Author: NewseDay

  • जोशना चिनप्पा का छठा एशियन गेम्स मेडल, मिक्स्ड डबल्स में कांस्य

    जोशना चिनप्पा का छठा एशियन गेम्स मेडल, मिक्स्ड डबल्स में कांस्य

    नई दिल्ली
    जापान के नागोया किंजो फुटो एरिना में खेले जा रहे एशियन गेम्स 2026 के स्क्वैश इवेंट में भारत ने मेडल अपने नाम किया है। भारत की अनुभवी खिलाड़ी जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार की जोड़ी को मिक्स्ड डबल्स के बेहद रोमांचक सेमीफाइनल मुकाबले में हांगकांग की तांग मिंग हांग और ली का यी की जोड़ी से हार झेलनी पड़ी। इस हार के बाद भारतीय जोड़ी को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। हालांकि उन्होंन यहां तक का जो सफर तय किया वह काफी गर्व का विषय है।

    10-11 पर थमा सांस रोक देने वाला मुकाबला
    तीन गेम तक चले इस हाई-वोल्टेज सेमीफाइनल मुकाबले में हांगकांग की जोड़ी ने 2-1 (11-10, 2-11, 11-10) से जीत दर्ज की। पहले गेम को हांगकांग की जोड़ी ने बेहद करीबी मुकाबले में 11-10 से अपने नाम किया। दूसरे गेम में जोशना और सेंथिलकुमार ने धमाकेदार वापसी करते हुए विरोधी जोड़ी को 11-2 से करारी शिकस्त दी और मैच 1-1 की बराबरी पर ला खड़ा किया। तीसरे और आखिरी गेम में दोनों जोड़ियों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। 10-10 की बराबरी के बाद अंतिम लम्हों में जोशना से हुई एक छोटी सी चूक का फायदा उठाकर हांगकांग ने 11-10 से बाजी मार ली और फाइनल का टिकट कटा लिया।

    जोशना चिनप्पा के नाम दर्ज हुआ छठा एशियन गेम्स मेडल
    40 वर्षीय स्टार स्क्वैश खिलाड़ी जोशना चिनप्पा का एशियन गेम्स के इतिहास में यह छठा पदक है। इससे पहले वे एशियाई खेलों में दो सिल्वर और तीन ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम कर चुकी थीं। इस ब्रॉन्ज मेडल के साथ उन्होंने एशियाई मंच पर अपनी महानता को एक बार फिर साबित कर दिया है। भारतीय जोड़ी ने शुक्रवार को फिलीपींस के डेविड पेलिनो और जेमिका अरिबाडो को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी और देश के लिए मेडल पक्का किया था।

  • डीजीपी राजीव कृष्ण बोले- आजमगढ़ पुलिस ने कठिन परिस्थितियों में धैर्य, साहस के साथ दिखाई संवेदनशीलता

    डीजीपी राजीव कृष्ण बोले- आजमगढ़ पुलिस ने कठिन परिस्थितियों में धैर्य, साहस के साथ दिखाई संवेदनशीलता

    आजमगढ़: योगी सरकार की पुलिस की संवेदनशील पहल, अनाथ हुए बच्चों को जिले के सभी पुलिसकर्मी अपने वेतन से देंगे सहायता

    एसएसपी डॉ. अनिल कुमार एक महीने का और सभी पुलिसकर्मी एक दिन का वेतन सहायता के रूप में देंगे
     
    आजमगढ़ पुलिस ने संवेदनशील मिशन में बचाई दो बच्चियों की जान, मदद के लिए सामने आया पूरा विभाग

    डीजीपी राजीव कृष्ण बोले- आजमगढ़ पुलिस ने कठिन परिस्थितियों में धैर्य, साहस के साथ दिखाई संवेदनशीलता

    लखनऊ/आजमगढ़
    योगी सरकार में उत्तर प्रदेश पुलिस की पेशेवर दक्षता के साथ उसका मानवीय चेहरा भी सामने आया। आजमगढ़ के बड़े रेस्क्यू मिशन में पुलिस ने करीब 7-8 घंटे चले संवेदनशील ऑपरेशन के बाद दो मासूम बच्चियों की जान बचाई। अब पुलिस परिवार उनके सुरक्षित भविष्य के लिए भी आगे आया है। एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने अपने एक महीने और पुलिसकर्मी ने एक दिन का वेतन बच्चियों के भविष्य के लिए देने का एलान किया है। यह राशि दोनों बच्चियों के नाम एफडी के रूप में जमा कराई जाएगी। वहीं डीजीपी राजीव कृष्ण ने आजमगढ़ पुलिस की सूझबूझ भरी कार्रवाई और मानवीय पहलू की सराहना की है।

    शिक्षा और मानसिक स्वास्थ्य में भी सहयोग
    यूपी पुलिस के मुताबिक, घटना में अरविंद, उनकी पत्नी और 9 वर्षीय पुत्र की मृत्यु के बाद परिवार में वृद्ध माता और दो बच्चियां रह गई हैं। दोनों बच्चियां फिलहाल अपने परिजनों के साथ स्वस्थ और सकुशल हैं। पुलिस उनके शिक्षा और पालन-पोषण में हरसंभव सहयोग कर रही है। घटना से हुए मानसिक आघात को देखते हुए 11 वर्षीय बच्ची के लिए चाइल्ड साइकेट्रिस्ट से परामर्श और आवश्यक मनोवैज्ञानिक सहयोग की व्यवस्था भी की जा रही है।

    मृतकों के परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ
    पुलिस के मुताबिक घटना में जान गंवाने वाले धर्मेंद्र पाठक और अखिलेश मिश्रा के परिजनों को पात्रतानुसार सरकारी सहायता दिलाने के लिए एसएसपी ने जिलाधिकारी से बात की। पुलिस आवश्यक जानकारी और बैंक खातों का विवरण लेकर जिला प्रशासन के माध्यम से सहायता दिलाने में सहयोग करेगी। दोनों परिवारों को राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत पात्रतानुसार आर्थिक सहायता दिलाने की कार्रवाई भी की जा रही है।
    इसके साथ ही दोनों बच्चियों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत पात्रतानुसार सहायता दिलाने व वृद्ध माता को वृद्धावस्था पेंशन और अन्य पात्र सदस्यों को संबंधित कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए जिला प्रशासन से समन्वय किया गया है।

    हत्याओं के बाद करीब 8 घंटे तक बच्चों के कैद कर बैठा था अरविंद
    यूपी पुलिस के मुताबिक 22/23 सितंबर 2026 की रात आजमगढ़ के थाना आहरौला क्षेत्रांतर्गत ग्राम शम्भूपुर में तीन व्यक्तियों की हत्या के बाद आरोपी अरविंद अपने तीन बच्चों एवं लाइसेंसी रिवॉल्वर के साथ एक कमरे में बंद हो गया था। बच्चों की जान को खतरा देखते हुए पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन की रणनीति तैयार की। करीब 7–8 घंटे तक लगातार बातचीत के बाद आरोपी को आत्मसमर्पण करने व बच्चों को सुरक्षित बाहर भेजने के लिए कहा गया। इस दौरान आपात स्थिति के लिए एटीएस भी मौके पर मौजूद थी। इसी बीच देर रात कमरे के अंदर गोली चलने की आवाज आई, जिसे सुनते ही बच्चों की जान पर बचाने के लिए एसएसपी आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार, एसओजी प्रभारी संजय सिंह एवं आरक्षी प्रदीप दरवाजा तोड़कर कमरे में गए। पुलिस को देखते ही आरोपी ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने दोनों बच्चियों को किसी तरह सकुशल बाहर निकाला। हालांकि 9 वर्षीय शौर्य को उसके पिता द्वारा चलाई गई गोली गई थी। पुलिस ने उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम एवं बैलिस्टिक रिपोर्ट से भी पुष्टि हुई कि बच्चे को उसके पिता की रिवॉल्वर से चलाई गई गोली लगी थी।

    डीजीपी ने की आजमगढ़ पुलिस की सराहना
    डीजीपी राजीव कृष्ण ने आजमगढ़ पुलिस द्वारा दो मासूम बच्चियों को सुरक्षित बचाने और घटना के बाद प्रभावित परिवारों को मानवीय सहायता उपलब्ध कराने की सराहना की है। उन्होंने कहा कि आजमगढ़ पुलिस ने कठिन परिस्थितियों में धैर्य, साहस और कुशल फील्ड क्राफ्ट का परिचय देने के साथ प्रभावित परिवारों के प्रति मानवीय संवेदनशीलता भी दिखाई है। पुलिस का दायित्व केवल अपराध पर नियंत्रण और नागरिकों की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि संकट के समय में जरूरतमंदों के साथ खड़े रहना और उन्हें दोबारा सामान्य जीवन की ओर बढ़ने में सहयोग देना भी है।

  • युवा नीति संवाद में उमड़ा जोश, 800 से अधिक युवाओं ने लिया हिस्सा

    युवा नीति संवाद में उमड़ा जोश, 800 से अधिक युवाओं ने लिया हिस्सा

    फिरोजाबाद में गूंजी युवाओं की आवाज़, 'युवा नीति संवाद' में 800 से अधिक युवाओं ने की सशक्त भागीदारी

    – होप संस्था के आयोजन में शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास पर हुआ गहरा मंथन

    – युवाओं को केवल योजनाओं का लाभार्थी नहीं, बल्कि नीति-निर्माण में सक्रिय भागीदार बनने का आह्वान

    – मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना और राज्य युवा आयोग के जरिए युवाओं को सशक्त बनाने पर जोर

    – संवाद में युवाओं ने बेबाकी से रखी राय, कहा- लोकतंत्र में हमारी आवाज़ भी है अहम

    फिरोजाबाद
     'होप संस्था' (हाउस ऑफ पॉलिटिकल एम्पावरमेंट) के द्वारा शिकोहाबाद स्थित आराध्या गार्डन में "युवा नीति संवाद- उत्तर प्रदेश (डिकोडिंग द ग्रासरूट्स)" का भव्य आयोजन किया गया। 'चर्चा, विचार-विमर्श और विकास' की थीम पर आधारित इस महासंवाद में 800 से अधिक युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। "ज़मीनी स्तर की बातचीत से एक मज़बूत उत्तर प्रदेश की ओर" की मूल भावना के साथ आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नीति, विकास और लोकतांत्रिक चर्चा के केंद्र में लाना था। संवाद के दौरान शिक्षा, रोज़गार, कौशल विकास, उद्यमिता, तकनीक, सामाजिक सुरक्षा और स्थानीय विकास जैसे अहम विषयों पर युवाओं ने अपनी नीतिगत प्राथमिकताओं पर खुलकर मंथन किया।

    युवा केवल लाभार्थी नहीं, लोकतंत्र के सक्रिय भागीदार
    कार्यक्रम में प्रमुख वक्ता के रूप में दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रवक्ता होप संस्था के संस्थापक डॉ. दिग्विजय सिंह, हंसराज कॉलेज दिल्ली में प्रवक्ता डॉ. प्रभांशु ओझा, आदर्श कृष्ण कॉलेज, शिकोहाबाद के पूर्व प्राचार्य प्रो. मौकम सिंह, शिकोहाबाद के पालीवाल कॉलेज में प्रवक्ता डॉ. एमपी सिंह, अधिवक्ता राहुल यादव और पर्यावरणविद् दीपक गौरी ने शिरकत की।वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि युवाओं को केवल सरकारी योजनाओं के लाभार्थी तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि नीति-निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए। विविध सामाजिक- आर्थिक पृष्ठभूमि से आए युवाओं को विभिन्न सरकारी नीतियों, योजनाओं और विकास कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही इन योजनाओं के प्रभाव और जमीनी स्तर पर इन्हें लागू करने में आ रही चुनौतियों की पहचान की गई। आयोजकों ने आश्वस्त किया कि इस संवाद से प्राप्त सुझावों को नीति-निर्माण से जुड़े संबंधित मंचों और सरकार तक पहुंचाया जाएगा।

    नए भारत के निर्माण के सपने में युवाओं की अहम भूमिका
    प्रवक्ता डॉ. प्रभांशु ओझा ने कहा कि समाज में कोई भी नई क्रांति और रचनात्मकता युवाओं की ही देन है। राजनैतिक जागरूकता के बिना अन्य सभी जागरूकताएं अधूरी हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नए भारत के निर्माण के सपने में युवाओं की अहम भूमिका है। सरकार की मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना का लाभ उठाकर गांव- देहात के युवा भी यूपीएससी जैसी परीक्षाएं पास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में राज्य युवा आयोग की स्थापना की घोषणा की है, जो युवाओं की दिशा बदलने में एक बड़ा कदम साबित होगा।

    सकारात्मक बदलाव और नीतियों पर संवाद जरूरी
    होप संस्था के संस्थापक डॉ. दिग्विजय सिंह ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि संस्था का सीधा प्रयास उत्तर प्रदेश के युवाओं की आकांक्षाओं को सरकार तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि समाज में दो तरह की विचारधाराएं हैं- एक सकारात्मक जो अवसर खोजकर निर्माण कर रही है, और दूसरी नकारात्मक जो युवाओं को भटकाकर सड़क पर लाना चाहती है। बदलाव प्रकृति का नियम है। बिना नीतिगत बहस के किसी भी समाधान का निकलना संभव नहीं है। कृषि चौपाल के बाद अब अगले तीन महीनों तक पूरे प्रदेश में युवाओं की बात सरकार तक पहुंचाने का यह अभियान जारी रहेगा।

    वर्तमान में जिएं और पहले इच्छाशक्ति जगाएं
    आदर्श कृष्ण कॉलेज, शिकोहाबाद के पूर्व प्राचार्य प्रो. मौकम सिंह ने युवाओं का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि आज का युवा असमंजस की स्थिति में है। सफलता उसे मिलती है जो भूत या भविष्य को छोड़कर वर्तमान में जीकर मेहनत करता है। उन्होंने युवाओं को 'डिजायर एंड देन डिजर्व' का मंत्र देते हुए कहा कि पहले अपने अंदर लक्ष्य का बीज बोएं, फिर उसके अनुरूप कर्म करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि सबसे बड़ी सफलता अभाव से ही निकलती है; देश में सबसे ज्यादा आईएएस और आईपीएस ग्रामीण और अभावग्रस्त पृष्ठभूमि से ही आते हैं।

    युवाओं की बेबाक राय: संवाद से मिला नया मार्ग
    इस सार्थक पहल पर कार्यक्रम में शामिल युवाओं ने बेबाकी से अपनी राय रखी। स्थानीय युवा विशाल यादव ने कहा कि इस संवाद ने ज़मीनी हकीकत और राष्ट्रीय नीतियों के बीच सीधा सेतु बनाने का काम किया है, जिससे हमारी सोच को सही दिशा मिली है। विनय यादव ने बताया कि इस कार्यक्रम से हमने समझा कि नीतियां कैसे काम करती हैं। आज हमें अपनी शिक्षा और रोजगार से जुड़ी ज़मीनी समस्याओं को खुलकर रखने का एक बेहतरीन मंच मिला।

    यश यादव ने कहा कि मुझे यहां स्वरोजगार और कौशल विकास से जुड़ी सरकारी योजनाओं की गहराई से जानकारी मिली। ऐसे संवाद से आगे बढ़ने का सही रास्ता मिलता है। वहीं मयंक यादव ने कहा कि हमेशा हम सिर्फ सुनते थे, लेकिन आज हमें अपनी चुनौतियां बताने का अवसर मिला। यह साबित करता है कि हमारी आवाज़ भी नीति-निर्माण का हिस्सा होनी चाहिए। शीलेंद्र यादव ने कहा कि 'युवा सोच, मज़बूत लोकतंत्र' का नारा आज सच होता दिखा। लोकतंत्र में हमारी भागीदारी सिर्फ वोट देने तक सीमित नहीं है, नीतियों पर चर्चा करना भी उतना ही जरूरी है।

    कार्यक्रम में मंच संचालन आशुतोष यादव, हिमांशु द्विवेदी ने किया। उत्सव कुमार राय, नयन, आर्यन आदि का सफल आयोजन में विशेष सहयोग रहा।

  • योगी सरकार का सुरक्षा प्लान तैयार, ट्रेड शो बना अभेद्य दुर्ग, PAC की 7 कंपनियां तैनात

    योगी सरकार का सुरक्षा प्लान तैयार, ट्रेड शो बना अभेद्य दुर्ग, PAC की 7 कंपनियां तैनात

    सुरक्षा पर योगी सरकार का पूरा फोकस, अभेद्य दुर्ग बना इंटरनेशनल ट्रेड शो

    पीएसी की सात कंपनियां और 3,000 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की तैनाती

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और सीएम योगी के आगमन पर सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम

    रूट, हेलीपैड, प्रवेश द्वार, गैलरी और हॉल के साथ आसपास के प्रमुख मार्गों, ऊंची इमारतों और संवेदनशील स्थानों पर भी सख्त पहरा

    आउटर-इनर कॉर्डन से लेकर एंटी-ड्रोन और ट्रैफिक व्यवस्था तक रही सक्रिय

    ग्रेटर नोएडा
    उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस)-2026 के उद्घाटन के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन को देखते हुए इंटरनेशनल ट्रेड शो परिसर और उसके आसपास सुरक्षा का अभेद्य दुर्ग बना रहा। सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 3,000 से अधिक पुलिसकर्मियों के साथ पीएसी की सात कंपनियां तैनात रहीं। रूट से लेकर हेलीपैड, प्रवेश द्वार, गैलरी और हॉल तक पुलिस की नजर रही। आसपास के प्रमुख मार्गों, ऊंची इमारतों और संवेदनशील स्थानों को भी सुरक्षा घेरे में रखा गया। आउटर-इनर कॉर्डन से लेकर एंटी-ड्रोन, एंटी-डेमो और ट्रैफिक व्यवस्था तक सुरक्षा का पूरा तंत्र सक्रिय रहा। यूपीआईटीएस का चौथा संस्करण 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित हो रहा है, जिसे लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

    बाहर से भीतर तक सुरक्षा की कई परतें

    ज्वाइंट सीपी राजीव नारायण मिश्रा ने बताया कि पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के नेतृत्व में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। सुरक्षा व्यवस्था की पहली परत आउटर कॉर्डन रही। इसके तहत कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने वाले प्रमुख मार्गों के साथ रिंग रोड, अंडरपास, वेंडिंग जोन और मेट्रो स्टेशन जैसे स्थानों पर पुलिस की ड्यूटी रही। हाईराइज इमारतों पर रूफटॉप निगरानी के साथ मॉल, ओवरब्रिज पर भी सुरक्षा व्यवस्था सख्त रही। कार्यक्रम स्थल के आसपास बाहर से आने वाले प्रमुख रास्तों और ऊंची जगहों पर पुलिस की नजर रही।

    प्रवेश द्वार से हॉल तक कड़ा पहरा

    सुरक्षा की दूसरी परत इनर कॉर्डन रही। इसके तहत इंटरनेशनल ट्रेड शो के आंतरिक प्रवेश द्वार, गैलरी और हॉल को सुरक्षा घेरे में रखा गया। गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवागमन वाले मार्गों पर भी विशेष पुलिस ड्यूटी रही। कार्यक्रम स्थल के भीतर प्रवेश व्यवस्था और वीआईपी मूवमेंट पर लगातार निगरानी रखी गई।

    हेलीपैड और कार्यक्रम स्थल अलग सुरक्षा घेरे में

    आइसोलेशन कॉर्डन के तहत हेलीपैड और मुख्य कार्यक्रम स्थल को अलग सुरक्षा घेरे में रखा गया। यहां आवागमन और प्रवेश व्यवस्था की निगरानी के साथ सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा गया। इस तरह वीआईपी मूवमेंट वाले प्रमुख हिस्सों को सुरक्षा की अलग परत में रखा गया।

    बॉर्डर चेकिंग से एंटी-ड्रोन तक रही निगरानी

    जिला स्तरीय आंतरिक सुरक्षा प्लान के तहत बॉर्डर चेकिंग, रूट ड्यूटी, रूफटॉप निगरानी और एंटी-ड्रोन ड्यूटी भी रही। किसी संभावित प्रदर्शन या व्यवधान से निपटने के लिए एंटी-डेमो टीमों को भी जिम्मेदारी दी गई। वहीं वीआईपी मूवमेंट के दौरान यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए ट्रैफिक व्यवस्था भी सुरक्षा प्लान के साथ सक्रिय रही।

    परी चौक से सेक्टर-14 तक एंटी-डेमो टीमें

    एंटी-डेमो व्यवस्था के तहत परी चौक, सूरजपुर, महामाया फ्लाईओवर और सेक्टर-14 समेत चिन्हित स्थानों पर टीमों की ड्यूटी रही। इन टीमों को किसी संभावित प्रदर्शन या अप्रत्याशित स्थिति में तत्काल पुलिस प्रतिक्रिया के लिए जिम्मेदारी सौंपी गई।

    सेफ हाउस और सेफ हॉस्पिटल की भी व्यवस्था

    सुरक्षा प्लान में सेफ हाउस और सेफ हॉस्पिटल की व्यवस्था भी शामिल रही। आपात स्थिति में सुरक्षित स्थान और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए संबंधित व्यवस्थाएं रहीं।

    ज्वाइंट सीपी राजीव नारायण मिश्रा ने बताया कि कार्यक्रम स्थल के आसपास बाहर से आने वाले हर संभावित रास्ते और ऊंची जगहों पर सुरक्षा कड़ी रखी गई। सुरक्षा व्यवस्था का फोकस केवल आयोजन स्थल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आसपास के क्षेत्रों और वीआईपी मूवमेंट वाले मार्गों तक इसका विस्तार रहा।
    यूपीआईटीएस जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के साथ यातायात प्रबंधन भी अहम रहा। योगी सरकार की ओर से आयोजन से पहले सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, ट्रैफिक, पार्किंग और भीड़ प्रबंधन को लेकर व्यापक इंतजाम किया गया।

  • उत्तर प्रदेश सबसे बड़ा राज्य होने के साथ ही बड़ा बाजार, युवा मानव संसाधन, उर्वरा भूमि और पर्याप्त जल संसाधनों वाला प्रदेश: सीएम योगी

    उत्तर प्रदेश सबसे बड़ा राज्य होने के साथ ही बड़ा बाजार, युवा मानव संसाधन, उर्वरा भूमि और पर्याप्त जल संसाधनों वाला प्रदेश: सीएम योगी

    पार्टनर कंट्रीज के प्रतिनिधियों से सीएम योगी ने की राउंड टेबल मीटिंग

    मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग, डिफेंस, फार्मा, मेडिकल डिवाइस, कृषि, मशीनरी और वुड टेक्नोलॉजी में निवेश का दिया न्योता

    पार्टनर कंट्रीज के प्रतिनिधियों के साथ उत्तर प्रदेश में निवेश और कारोबार की संभावनाओं पर कि विस्तार से चर्चा

    उत्तर प्रदेश सबसे बड़ा राज्य होने के साथ ही बड़ा बाजार, युवा मानव संसाधन, उर्वरा भूमि और पर्याप्त जल संसाधनों वाला प्रदेश: सीएम योगी

    ग्रेटर नोएडा,
     उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो के शुभारंभ के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को पार्टनर कंट्रीज के प्रतिनिधियों के साथ राउंड टेबल मीटिंग कर उत्तर प्रदेश में निवेश और कारोबार की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। पार्टनर कंट्रीज सिंगापुर, वियतनाम, रूस, बेलारूस, जापान और ऑस्ट्रिया के प्रतिनिधियों के साथ मुख्यमंत्री ने प्रदेश की औद्योगिक क्षमता, निवेश के अवसर और विभिन्न सेक्टरों में उपलब्ध संभावनाओं को साझा किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य होने के साथ ही बड़ा बाजार, युवा मानव संसाधन, उर्वरा भूमि और पर्याप्त जल संसाधनों वाला प्रदेश है। ऐसे में पार्टनर देशों की कंपनियों के लिए यहां निवेश और कारोबार विस्तार की व्यापक संभावनाएं हैं।

    वियतनाम की कंपनियों को एविएशन सेक्टर में निवेश का अवसर

    वियतनाम के डेलिगेशन के साथ चर्चा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वियतनामी कंपनियों के लिए उत्तर प्रदेश में निवेश की अच्छी संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री ने वियतनाम की कंपनियों को यमुना एक्सप्रेसवे अथॉरिटी क्षेत्र में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट फंक्शनल करने में सफलता मिली है और शीघ्र ही यहां से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन शुरू होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने प्रस्ताव रखा कि लखनऊ, वाराणसी और नोएडा से हनोई तथा वियतनाम के अन्य प्रमुख शहरों के लिए सीधी हवाई सेवा शुरू होने से दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों के साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में पार्टनर कंट्री के रूप में शामिल होने के लिए वियतनाम के प्रतिनिधिमंडल का आभार व्यक्त किया।

    रूस की कंपनियों को डिफेंस, फार्मा और मेडिकल डिवाइस सेक्टर में निवेश का न्योता

    रूसी प्रतिनिधिमंडल के साथ राउंड टेबल मीटिंग में मुख्यमंत्री ने रूसी संघ के बिजनेस कमिश्नर को उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में पार्टनर कंट्री के रूप में शामिल होने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि रूस की ओर से जिन मुद्दों पर ध्यान आकर्षित किया गया है, उत्तर प्रदेश सरकार उन सुझावों से सहमत है और दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में काम किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य है और यहां करीब 25 करोड़ की आबादी निवास करती है। प्रदेश में भारत का डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर स्थापित हो रहा है। रूस की कंपनियां पहले से ही उत्तर प्रदेश में अपनी इकाइयां स्थापित कर रही हैं। लखनऊ नोड में ब्रह्मोस की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने कानपुर में भी रूसी डिफेंस कंपनियों को अपनी इकाइयां स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि रूस की एके-203 राइफल का निर्माण भी उत्तर प्रदेश में हो रहा है। यह रूस की कंपनियों के लिए प्रदेश में उपलब्ध अवसरों का उदाहरण है और उन्हें इन अवसरों का लाभ उठाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने फार्मा और मेडिकल डिवाइस सेक्टर को भी रूस के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया। उन्होंने कहा कि नोएडा एयरपोर्ट के पास मेडिकल डिवाइस पार्क विकसित किया जा रहा है, जहां रूसी निवेशक निवेश के साथ अपने रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर स्थापित कर सकते हैं। बुंदेलखंड क्षेत्र में भी फार्मा पार्क विकसित किया जा रहा है। ललितपुर में बनने वाले बल्क ड्रग पार्क में भी रूस की कंपनियों को रिसर्च एंड डेवलपमेंट क्षेत्र में निवेश के लिए आमंत्रित किया गया।

    कृषि और फर्टिलाइजर सप्लाई चेन में सहयोग की बड़ी संभावनाएं

    मुख्यमंत्री ने कहा कि रूसी कंपनियों के लिए कृषि और फर्टिलाइजर की सप्लाई चेन भी महत्वपूर्ण क्षेत्र हो सकता है। उत्तर प्रदेश को भारत का फूड बास्केट बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में बड़ी मात्रा में उर्वरा भूमि और पर्याप्त जल संसाधन उपलब्ध हैं। कृषि आधारित उद्योग और फर्टिलाइजर सप्लाई चेन के क्षेत्र में दोनों पक्षों के बीच सहयोग की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश में एमएसएमई का बड़ा केंद्र है। प्रदेश में ऐसे प्लेटफॉर्म विकसित किए जा सकते हैं, जहां यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन से जुड़े देशों के साथ आर्थिक एवं व्यापारिक संवाद को आगे बढ़ाया जा सके। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो इस दिशा में एक महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म है, जहां विभिन्न देशों को उत्तर प्रदेश की औद्योगिक और निर्यात क्षमता को देखने-समझने का अवसर मिल रहा है।

    बेलारूस की एडवांस मशीनरी और ट्रैक्टर कंपनियों को यूपी में निवेश का न्योता

    बेलारूस के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में उनकी सहभागिता का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि चार वर्ष पहले शुरू की गई पहल के क्रम में बेलारूस ने इस बार भी अपने पवेलियन के माध्यम से उत्तर प्रदेश की औद्योगिक एवं विनिर्माण क्षमता को समझने का अवसर प्राप्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बेलारूस के लिए निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं। प्रदेश की बड़ी आबादी, उर्वरा भूमि और पर्याप्त जल संसाधन इसे कृषि एवं कृषि आधारित उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण बनाते हैं। उन्होंने बेलारूस की एडवांस और हेवी मशीनरी कंपनियों को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। विशेष रूप से बेलारूस की ट्रैक्टर कंपनियों को यहां असेंबलिंग यूनिट स्थापित करने का प्रस्ताव दिया।

    वुड टेक्नोलॉजी और ओडीओपी के बीच सहयोग की संभावनाएं

    मुख्यमंत्री ने बेलारूस के प्रतिनिधियों को उत्तर प्रदेश के वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) की ताकत से भी परिचित कराया। उन्होंने कहा कि सहारनपुर और बिजनौर जैसे जिलों में लकड़ी एवं उससे जुड़े उत्पादों की प्रोसेसिंग का बेहतरीन कार्य हो रहा है। यदि बेलारूस की आधुनिक वुड टेक्नोलॉजी को उत्तर प्रदेश के इन क्लस्टर्स से जोड़ा जाता है तो यहां के उत्पादों को वैश्विक बाजार में और मजबूत पहचान दिलाई जा सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की करीब 56 प्रतिशत आबादी युवा है। प्रदेश सरकार युवाओं की शिक्षा, कौशल विकास और तकनीकी प्रशिक्षण पर लगातार काम कर रही है। उत्तर प्रदेश में आईटी और तकनीकी संस्थानों की मजबूत व्यवस्था है। ऐसे में बेलारूस की कंपनियां प्रदेश में हेवी टेक्नोलॉजी से जुड़े तकनीकी संस्थान स्थापित कर सकती हैं और युवाओं को आधुनिक तकनीक के अनुरूप प्रशिक्षित करने में सहयोग कर सकती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश और बेलारूस मिलकर इन संभावनाओं को आगे बढ़ा सकते हैं। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो दोनों देशों के बीच व्यापार, तकनीक और निवेश के नए रास्ते खोलने का प्रभावी मंच बन रहा है।

    जापान के साथ आर्थिक एवं सांस्कृतिक सहयोग पर चर्चा

    मुख्यमंत्री ने भारत में जापान के राजदूत ओनो केइची और जेईटीआरओ इंडिया के चीफ डायरेक्टर जनरल दाइसाकु युकिता के साथ संवाद किया। बैठक में उत्तर प्रदेश-जापान सहयोग को आर्थिक विकास, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और निवेश प्रोत्साहन के क्षेत्र में और मजबूत करने पर चर्चा हुई। साथ ही, भारत और जापान की साझा बौद्ध विरासत के प्रतीक सारनाथ और नारा प्रीफेक्चर के बीच संबंधों को और गहरा करने पर भी विचार-विमर्श किया गया।

    सिंगापुर के साथ निवेश और आर्थिक साझेदारी को नई गति

    मुख्यमंत्री ने सिंगापुर के भारत में हाई कमिश्नर साइमन वोंग वी कुएन के नेतृत्व में आए सिंगापुर के प्रतिनिधिमंडल और प्रमुख निवेशकों के साथ भी संवाद किया। प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश सरकार और इन्वेस्ट यूपी की ओर से उत्तर प्रदेश-सिंगापुर आर्थिक एवं निवेश संबंधों को मजबूत करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। बैठक में प्रस्तावित सिंगापुर सिटी परियोजना की प्रगति पर भी चर्चा हुई। सिंगापुर सरकार ने इस महत्वपूर्ण परियोजना को आगे बढ़ाने और विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने में गहरी रुचि व्यक्त की।

    25 देशों के प्रतिनिधियों के साथ ग्रुप फोटो

    राउंड टेबल मीटिंग के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न पार्टनर देशों के प्रतिनिधियों के साथ ग्रुप फोटोशूट भी कराया। ट्रेड शो में विभिन्न देशों की सहभागिता को उत्तर प्रदेश की वैश्विक व्यापारिक और औद्योगिक पहुंच के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

  • बंगाल में किसानों को बड़ी राहत, बिजली सब्सिडी समेत 3 घोषणाएं

    बंगाल में किसानों को बड़ी राहत, बिजली सब्सिडी समेत 3 घोषणाएं

    कोलकाता

    पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने किसानों को तीन हड़ी सौगातें दी हैं। मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा कि उनकी सरकार राज्य के लगभग चार लाख किसानों को बिजली पर प्रति यूनिट दो रुपये की सब्सिडी देगी। इस सब्सिडी का मकसद किसानों को बिजली की बढ़ती लागत से राहत देना है। इसके साथ ही अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को मिलने वाली सम्मान निधि में भी इजाफा करने जा रही है।

    पूर्व बर्दवान जिले में एक प्रशासनिक समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा कि किसानों को पीएम-किसान योजना के तहत अब 6,000 रुपये के बजाय 9,000 रुपये की सहायता मिलेगी। तीसरे लाभ की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार वह सारा धान खरीदेगी जो किसान बेचना चाहते हैं, और इसके लिए उन्होंने 2,700 रुपये प्रति क्विंटल का न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित करने की घोषणा की।

    भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी होगी
    लगे हाथ उन्होंने राज्य की पिछली सरकार यानी ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार पर किसानों का उत्पीड़न करने का आरोप लगाया और कहा, "बिचौलियों या एजेंटों के लिए कोई जगह नहीं होगी। विधायक किसानों के अभिभावक के रूप में कार्य करेंगे।" अधिकारी ने यह भी दोहराया कि राज्य सरकार चालू वित्त वर्ष के दौरान एक लाख नौकरियां उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा, "भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी होगी।"

    अडानी आरोग्य मंदिर की आधारशिला
    एक दिन पहले गुरुवार को शुभेंदु अधिकारी ने कोलकाता के न्यू टाउन में गरीबों के लिए 2,000 बिस्तरों वाले अस्पताल की आधारशिला रखते हुए अडानी समूह से राज्य में और निवेश करने का आग्रह किया था और कहा कि यह समूह बंगाल के पुनर्निर्माण में अहम भूमिका निभा सकता है। मुख्यमंत्री ने भूमि पूजन के दौरान कहा, "अडानी आरोग्य मंदिर का निर्माण 51.75 एकड़ जमीन पर किया जायेगा और यह आर्थिक रूप से कमजोर रोगियों को मुफ़्त में 1,000 बेड उपलब्ध करायेगा।" उन्होंने इस परियोजना को राज्य के लिए एक मील का पत्थर करार दिया और कहा कि यह अस्पताल न्यू टाउन में स्वास्थ्य देखभाल शहर का केंद्र बनेगा।

    अधिकारी ने कहा, "यह बंगाल के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। देश में कहीं भी गरीबों के लिए ऐसी व्यवस्था नहीं है।" मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार के सत्ता में आने के बाद अस्पताल परियोजना तेज़ी से आगे बढ़ी है। उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री का कार्यभार संभालने के बाद करण अडानी मुझसे मिले। उन्होंने कहा कि वह न्यू टाउन में एक आधुनिक अस्पताल बनाना चाहते हैं। मैंने सहमति दे दी। गौतम अडानी की हरी झंडी मिलने के साथ ही कुछ ही महीनों के भीतर आधारशिला रखी गयी है।"

  • हाईकोर्ट से MPPSC अभ्यर्थियों को झटका, ₹25 हजार लेट फीस बरकरार

    हाईकोर्ट से MPPSC अभ्यर्थियों को झटका, ₹25 हजार लेट फीस बरकरार

    इंदौर
     मध्य प्रदेश लोकसेवा आयोग द्वारा ली जा रही 25 हजार रुपये लेट फीस को मप्र हाई कोर्ट ने सही ठहराया है। परीक्षा आवेदन में ली जाने वाली इस लेट फीस को चुनौती देने वाली याचिका हाई कोर्ट ने खारिज कर दी। यह याचिका मोहम्मद रिजवान ने दायर की थी। याचिकाकर्ता ने कहा कि 10 मार्च 2026 को सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी पद के लिए विज्ञापन जारी हुआ था।

    इसमें फार्म भरने की अंतिम तिथि आठ मई और शुल्क 500 रुपये तय था। नौ से 15 मई तक लेट फीस तीन हजार रुपये रखी गई और 16 मई से 23 सितंबर तक इसे बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दिया गया। याचिकाकर्ता का तर्क था कि इतनी अधिक लेट फीस आर्थिक आधार पर भेदभाव करती है। अत्यधिक शुल्क की वजह से वह फार्म नहीं भर पा रहा है।

    उम्मीदवार देर से आवेदन जमा करने से बचे
    याचिका के साथ राजस्थान, केरल और उप्र सहित अन्य आयोगों द्वारा ली जाने वाली अधिकतम फीस के नोटिफिकेशन भी प्रस्तुत किए गए। पीएससी की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता ने याचिका निरस्त करने की मांग की। उन्होंने कोर्ट को बताया कि आयोग ने जानबूझकर तीन हजार और 25 हजार रुपये की लेट फीस का प्रविधान किया है, ताकि उम्मीदवार देर से आवेदन जमा करने से बचें।

    दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने याचिका निरस्त कर दी। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता के पक्ष में कोई उचित आधार नहीं मिला। तय समय में आवेदन फार्म नहीं भरने का कोई ठोस कारण भी नहीं बताया गया। इसलिए बिना किसी ठोस आधार वाली इस याचिका को निरस्त किया जाता है।

     

  • त्योहारी सीजन में ट्रेन टिकटों की मारामारी, स्पेशल ट्रेनों की मांग

    त्योहारी सीजन में ट्रेन टिकटों की मारामारी, स्पेशल ट्रेनों की मांग

    चंडीगढ़ 

    दीपावली और छठ पर घर जाने की तैयारी कर रहे यूपी-बिहार के लोगों के लिए ट्रेन का टिकट मिलना अभी से चुनौती बन गया है। त्योहार में करीब एक महीने का समय बाकी है, लेकिन चंडीगढ़ और अंबाला से उत्तर प्रदेश-बिहार जाने वाली कई ट्रेनों में सीटें भर चुकी हैं। 

    चंडीगढ़, पंचकूला, मोहाली और आसपास रहने वाले बड़ी संख्या में लोग हर साल त्योहार पर अपने पैतृक गांव और शहर जाते हैं। इस बार नियमित ट्रेनों में सीट नहीं मिलने से यात्रियों को तत्काल टिकट, स्पेशल ट्रेन, बस या फ्लाइट का विकल्प तलाशना पड़ सकता है।

    चंडीगढ़ और अंबाला से यूपी-बिहार जाने वाली कई ट्रेनों में कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल हो गया है। गाड़ी संख्या 13152 में 12 नवंबर तक वेटिंग टिकट भी उपलब्ध नहीं है। चंडीगढ़ से वाराणसी जाने वाली गाड़ी संख्या 22356 में वेटिंग 135 तक पहुंच गई है।

    चंडीगढ़ से गोरखपुर और डिब्रूगढ़ जाने वाली गाड़ी संख्या 15904 में 353 की वेटिंग चल रही है। अंबाला से गोरखपुर होते हुए बिहार जाने वाली गाड़ी संख्या 13042 में भी 10 नवंबर तक वेटिंग टिकट उपलब्ध नहीं होने की जानकारी है।

    तत्काल टिकट पर निर्भर होने की नौबत त्योहार नजदीक आने के साथ ट्रेनों में भीड़ और बढ़ने की संभावना है। नियमित ट्रेनों में सीट नहीं मिलने पर यात्रियों को तत्काल टिकट या स्पेशल ट्रेनों पर निर्भर रहना पड़ सकता है। वहीं, टिकट नहीं मिलने पर सड़क या हवाई यात्रा का विकल्प भी चुनना पड़ सकता है।

    प्रमुख ट्रेनों में अतिरिक्त कोच लगाए जाएं पूर्वांचल चंडीगढ़ विकास मंच ने रेलवे से मांग की है कि त्योहारों से पहले चंडीगढ़ और अंबाला से यूपी-बिहार जाने वाली प्रमुख ट्रेनों में अतिरिक्त कोच लगाए जाएं। साथ ही यात्रियों की मांग को देखते हुए और स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएं, ताकि आखिरी समय में टिकट के लिए मारामारी न हो।

  • त्योहारी सीजन में रेलवे की सौगात, तिरुवनंतपुरम-मदार स्पेशल ट्रेन का ऐलान

    त्योहारी सीजन में रेलवे की सौगात, तिरुवनंतपुरम-मदार स्पेशल ट्रेन का ऐलान

    रतलाम 

    पश्चिम रेलवे द्वारा रेल यात्रियों की सुविधा तथा आगामी दुर्गा पूजा, दशहरा, दीपावली आदि त्योहारों के दौरान बढ़ती यात्रा मांग को ध्यान में रखते हुए रतलाम रेल मंडल के विभिन्न स्टेशनों से होकर तिरुवनंतपुरम सेंट्रल व मदार स्टेशनों के बीच साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी। विभिन्न स्टेशनों के साथ ही इस ट्रेन का रतलाम रेल मंडल के रतलाम, मंदसौर, नीमच और चित्तौड़गढ़ स्टेशनों पर भी ठहराव रहेगा।

    21 अक्टूबर से शुरू होगी तिरुवनंतपुरम-मदार स्पेशल ट्रेन
    रतलाम रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार के अनुसार, ट्रेन संख्या 06013 तिरुवनंतपुरम सेंट्रल-मदार स्पेशल ट्रेन 21 अक्टूबर से 25 नवंबर 2026 तक प्रत्येक बुधवार सुबह 7:45 बजे तिरुवनंतपुरम सेंट्रल स्टेशन से प्रस्थान कर रतलाम होते हुए शुक्रवार सुबह 11 बजे मदार स्टेशन पहुंचेगी। इस ट्रेन का रतलाम स्टेशन पर शुक्रवार रात 2:15/2:25 बजे, मंदसौर स्टेशन पर सुबह 4:05/4:07 बजे, नीमच स्टेशन पर सुबह 5:16/5:18 बजे और चित्तौड़गढ़ स्टेशन पर सुबह 6:30/6:40 बजे आगमन व प्रस्थान होगा। इसी प्रकार ट्रेन संख्या 06014 मदार-तिरुवनंतपुरम सेंट्रल स्पेशल ट्रेन 24 अक्टूबर से 28 नवंबर 2026 तक चलाई जाएगी। यह ट्रेन प्रत्येक शनिवार रात 9:40 बजे मदार से प्रस्थान कर प्रत्येक मंगलवार रात 12:45 बजे तिरुवनंतपुरम सेंट्रल स्टेशन पहुंचेगी। इस ट्रेन का रतलाम रेल मंडल के अंतर्गत प्रत्येक रविवार चित्तौड़गढ़ स्टेशन पर रात 2:20/2:25 बजे, नीमच स्टेशन पर रात 3:01/3:03 बजे, मंदसौर स्टेशन पर रात 3:42/3:44 बजे और रतलाम स्टेशन पर सुबह 5:00/5:05 बजे आगमन व प्रस्थान होगा।

    इन स्टेशनों पर रहेगा ठहराव
    यह ट्रेन दोनों दिशाओं में कोल्लम, कायमकुलम, मावेलिक्करा, चेंगन्नूर, तिरुवल्ला, चंगनास्सेरी, कोट्टायम, एर्नाकुलम, अलुवा, तृश्शूर, षोरणूर, तिरूर, कोझिकोड, कण्णूर, कासरगोड, मंगलुरु, सूरतकल, उडुपी, कुंदापुरा, मूकांबिका रोड बैन्दूर, मुरुदेश्वर, कुम्टा, कारवार, मडगाँव, थिविम, सावंतवाड़ी रोड, कणकवली, रत्नागिरी, संगमेश्वर रोड, चिपलून, खेड़, मानगांव, रोहा, पनवेल, कल्याण, बोरीवली, सूरत, वडोदरा, गोधरा, रतलाम, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, बिजयनगर और अजमेर स्टेशनों पर ठहरेगी। 

    हजारों यात्रियों को आवागमन में होगी सुविधा
    इस स्पेशल ट्रेन के त्योहारों के समय संचालन से राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक, गोवा और इनके आसपास के राज्यों में रहने वाले हजारों यात्रियों को आवागमन में सुविधा होगी। ट्रेन के ठहराव, समय-सारणी और कोच संरचना सहित अन्य विस्तृत जानकारी के लिए यात्री www.enquiry.indianrail.gov.in पर जाकर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त रेलवन ऐप के माध्यम से भी ट्रेन संबंधी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

     

  • योजनाओं का जमीनी असर, सरिता के परिवार को मिला सुरक्षित आवास

    योजनाओं का जमीनी असर, सरिता के परिवार को मिला सुरक्षित आवास

    अब बारिश की चिंता हुई दूर, सरिता के घर खुशियां देती हैं दस्तक

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जनकल्याणकारी योजनाओं से जनजातीय परिवार को मिला सुरक्षित आवास

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में योजनाओं का जमीनी असर

    रायपुर,
     कभी बारिश की बूंदें सरिता बैगा के परिवार के लिए चिंता लेकर आती थीं। कच्ची दीवारों और खपरैल की छत वाले घर में रहने वाले इस परिवार को हर बरसात में छत टपकने और घर को सुरक्षित रखने की चिंता सताती थी। आज वही सरिता अपने पक्के घर के आंगन में खड़ी होकर अपने परिवार के साथ सुरक्षित और सुकून भरा जीवन जी रही हैं। यह बदलाव उनके लिए केवल एक पक्के मकान का मिलना नहीं, बल्कि वर्षों पुरानी चिंता से मुक्ति और सम्मान के साथ जीवन जीने का नया अवसर है।

    पेंड्रा-गौरेला-मरवाही जिले के गौरेला विकासखंड के ग्राम पंडरीपानी निवासी श्रीमती सरिता बैगा बताती हैं कि पहले उनका परिवार कच्चे घर में रहता था। बारिश शुरू होते ही घर की छत से पानी टपकने लगता था। खपरैल को संभालना और हर साल उसकी मरम्मत करना परिवार के लिए बड़ी परेशानी थी। बच्चों को बारिश से बचाने की चिंता अलग रहती थी। ऐसे समय में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा संचालित पीएम जनमन आवास योजना उनके परिवार के लिए उम्मीद की किरण बनकर आई।

    योजना के माध्यम से सरिता बैगा के परिवार को पक्का आवास मिला। अब उनका घर बारिश में नहीं टपकता। परिवार के पास एक सुरक्षित छत है, जहां बच्चे निश्चिंत होकर रह सकते हैं और पूरा परिवार सम्मान के साथ अपना जीवन आगे बढ़ा सकता है। सरिता के लिए यह बदलाव उनके चेहरे पर आई मुस्कान में साफ दिखाई देता है।

    सरिता कहती हैं कि पहले बारिश आते ही चिंता होने लगती थी कि घर की छत कहां से टपकेगी और बच्चों को कैसे सुरक्षित रखा जाएगा। अब पक्का घर मिलने के बाद बारिश का डर खत्म हो गया है। उनके लिए उनका नया घर सिर्फ ईंट और सीमेंट से बना मकान नहीं, बल्कि परिवार की सुरक्षा, बच्चों के बेहतर भविष्य और खुशहाल जीवन की मजबूत नींव है।

    महतारी वंदन योजना से मिला आर्थिक संबल

    सरिता बैगा को हर माह महतारी वंदन योजना की राशि भी नियमित रूप से प्राप्त हो रही है। इस राशि से उन्हें घरेलू जरूरतों और परिवार के छोटे-बड़े खर्चों को पूरा करने में सहूलियत मिल रही है। एक ओर पक्का आवास परिवार को सुरक्षा दे रहा है, वहीं नियमित आर्थिक सहायता ने घरेलू बजट को संभालने में उनका साथ दिया है।

    सरिता के जीवन में आया यह बदलाव केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के समन्वित प्रभाव को दर्शाता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय एवं वंचित परिवारों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। वहीं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार इन योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

    सरिता बैगा के लिए सरकार की योजनाएं अब कागज पर दर्ज प्रावधान नहीं, बल्कि उनके अपने जीवन में महसूस किया गया बदलाव हैं। पक्के घर की सुरक्षित छत और आर्थिक सहायता ने उनके परिवार में आत्मविश्वास बढ़ाया है। वह कहती हैं कि सरकार की योजनाओं ने उनके परिवार को नई उम्मीद दी है और बच्चों के भविष्य को लेकर उनका भरोसा मजबूत हुआ है।

    सरिता ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए सरकार की योजनाएं जीवन बदलने का माध्यम बन रही हैं। उनके लिए पक्का घर उस सपने के पूरा होने जैसा है, जिसे कभी उन्होंने केवल मन में संजोया था। कच्चे घर से पक्के आशियाने तक का यह सफर सरिता बैगा के परिवार की कहानी भर नहीं है। यह उस भरोसे की कहानी है, जब शासन की योजनाएं गांव के अंतिम छोर तक पहुंचकर किसी परिवार की जिंदगी में सुरक्षा, सम्मान और खुशियों की नई सुबह लेकर आती हैं।