनिटाइजेशन उपकरण है। इसे डेयरी फार्मों में स्वच्छता और बेहतर वातावरण के उद्देश्य से विकसित किया गया है।

    हैंड्स अराउंड नेचर एण्ड सोसायटी (हैंस) द्वारा सेंसर आधारित मृदा परीक्षण किट और माइक्रो-वेदर स्टेशन के माध्यम से प्रिसिजन फार्मिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है। इन तकनीकों से किसान मृदा, मौसम, सिंचाई, उर्वरक और फसल प्रबंधन से जुड़े निर्णय वैज्ञानिक जानकारी के आधार पर ले सकते हैं। संस्था द्वारा मुरैना और सतना जिले के विभिन्न गांवों में किसानों के साथ कृषि आधारित गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

    मैकेनिकल वोटिंग मशीन का प्रदर्शन

    राजगढ़ जिले के पचोर निवासी 75 वर्षीय श्री रामप्रसाद विश्वकर्मा द्वारा विकसित प्योर मैकेनिकल वोटिंग मशीन (एमवीएम) का मेले में लाइव प्रदर्शन किया जा रहा है। आविष्कारक के अनुसार करीब 14 वर्षों के शोध, डिजाइन एवं प्रयोग के बाद इसका प्रोटोटाइप तैयार हुआ। वर्ष 2024 में भारत सरकार के पेटेंट कार्यालय से इसे पेटेंट प्राप्त हुआ। वर्तमान में यह प्रोटोटाइप एवं प्रदर्शन स्तर पर है।

    भोपाल की रेवा एसोसिएट्स द्वारा विकसित स्वयं-सफाई वाली पानी की टंकी भी प्रदर्शित की गई है। इसके ढलानदार निचले हिस्से और ड्रेन वाल्व के माध्यम से पानी के साथ तलछट को बाहर निकालने की व्यवस्था की गई है। बालाघाट में लाख प्रसंस्करण से निकलने वाले अपशिष्ट से ‘भूमिप्लस टी-4’ जैविक मृदा सुधारक विकसित किया गया है। परियोजना को मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद से तकनीकी सहयोग प्राप्त हुआ है।

    कबाड़ से जुगाड़ और प्रयोग आधारित शिक्षा

    सेवानिवृत्त श्री देवेन्द्र प्रकाश तिवारी कबाड़, धातु, प्लास्टिक और ई-वेस्ट से तकनीकी उपकरणों, वाहनों, वाद्य यंत्रों और अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़े मिनिएचर मॉडल तैयार करते हैं। वर्ष 2024 में ‘कबाड़ से जुगाड़ प्रतियोगिता’ में उन्हें प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ था।

    एसटीईएम लर्निंग सोसायटी द्वारा स्थानीय सामग्री से कम लागत वाली हैंड्स-ऑन लर्निंग आधारित एसटीईएम एवं गणितीय शिक्षण सामग्री प्रदर्शित की गई है। गतिविधि आधारित मॉडल और एसटीईएम/टीएलएम किट्स के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रयोग के जरिए सीखने का अवसर दिया जा रहा है। पहल का मूल विचार है—‘प्रयोगशाला बच्चे तक नहीं, प्रयोग बच्चे के हाथ तक पहुंचे।’

    पारंपरिक शिल्प और स्थानीय संसाधनों को मंच

    आशा–एड एंड सर्वाइवल ऑफ हैंडीक्राफ्ट आर्टिसंस द्वारा सतपुड़ा अंचल की छीपा हाथ ठप्पा छपाई कला के संरक्षण और संवर्धन का कार्य किया जा रहा है। शिवपुरी के बदरवास की महिलाओं द्वारा खादी, ऊनी एवं सूती कपड़ों से पारंपरिक परिधान और हस्तनिर्मित उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं।

    भोपाल के शिल्पकार श्री लखन कुमार प्रजापति द्वारा मिट्टी से 150 से अधिक प्रकार की कलाकृतियां प्रदर्शित की गई हैं। बुधनी के कारीगर श्री करन शर्मा द्वारा लकड़ी के पारंपरिक खिलौने और श्योपुर के वरिष्ठ खराद शिल्पी श्री निसार अहमद द्वारा पारंपरिक खराद कला का प्रदर्शन किया गया है।

    बुरहानपुर में महिलाओं द्वारा केले के तने से रेशा निकालकर उपयोगी एवं हस्तनिर्मित उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। भोपाल की कॉमन विकास जन सेवा समिति द्वारा सिसल फाइबर निकालने की मशीन प्रदर्शित की गई है। इन पहलों में स्थानीय संसाधनों के उपयोग के साथ रोजगार एवं आजीविका के अवसर विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।

    पर्यावरण संरक्षण और वैज्ञानिक खेती की पहल

    नर्मदा समग्र न्यास द्वारा आईआईटी जोधपुर के सहयोग से अलीराजपुर के दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों के लिए जी-फिल्टर तकनीक प्रदर्शित की गई है। यह कम लागत वाला गुरुत्वाकर्षण आधारित सिरेमिक जल फिल्टर है, जिसके लिए बिजली या बाहरी दबाव की आवश्यकता नहीं होती। स्वानंद गोविज्ञान, सौसर द्वारा गोबर से निर्मित उपयोगी एवं सजावटी उत्पाद भी प्रदर्शित किए गए हैं।

    कृषि विज्ञान केन्द्र, नकतरा, रायसेन द्वारा ऑन-फार्म परीक्षण, किसान प्रशिक्षण, फ्रंटलाइन प्रदर्शन, महिला स्व-सहायता समूहों का मार्गदर्शन और कृषि प्रदर्शनियों सहित विभिन्न गतिविधियों का प्रदर्शन किया गया है। इनके माध्यम से किसानों तक वैज्ञानिक तकनीकों एवं उन्नत कृषि पद्धतियों की जानकारी पहुंचाई जा रही है।

    विज्ञान के नवाचारों से रूबरू हो रहे विद्यार्थी और आमजन

    विज्ञान मेले में आधुनिक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के साथ पारंपरिक कला, ग्रामीण तकनीक, हस्तशिल्प, कृषि नवाचार और स्थानीय संसाधनों पर आधारित आजीविका मॉडल प्रदर्शित किए जा रहे हैं। विभिन्न स्टॉलों पर विद्यार्थी और आमजन मॉडल, उत्पाद एवं प्रत्यक्ष प्रदर्शनों के माध्यम से नवाचारों की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। मेले का उद्देश्य विज्ञान को आमजन के जीवन से जोड़ने के साथ प्रदेश की स्थानीय प्रतिभाओं, नवाचारों और पारंपरिक ज्ञान को मंच प्रदान करना है।।

     

  • महिला पुलिसकर्मियों के बच्चों की सुविधा को बढ़ावा, पुलिस पब्लिक स्कूल में शुरू हुआ वात्सल्य झूलाघर

    महिला पुलिसकर्मियों के बच्चों की सुविधा को बढ़ावा, पुलिस पब्लिक स्कूल में शुरू हुआ वात्सल्य झूलाघर

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अपने अधिकारियों एवं कर्मचारियों की पारिवारिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पुलिस पब्लिक स्कूल, नेहरू नगर में महिला पुलिस कर्मियों के छोटे बच्चों की देखभाल के लिए 60 बच्चों की क्षमता वाले नवनिर्मित वात्सल्य झूलाघर (डे-केयर सेंटर) का पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा द्वारा शुभारंभ किया गया। झूलाघर की सुविधा से ड्यूटी के दौरान छोटे बच्चों की देखभाल को लेकर पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को सुविधा एवं राहत मिलेगी।

    इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा ने कहा कि पुलिस विभाग में महिला आरक्षक, महिला सब इंस्पेक्टर, डीएसपी सहित विभिन्न रैंक पर महिला अधिकारी एवं कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रही हैं। वर्तमान समय में पति-पत्नी दोनों के नौकरीपेशा होने की स्थिति भी सामान्य है। पहले संयुक्त परिवार व्यवस्था में दादा-दादी अथवा परिवार के अन्य सदस्य बच्चों की देखभाल कर लेते थे, लेकिन बदलते समय में नौकरी के लिए परिवार से बाहर रहना पड़ता है। ऐसे में छोटे बच्चों की देखभाल एक महत्वपूर्ण आवश्यकता है।

    उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के छोटे बच्चों की उचित देखभाल बहुत जरूरी है, ताकि वे निश्चिंत होकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकें। पुलिस सेवा की प्रकृति ऐसी है कि कई बार लंबी अवधि तक ड्यूटी करनी पड़ती है, देर रात तक ड्यूटी रहती है तथा त्योहारों के अवसर पर भी पुलिसकर्मियों को अपने दायित्वों का निर्वहन करना पड़ता है। ऐसी परिस्थितियों में झूलाघर जैसी सुविधा बच्चों की देखभाल सुनिश्चित करने के साथ ही पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपनी ड्यूटी पर बेहतर ढंग से ध्यान केंद्रित करने में सहयोग करेगी। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि बच्चों की देखभाल की समुचित व्यवस्था पुलिस परिवारों के लिए महत्वपूर्ण सुविधा है। इससे विशेष रूप से महिला पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों और व्यावसायिक दायित्वों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर सकेंगी।

    झूलाघर के शुभारंभ अवसर पर विशेष पुलिस महानिदेशक  अनिल कुमार, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक  जयदीप प्रसाद, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक  डी. निवास वर्मा, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक  सोलोमन यश कुमार मिंज, भोपाल पुलिस आयुक्त  संजय कुमार, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त  मोनिका शुक्ला, पीएसओ टू डीजीपी डॉ. विनीत कपूर, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त  शैलेन्द्र सिंह चौहान सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

    इसी अवसर पर पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के परिवारों के लिए गरबा कार्यक्रम के आयोजन को लेकर बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें कार्यक्रम की तैयारियों एवं अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में चर्चा की गई।

     

     

  • मिनीमाता महतारी जतन योजना: रेजा मजदूरी से बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की राह पर सुनीता

    मिनीमाता महतारी जतन योजना: रेजा मजदूरी से बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की राह पर सुनीता

    ​रायपुर

     दैनिक मजदूरी के बूते परिवार चला रही एक माँ के लिए बच्चों के बेहतर कल का सपना देखना आसान नहीं होता। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम उच्च मिट्ठी की निवासी सुनीता साहू के लिए भी हर दिन का संघर्ष यही था—सीमित आय में बच्चों की देखभाल और पोषण की चिंता। लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार की 'मिनीमाता महतारी जतन योजना' ने इस श्रमिक परिवार की चिंता को एक नए आत्मविश्वास और उम्मीद में बदल दिया है।

    ​मेहनत-मजदूरी के बीच पोषण और देखभाल की चुनौती

     सुनीता साहू पेशे से रेजा मजदूर हैं। रोज़ कुदाल-तगाड़ी उठाकर पसीना बहाने के बाद मिलने वाली दिहाड़ी से ही उनके घर का चूल्हा जलता था। सीमित संसाधनों के बीच बच्चों के उचित खान-पान, कपड़ों और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी जरूरतों को पूरा करना उनके लिए हमेशा एक बड़ी आर्थिक चुनौती बनी रहती थी।

    ​20 हजार रुपए की सहायता से मिला संबल

     श्रम विभाग की 'मिनीमाता महतारी जतन योजना' सुनीता के जीवन में एक बड़ा संबल बनकर आई। योजना के तहत उनके बैंक खाते में सीधे 20 हजार रुपए की सहायता राशि हस्तांतरित की गई। यह राशि सिर्फ एक वित्तीय मदद नहीं, बल्कि संकट के समय में उस माँ के हाथों को मिला वह सहारा थी, जिससे उन्होंने अपने बच्चों के पोषण और दैनिक देखभाल से जुड़ी आवश्यकताओं को बिना किसी तनाव के पूरा किया।

    ​चिंता से आगे, भरोसे का सफर

    सुनीता बताती हैं कि एक श्रमिक परिवार के लिए कठिन समय में मिली यह सीधी सहायता कितनी मायने रखती है। अब वे अपने बच्चों का पालन-पोषण पहले से कहीं अधिक बेहतर और आत्मविश्वासपूर्ण तरीके से कर पा रही हैं। शासन की इस योजना ने उन्हें यह भरोसा दिया है कि आर्थिक अभाव अब उनके बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की राह में बाधा नहीं बनेगा।​मिनीमाता महतारी जतन योजना ने सुनीता जैसे हजारों श्रमिक परिवारों के दैनिक संघर्षों को कम कर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने और उनके बच्चों के कल को संवारने का सशक्त कार्य किया है।

  • बिहार के दो वायरल वीडियो पर पुलिस मुख्यालय का खुलासा, समस्तीपुर में केस दर्ज; मधेपुरा में विवाद था

    बिहार के दो वायरल वीडियो पर पुलिस मुख्यालय का खुलासा, समस्तीपुर में केस दर्ज; मधेपुरा में विवाद था

     समस्तीपुर
    बिहार में जमुई जिले के बाद समस्तीपुर में लड़की से हैवानियत का वीडियो सामने आने के बाद अब राज्य में महिलाओं की सुरक्षा सवालों के कटघरे में है। अब समस्तीपुर और मधेपुरा में छात्रा से छेड़खानी के वायरल वीडियो के मामले में बिहार पुलिस मुख्यालय ने अपनी सफाई दी है। पुलिस मुख्यालय की तरफ से बताया गया है कि समस्तीपुर का वायरल वीडियो करीब एक सप्ताह पुराना है। तत्काल पीड़िता की पहचान स्थापित नहीं हो पाने तथा घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस पदाधिकारी के बयान के आधार पर ही बीएनएस, पॉक्सो एवं आईटी एक्ट की सुसंगत धाराओं में 24 सितंबर को कर्पूरीग्राम थाना में केस दर्ज किया गया है। कांड में संलिप्त सभी अभियुक्तों की पहचान करते हुए सूचना मिलने के छह घंटे के भीतर ही कांड में सम्मिलित सभी चार अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

    इनकी पहचान समस्तीपुर के कर्पूरीग्राम थाना अंतर्गत जगतसिंहपुर गांव के विकास कुमार, राहुल कुमार, रामबाबू सहनी और बिजौलिया गांव के अवधेश पासवान के रूप में हुई है। पीड़िता प्रथम दृष्टया नाबालिग बताई जा रही है। समस्तीपुर पुलिस ने पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले अथवा पीड़िता के लिए मानसिक एवं सामाजिक क्षति पहुंचाने वाले पोस्ट और कंटेंट सोशल मीडिया पर शेयर करने से बचने की अपील की है।

    मधेपुरा में क्या हुआ था, पुलिस ने बताया
    वहीं, मधेपुरा के उदाकिशुनगंज में उदा स्कूल के बाहर वायरल वीडियो पर भी पुलिस मुख्यालय ने स्थिति स्पष्ट की है। सत्यापन में पता चला है कि वायरल वीडियो 22 सितंबर का उदा उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, उदाकिशुनगंज के बाहर का है। उक्त विद्यालय में अर्द्धवार्षिक परीक्षा का संचालन हो रहा था। प्रथम पाली की परीक्षा समाप्ति के बाद जब छात्र-छात्राएं स्कूल से बाहर निकलकर अपने घर जा रहे थे तो रास्ते में स्कूल के बाहर सड़क पर एक लड़का मोटरसाइकिल लगाकर खड़ा था।

    स्कूल के किसी छात्रा से मिलने आने के संदेह होने पर स्कूल के नाबालिग छात्रों के द्वारा पूछताछ किया जा रहा था। इसी क्रम में स्कूल के अन्य छात्र-छात्राएं वहां पर आ गये और आपस में बहस करते हुए विवाद करने लगे। इस बात की सूचना पर स्कूल के शिक्षक भी वहां आ गये और सभी छात्र-छात्राओं को समझा-बुझाकर वहां से हटा दिये। इस बहसा-बहसी के दौरान छेड़खानी या कोई अप्रिय घटना घटित नहीं हुई है। वीडियो में दिख रहे सभी नाबालिग बच्चे को चिन्हित कर लिया गया है एवं उनके परिजनों को नोटिस दिया गया है। जेजे एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।

  • अपहरण कांड में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, साजिश में शामिल 4 आरोपी गिरफ्तार

    अपहरण कांड में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, साजिश में शामिल 4 आरोपी गिरफ्तार

    भोपाल

    रीवा में ढाई वर्षीय मासूम बालिका के अपहरण की सूचना मिलते ही मध्यप्रदेश पुलिस ने संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्रवाई करते हुए महज 6 घंटे के भीतर करीब 100 किलोमीटर दूर सीधी जिले के एक दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र से बालिका को सकुशल दस्तयाब कर लिया। पुलिस टीम ने बालिका को सुरक्षित उसके परिजनों को सौंपते हुए अपहरण की घटना में शामिल 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मासूम की सकुशल वापसी के लिए पुलिस टीम ने रात में ही लगातार सर्चिंग, घेराबंदी और समन्वित कार्रवाई करते हुए अभियान चलाया।

    सूचना मिलते ही सक्रिय हुआ पुलिस तंत्र

    23 सितम्बर रात्रि करीब 8:30 बजे बालिका के परिजन द्वारा थाना समान में रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि उनकी ढाई वर्षीय बालिका घर पर नहीं है तथा आसपास संभावित स्थानों पर तलाश के बाद भी उसका पता नहीं चल सका। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना समान में अपराध पंजीबद्ध कर तत्काल पुलिस टीम सक्रिय की गई। पुलिस द्वारा मुखबिर तंत्र को सक्रिय करने के साथ ही सीसीटीवी फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया गया। तकनीकी एवं मैदानी स्तर पर प्राप्त सुरागों के आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई। पूछताछ में सामने आया कि बालिका को आंगनवाड़ी केंद्र से बोरी में रखकर दोपहिया वाहन से सीधी जिले की ओर ले जाया गया था।

    रातभर चला सर्च ऑपरेशन, सीधी से सकुशल मिली मासूम

    घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में थाना समान की टीम ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। पुलिस टीम ने रीवा से करीब 100 किलोमीटर दूर सीधी जिले के शिकारगंज के आगे स्थित दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र तक पहुंचकर लगातार तलाशी और घेराबंदी की। रात में चलाए गए इस सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने बालिका को सकुशल दस्तयाब कर लिया। बालिका को सुरक्षित रीवा लाकर परिजनों के सुपुर्द किया गया। वहीं पुलिस ने घटना में शामिल 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनसे घटना के संबंध में पूछताछ की जा रही है। मध्यप्रदेश पुलिस की यह कार्रवाई मासूम बालिका की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सूचना मिलते ही त्वरित पुलिस रिस्पॉन्स, तकनीकी साक्ष्यों के उपयोग, मैदानी स्तर पर सतत प्रयास और टीमवर्क का उदाहरण है।

     

  • हरियाणा भाजपा में बड़ा संगठनात्मक बदलाव, स्मृति ईरानी को मिली प्रभारी की जिम्मेदारी

    हरियाणा भाजपा में बड़ा संगठनात्मक बदलाव, स्मृति ईरानी को मिली प्रभारी की जिम्मेदारी

     चंडीगढ़
     भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने हरियाणा के संगठन की कमान पूर्व केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय महामंत्री स्मृति ईरानी को सौंपकर केवल प्रभारी नहीं बदला है, बल्कि राज्य संगठन के लिए एक ऐसा चेहरा चुना है, जिसके पास सत्ता, संगठन और जनसंपर्क, तीनों स्तरों का बड़ा अनुभव हासिल है।

    भाजपा ने उन्हें हरियाणा के साथ छत्तीसगढ़ का प्रभारी नियुक्त कर उनकी संगठन क्षमता और नेतृत्व पर भरोसा जताया है। स्मृति ईरानी के सामने सबसे बड़ी चुनौती साल 2029 में होने वाले विधानसभा चुनाव में चौथी बार भाजपा सरकार की वापसी कराने की होगी।

    कैसी रहेगी स्मृति ईरानी की भूमिका
    हरियाणा में भाजपा लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के बाद अब संगठन को केवल चुनावी मशीनरी के रूप में नहीं, बल्कि अगले राजनीतिक चक्र की तैयारी करने वाले ढांचे के रूप में मजबूत करना चाहेगी।

    ऐसे में स्मृति ईरानी की भूमिका सरकार और संगठन के बीच बेहतर संवाद, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और जमीनी फीडबैक को ऊपर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण हो सकती है।

    उनकी सार्वजनिक राजनीतिक शैली और राष्ट्रीय स्तर पर संवाद का अनुभव पार्टी को हरियाणा के मुद्दों को व्यापक राजनीतिक दृष्टिकोण (नैरेटिव) से जोड़ने में मदद दे सकता है।
    स्मृति ईरानी का भाजपा संगठन से जुड़ाव केवल केंद्रीय मंत्री या राष्ट्रीय महामंत्री बनने तक सीमित नहीं रहा है।

    वह भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सदस्य, महाराष्ट्र भाजपा युवा मोर्चा की उपाध्यक्ष, महाराष्ट्र भाजपा की प्रदेश सचिव, भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। इसी साल अगस्त में उन्हें भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया है।

    ऐसे में उन्हें संगठन चलाने का व्यापक और लंबा अनुभव हासिल है, जिसका लाभ हरियाणा भाजपा को मिलने की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता।

    हरियाणा भाजपा के लिए स्मृति ईरानी की नियुक्ति की वास्तविक अहमियत इसी में होगी कि वह संगठन को केवल चुनाव के समय सक्रिय होने वाली संरचना से आगे ले जाकर लगातार संवाद करने वाले राजनीतिक संगठन में कितना बदल पाती हैं।

    उनकी राष्ट्रीय पहचान पहले से मौजूद है। अब परीक्षा हरियाणा की स्थानीय राजनीतिक बारीकियों को समझकर उस पहचान को संगठनात्मक परिणाम में बदलने की होगी।
    महिला नेतृत्व का हरियाणा कनेक्ट और संगठन के सामने असली कसौटी

    पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के महिला मोर्चा के राष्ट्रीय नेतृत्व का अनुभव हरियाणा के लिए अलग तरह का अवसर पैदा करने वाला होगा।

    हरियाणा में महिला मतदाताओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने, महिला कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर अधिक प्रभावी भूमिका देने और महिलाओं से जुड़े स्थानीय मुद्दों को संगठन के एजेंडे में प्रमुखता देने की दिशा में भाजपा उनके अनुभव का लाभ उठाने का कोई मौका नहीं चूकेगी।

    महिला एवं बाल विकास मंत्रालय संभालने के दौरान भी उन्हें देशभर में महिला और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर काम करने का प्रशासनिक अनुभव मिला था।

    स्मृति ईरानी के सामने चुनौतियां भी कम नहीं
    हरियाणा भाजपा की प्रभारी स्मृति ईरानी के सामने चुनौतियां भी कम नहीं होंगी। संगठन में सरकार और कार्यकर्ताओं के बीच संवाद को लगातार सक्रिय रखना, स्थानीय नेताओं के बीच बेहतर समन्वय, बूथ स्तर तक संगठन की ऊर्जा बनाए रखना और युवाओं तथा महिलाओं को पार्टी की अगली पंक्ति में अधिक जगह देना ऐसी बड़ी कसौटियां होंगी, जिन पर उनकी परीक्षा होने वाली है।

    हालिया संगठनात्मक बदलाव के बाद प्रदेश अध्यक्ष बदले जाने और प्रभारी की नई जिम्मेदारी आने से टीम के भीतर भूमिकाओं और प्राथमिकताओं का तालमेल भी महत्वपूर्ण रहने वाला है।

    दिल्ली की राजनीति के अनुभव का मिलेगा हरियाणा को फायदा
    स्मृति ईरानी अपने अनुभव का सबसे प्रभावी इस्तेमाल हरियाणा में बखूबी कर सकती हैं। दिल्ली के राजनीतिक अनुभव को हरियाणा, राजधानी चंडीगढ़ और जिलों की जमीनी राजनीति से जोड़कर चलना उनके लिए आसान होगा।

    राष्ट्रीय मुद्दों की भाषा को हरियाणा के स्थानीय सरोकारों में बदलना, कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद की व्यवस्था बनाना और संगठन के भीतर फीडबैक की ऐसी प्रणाली तैयार करना, जिसमें फैसले केवल ऊपर से नीचे न आएं, बल्कि नीचे से ऊपर भी जाएं, यह उनके कार्यकाल की दिशा तय करेगा।

  • राजनीतिक दलों के सामने EVM गोदाम की जांच, कलेक्टर ने SOP और सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा की

    राजनीतिक दलों के सामने EVM गोदाम की जांच, कलेक्टर ने SOP और सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा की

     भोपाल

     ईवीएम गोदाम का कलेक्टर व जिला निर्वाचन अधिकारी प्रियंक मिश्रा ने गुरुवार को निरीक्षण कर सुरक्षा और व्यवस्थाएं देखीं। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के पालन की समीक्षा की।

    इस दौरान गोदाम की त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी सर्विलांस, सीलिंग प्रक्रिया और ईवीएम के सुरक्षित रखरखाव की बारीकी से जांच की गई।
    सुरक्षा प्रोटोकाल का पालन करने के दिए निर्देश

    कलेक्टर ने अधिकारियों को सुरक्षा प्रोटोकाल और आयोग के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से संवाद करते हुए कहा कि ईवीएम की सुरक्षा और निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी निर्धारित व्यवस्थाओं का पालन किया जा रहा है।

    जिला प्रशासन स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी निर्वाचन कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

     

  • लखनऊ को मिलेंगी नई आवासीय योजनाएं, ₹12 हजार करोड़ से वरुण विहार-नैमिष नगर का विकास

    लखनऊ को मिलेंगी नई आवासीय योजनाएं, ₹12 हजार करोड़ से वरुण विहार-नैमिष नगर का विकास

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार सुबह बारिश होने के बावजूद ‘जनता दर्शन’ किया। दूरदराज से आए लोगों से फरियादियों से गोरखनाथ मंदिर में मुलाकात कर सीएम योगी ने उन्हें कार्रवाई का भरोसा दिलाया। जमीन कब्जे की शिकायत पर सीएम योगी ने सख्ती दिखाई। उन्होंने तुरंत अधिकारियों को निर्देशित किया कि जमीन कब्जामुक्त कराने के साथ जबरन कब्जा करने वालों को कड़ा कानूनी सबक सिखाया जाए।

    बारिश की वजह से मुख्यमंत्री के निर्देश पर लोगों की सुविधा के लिए जनता दर्शन का आयोजन गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में किया गया। इस दौरान सीएम योगी ने करीब 200 लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को उनका समाधान करने का निर्देश दिया। कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक पहुंचकर मुख्यमंत्री ने उनकी पीड़ा जानी और आश्वस्त किया कि सभी की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर पीड़ित व्यक्ति की समस्या पर संवेदनशीलता से ध्यान दें और तत्परता से उसका समयबद्ध व पारदर्शी निस्तारण कराएं।

    इलाज के लिए मिलेगी पर्याप्त राशि
    जनता दर्शन में शिकायत लेकर पहुंचीं कुछ महिलाओं ने उनकी जमीन जबरन कब्जा कर लिए जाने की शिकायत की। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि यदि किसी दबंग ने किसी गरीब की जमीन हड़पी है तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। जमीन अवैध याया जबरन कब्जे से मुक्त होनी चाहिए। हर बार की तरह जनता दर्शन में कुछ लोग गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक मदद की गुहार लेकर पहुंचे थे। ऐसे मामलों में सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इलाज में अस्पताल के एस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द पूर्ण कराकर शासन में भेजें। मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से इलाज के लिए पर्याप्त राशि दी जाएगी।

    लखनऊ के विस्तार को मिलेगी गति
    वहीं दूसरी ओर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, लखनऊ के नियोजित विस्तार और नागरिकों के अपने स्थायी घर के सपने को साकार करने की दिशा में गुरुवार को एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। सीएम ने एक्स पर लिखा, 10,680 एकड़ क्षेत्रफल में 12,000 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जा रही वरुण विहार और नैमिष नगर आवासीय योजनाओं का शिलान्यास किया जाएगा। इसके साथ ही इन योजनाओं के तहत भूखंडों के पंजीकरण का शुभारंभ भी होगा। इस अवसर पर 2,166 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित पांच बहुमंजिला आवासीय परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी जाएगी। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विकसित शहर, सुविधाजनक जीवन और सुरक्षित आवास 'नए उत्तर प्रदेश' में 'नए लखनऊ' की पहचान बन रहे हैं। सरकार का उद्देश्य राजधानी के नियोजित विस्तार के साथ नागरिकों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराना और उनके अपने स्थायी घर के सपने को साकार करने की दिशा में काम करना है। मुख्यमंत्री के अनुसार, वरुण विहार और नैमिष नगर योजनाओं के विकास तथा प्रस्तावित बहुमंजिला आवासीय परियोजनाओं से लखनऊ के विस्तार को नई दिशा मिलेगी। इन पहलों को राजधानी में आवासीय सुविधाओं के विस्तार और नियोजित शहरी विकास से जोड़कर देखा जा रहा है।