Author: NewseDay

  • यूपीआईटीएस में दूसरे दिन 4,700 बी2बी बैठकें, 412 समझौते

    यूपीआईटीएस में दूसरे दिन 4,700 बी2बी बैठकें, 412 समझौते

    ग्रेटर नोएडा
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख निर्यात एवं निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में आयोजित चतुर्थ उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस)-2026 दूसरे दिन भी कारोबार और वैश्विक व्यापारिक संवाद का बड़ा मंच बना रहा। इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा में चल रहे पांच दिवसीय ट्रेड शो में विदेशी खरीदारों और प्रदेश के प्रतिभागी प्रदर्शकों के बीच शनिवार को करीब 4,700 बी2बी बैठकें हुईं। इन बैठकों के परिणामस्वरूप 412 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए, जिनका अनुमानित व्यावसायिक मूल्य करीब 54.2 मिलियन अमेरिकी डॉलर है।

    दूसरे दिन के ये परिणाम उत्तर प्रदेश के उत्पादों और सेवाओं में अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की रुचि तथा प्रदेश के निर्यातकों, उद्यमियों और एमएसएमई को वैश्विक बाजार से सीधे जोड़ने की दिशा में ट्रेड शो की भूमिका को रेखांकित करते हैं। रिवर्स बायर-सेलर मीट के माध्यम से विदेशी खरीदारों और प्रदेश के उद्यमियों को आमने-सामने संवाद का अवसर मिल रहा है, जिससे संभावित कारोबारी साझेदारियों को समझौतों में बदलने का मार्ग प्रशस्त हो रहा है।

    पहले दिन भी हुईं 2,800 से अधिक बी2बी बैठकें
    यूपीआईटीएस के पहले दिन हॉल नंबर-17 में बने विशेष बी2बी क्षेत्र में 2,800 से अधिक व्यावसायिक बैठकें हुई थीं। इनमें उत्तर प्रदेश के करीब 500 एमएसएमई ने भाग लिया और लगभग 140 करोड़ रुपये की व्यावसायिक पूछताछ दर्ज की गई। विदेशी खरीदारों और भारतीय विक्रेताओं के बीच सीधे संवाद से विभिन्न उत्पाद एवं सेवा क्षेत्रों में कारोबारी संभावनाओं को तलाशने का अवसर मिला।

    योगी सरकार की पहल से स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार
    योगी सरकार द्वारा आयोजित यूपीआईटीएस का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के उत्पादों, सेवाओं, निर्यातकों और एमएसएमई को वैश्विक बाजार से जोड़ने के साथ प्रदेश में निवेश और व्यापारिक साझेदारी के नए अवसर तैयार करना है। ट्रेड शो में भारतीय निर्माता, निर्यातक, एमएसएमई, निवेशक, वैश्विक खरीदार और साझेदार देशों के प्रतिनिधिमंडल एक ही मंच पर मौजूद हैं। सरकार की ‘स्थानीय से वैश्विक’ की दिशा में यह मंच प्रदेश के उद्यमियों को सीधे अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तक पहुंच बनाने का अवसर दे रहा है। विशेष रूप से रिवर्स बायर-सेलर मीट और सुनियोजित बी2बी संवाद के जरिए उत्पादों के प्रदर्शन के साथ वास्तविक कारोबारी संपर्क और संभावित निर्यात सौदों पर बातचीत हो रही है।

    29 सितंबर तक जारी रहेगा कारोबार का सिलसिला
    यूपीआईटीएस-2026 आगामी 29 सितंबर तक चलेगा। आयोजकों के अनुसार आने वाले दिनों में भी बी2बी बैठकें जारी रहेंगी और अधिक व्यापारिक समझौतों तथा कारोबारी परिणामों की संभावना है।

  • चंडीगढ़ में नशा तस्करों पर शिकंजा, मकानों पर बुलडोजर चलाने की तैयारी; सूची में 18 नाम

    चंडीगढ़ में नशा तस्करों पर शिकंजा, मकानों पर बुलडोजर चलाने की तैयारी; सूची में 18 नाम

    चंडीगढ़.

    नशा बेचने वालों के खिलाफ चंडीगढ़ प्रशासन ने पहली बार बड़ी कार्रवाई शुरू की है। नशा तस्करों के मकानों पर रविवार को बुलडोजर चलाया गया। पुलिस ने 18 नशा तस्करों के मकानों की सूची प्रशासन को सौंपी है। प्रशासन ने अब कार्रवाई शुरू कर दी है।

    कार्रवाई के दौरान प्रशासन और पुलिस के अधिकारी व कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों का कहना है कि अवैध निर्माणों को लेकर नियमों के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी। रामदरबार में एक साथ 18 मकानों पर कार्रवाई से स्थानीय स्तर पर भी हलचल है। प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने हर विभाग को नशे के खिलाफ कार्रवाई करने के निदेशक जारी किए हुए हैं।

  • ईरान ने रखी 7 दिन में होर्मुज खोलने की शर्त, ट्रंप ने प्रस्ताव को बताया अस्वीकार्य

    ईरान ने रखी 7 दिन में होर्मुज खोलने की शर्त, ट्रंप ने प्रस्ताव को बताया अस्वीकार्य

    वाशिंगटन
    ईरान ने जब सात दिन में होर्मुज को खोलने के लिए अपनी शर्तें रखीं तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन्हें शिरे से खारिज कर दिया। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि होर्मुज बंद होने से और उसके प्लांट तबाह होने की वजह से ईरान की कमाई बंद हो गई है। ऐसे में ईरान के लोग भूखों मरने लगे हैं। इसीलिए वह होर्मुज खोलने को बेताब हो रहा है। ट्रंप ने कहा कि वह ईरान को ऐसे नहीं बख्शेंगे।
    ईरान ने क्या कहा था

    ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान ने कहा है कि उनका देश अमेरिका के साथ अपने परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत फिर से शुरू करने के उद्देश्य से पेश किए गए प्रस्ताव के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने और संयुक्त राष्ट्र के परमाणु निरीक्षकों को ईरान में प्रवेश की अनुमति देने के लिए तैयार है। 'सीबीएस न्यूज' के कार्यक्रम 'फेस द नेशन' को दिए एक इंटरव्यू में पेज़ेशकियान ने कहा कि अगर अमेरिका रणनीतिक जलमार्ग को दोबारा खोलने और परमाणु वार्ता बहाल करने के ईरान के नए प्रस्ताव पर हामी भरता है, तो ईरान "अपनी प्रतिबद्धताओं का पूरी तरह से पालन करेगा।"

    इससे पहले ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इस सप्ताह प्रस्ताव दिया था कि व्यापक परमाणु समझौते की दिशा में शुरुआती कदम के रूप में अमेरिका के साथ बातचीत शुरू होने के सात दिनों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोला जा सकता है। न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतर घोषित इस प्रस्ताव पर अमेरिका की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

    अराघची ने अपने टेलीग्राम चैनल पर प्रकाशित ईरानी मीडिया के साथ बातचीत में कहा, "हमने अमेरिकी राष्ट्रपति की शुरुआती प्रतिक्रिया देखी। हालाँकि, मध्यस्थों के ज़रिए हमें कोई जानकारी नहीं दी गई है।" ईरानी मंत्री ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने कई विरोधाभासी बयान दिए हैं।

    ईरानी राजनयिक ने आगे कहा, "हम मध्यस्थों से अंतिम रुख का इंतज़ार कर रहे हैं, और उसी के आधार पर हम अपने फ़ैसले लेंगे।" उन्होंने कहा कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य को खोलने की दिशा में कोई भी प्रगति इस बात पर निर्भर करती है कि अमेरिका ईरान की शर्तों को पूरा करे।

    जून के मध्य में अमेरिका और ईरान ने शांति समझौता करने की प्रक्रिया शुरू करने के इरादे से एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे। हालाँकि, तीन हफ़्ते बाद, तनाव का एक नया दौर शुरू हो गया। वाशिंगटन ने तेहरान पर होर्मुज़ जलडमरूमध्य में व्यावसायिक जहाजों पर गोलीबारी करने का आरोप लगाया, जिसके बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर हमले शुरू कर दिए। फ़िलहाल, होर्मुज़ जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही बंद है।

  • पानी के तेज बहाव में बस बहने से बची, CG पुलिस ने 70 यात्रियों को किया सुरक्षित रेस्क्यू

    पानी के तेज बहाव में बस बहने से बची, CG पुलिस ने 70 यात्रियों को किया सुरक्षित रेस्क्यू

    रायपुर.

    राजधानी रायपुर के पास सारागांव में शनिवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब कोल्हान नाले के तेज बहाव में जय अंबे की बस फंस गई. रायपुर से बलौदाबाजार जा रही बस में 70 यात्री सवार थे.

    मार्ग पर पानी के तेज बहाव के कारण सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात थी. बाकी वाहनों की तरह बस को भी आगे जाने से रोका गया, लेकिन चालक ने ब्रेक नहीं लगाया. जानकारी के मुताबिक, विधानसभा थाना क्षेत्र के कोल्हान नाले में पानी के तेज बहाव को देखकर बस में सवार यात्रियों ने चालक को आगे जाने से मना किया. इसके बावजूद वह बस को आगे बढ़ाता गया. आगे से आ रही ट्रकों को रास्ता देने के लिए बस को साइड देना पड़ा. तभी तेज बहाव में बस फंस गई, जिससे यात्रियों में हड़कंप मच गया. कुछ  लोगों ने घबराकर खिड़की से बाहर कूदने की तैयारी कर ली थी. स्थिति को संभालते हुए पुलिसकर्मियों और ग्रामीणों ने बस के पास पहुंचकर लोगों को बाहर निकाले की प्रक्रिया शुरू की. दाई ओर की खिड़की से यात्रियों को बाहर निकाला गया. रेस्क्यू अभियान में ग्रामीणों ने भी पुलिस की मदद की. सभी 70 यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया. पुलिस की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया.

    पुलिस ने बस चालक को हिरासत में ले लिया है. पूछताछ में चालक से पता लगाया जा रहा  कि चेतावनी के बावजूद उसने बस को आगे क्यों बढ़ाया. साथ ही बस परमिट, ड्राइविंग लाइसेंस समेत अन्य दस्तावेजों की पड़ताल की गई. सीएसपी विधानसभा वीरेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि शनिवार को कोल्हान नाले में पानी का बहाव बढ़ा हुआ था. मौके पर मौजूद टीम वाहनों को आगे जाने से रोक रही थी. इसके बावजूद यात्री बस आगे बढ़ गई. ट्रकों की आवाजाही के दौरान बस को साइड करना पड़ा, जिसके बाद वह पानी के बहाव में फंस गई. पुलिस ने तत्काल यात्रियों को खिड़कियों के रास्ते बाहर निकाला. सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया और बस को भी बाहर कर लिया गया. चालक को हिरासत में लिया गया है. मामले में जांच जारी है.

  • हरियाणा के आश्रम में नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप, पुलिस ने आरोपी को पकड़ा

    हरियाणा के आश्रम में नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप, पुलिस ने आरोपी को पकड़ा

     गोहाना
    सोनीपत के गांव धनाना स्थित सतलोक आश्रम में पिता के साथ सेवा करने आए 11 वर्षीय बच्चे के साथ कुकर्म का मामला सामने आया है।

    जिला बाल कल्याण समिति और पुलिस की टीम पहुंची। बच्चे की काउंसलिंग कराई गई और उसे मेडिकल परीक्षण के लिए भगत फूल सिंह राजकीय महिला मेडिकल कालेज के अस्पताल ले जाया गया।

    बच्चे के पिता ने मेडिकल परीक्षण से किया मना
    वहां पर पिता ने बेटे का मेडिकल परीक्षण कराने से मना कर दिया। बरोदा थाना में केस दर्ज किया गया। इस घटना को लेकर समिति की अध्यक्ष समेत सभी सदस्यों और पुलिस ने चुप्पी साध रखी है।

    जानकारी के अनुसार कुछ दिन पहले उत्तर प्रदेश का एक व्यक्ति अपने दो बच्चों के साथ आश्रम में सेवा करने के लिए आया था। आरोप है कि 22-23 सितंबर की रात को उसके 11 वर्षीय बच्चे के साथ यह घटना हुई। एक अन्य सेवादार पर दुष्कर्म का आरोप लगा।

    पाक्सो एक्ट के तहत दर्ज हुआ केस
    पुलिस आश्रम गई और बाल कल्याण समिति की टीम भी पहुंची। बच्चे की काउंसलिंग कराई। इसके बाद बच्चे को भगत फूल सिंह राजकीय महिला मेडिकल कालेज के अस्पताल ले जाया गया, जहां पिता ने मेडिकल कराने से इनकार कर दिया।

    पुलिस ने इस मामले में पाक्सो एक्ट सहित संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। आरोपित सचिन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष अनीता शर्मा व सदस्य संगीता गौड़ ने कुछ कहने से इनकार कर दिया।

    अध्यक्ष शर्मा ने इतना जरूर कहा कि सूचना पर समिति की टीम आश्रम जरूर गई थी। संत रामपाल अप्रैल 2026 में जमानत पर जेल से बाहर आए थे और गांव धनाना स्थित सतलोक आश्रम में रह रहे हैं।

  • वनडे में जारी रहेगा रोहित का सफर? 2027 वर्ल्ड कप को लेकर हिटमैन ने खोले पत्ते

    वनडे में जारी रहेगा रोहित का सफर? 2027 वर्ल्ड कप को लेकर हिटमैन ने खोले पत्ते

    नई दिल्ली
    भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज रोहित शर्मा ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप को लेकर अपने भविष्य पर बड़ा संकेत दिया है. टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले चुके रोहित फिलहाल वनडे क्रिकेट में भारत के लिए खेलते हैं. वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज से पहले रोहित ने साफ किया कि उनके लिए क्रिकेट में अभी बहुत कुछ हासिल करना बाकी है.

    जियोस्टार से बातचीत में रोहित शर्मा ने कहा कि उनके दिमाग में यह विचार कभी नहीं आया कि उनका काम पूरा हो चुका है. उन्होंने कहा, 'यह विचार मेरे दिमाग में कभी नहीं आएगा कि जो काम मुझे करना था, वह खत्म हो गया है.'

    रोहित ने आगे कहा कि जब तक वह क्रिकेट खेल रहे हैं, तब तक उनके सामने कुछ न कुछ हासिल करने के लिए जरूर रहेगा. उन्होंने 2027 वर्ल्ड कप को लेकर अपनी उत्सुकता जाहिर करते हुए कहा, 'जब तक आप खेल रहे हैं, आगे देखने के लिए हमेशा कुछ न कुछ होता है. मैं वर्ल्ड कप का इंतजार कर रहा हूं और देख रहा हूं कि मेरे लिए आगे क्या है.'

    रोहित ने यह भी बताया कि ICC टूर्नामेंट सामान्य सीरीज से अलग चुनौती पेश करते हैं. अलग-अलग विरोधी टीमों और अलग-अलग परिस्थितियों में खेलने के लिए तैयारी और सोच में बदलाव करना पड़ता है.

    2023 में ट्रॉफी से चूक गए थे रोहित
    रोहित शर्मा की कप्तानी में भारत 2023 वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल तक पहुंचा था, लेकिन अहमदाबाद में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार के बाद टीम का खिताब जीतने का सपना टूट गया था. रोहित अब 2027 वर्ल्ड कप में इस अधूरे लक्ष्य को पूरा करने की कोशिश करते नजर आ सकते हैं.

    2027 वनडे वर्ल्ड कप अक्टूबर-नवंबर में साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में खेला जाना है. रोहित ने टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट से दूरी बना ली है, लेकिन वनडे में उनका सफर अभी जारी है.

    विराट कोहली भी 2027 वर्ल्ड कप को अपना आखिरी विश्व कप बता चुके हैं. ऐसे में रोहित और कोहली की जोड़ी एक बार फिर भारत के लिए वनडे क्रिकेट के सबसे बड़े मंच पर धमाल मचाते नजर आ सकती है.

  • भारी बारिश के बीच निर्बाध बिजली आपूर्ति को लेकर योगी सरकार अलर्ट

    भारी बारिश के बीच निर्बाध बिजली आपूर्ति को लेकर योगी सरकार अलर्ट

    लखनऊ
    प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच योगी सरकार ने निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनाए रखने के लिए विशेष सतर्कता बढ़ा दी है। प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं उ.प्र. पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष रणवीर प्रसाद ने लेसा समेत सभी वितरण निगमों के अधिकारियों को बिजली व्यवस्था की लगातार निगरानी और स्थानीय फॉल्ट को कम से कम समय में ठीक करने के निर्देश दिए हैं।

    उन्होंने कहा कि बारिश के कारण कहीं भी विद्युत आपूर्ति बाधित होने पर सक्रिय गैंग तत्काल मौके पर पहुंचकर मरम्मत कार्य पूरा करें। स्थानीय फॉल्ट की जानकारी संचार माध्यमों के जरिए उपभोक्ताओं तक भी पहुंचाई जाए। बारिश के दौरान विद्युत दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने तथा अनुरक्षण कार्य सुरक्षा उपकरणों के साथ ही कराने के निर्देश दिए गए हैं।

    अप्रत्याशित भारी बारिश से प्रदेश में ब्रेकडाउन की घटनाएं बढ़ी हैं। अधिकांश फॉल्ट पेड़ या उनकी टहनियां गिरने के कारण हुए हैं। लखनऊ कंट्रोल रूम के अनुसार 11 केवी के 716 फीडर और 33 केवी के 173 सब-स्टेशनों के बंद होने की सूचना है, जिनकी लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।

    शक्ति भवन में 24 घंटे कंट्रोल रूम सक्रिय है, जहां छह अधीक्षण अभियंताओं की तैनाती की गई है। अधिकारी डिस्कॉम के कंट्रोल रूम से समन्वय कर स्थानीय फॉल्ट, गैंग, सामग्री और 12 घंटे से अधिक समय से बाधित आपूर्ति की जानकारी ले रहे हैं। 1912 पर आने वाली शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश भी दिए गए हैं।

    बारिश से बिजली की मांग करीब 28 हजार मेगावाट से घटकर 16 हजार मेगावाट से नीचे आ गई है। मांग कम होने से प्रदेश को कटौती मुक्त कर महानगरों से गांवों तक 24 घंटे आपूर्ति दी जा रही है। अतिरिक्त बिजली पावर एक्सचेंज में बेची जा रही है। अध्यक्ष ने उपभोक्ताओं से किसी भी घटना या ब्रेकडाउन की सूचना तत्काल 1912 पर देने की अपील की है।

    कंट्रोल रूम के नंबर
    शक्ति भवन – 0522-2288737, 2288738
    टोल फ्री – 1912
    मध्यांचल – 0522-4950397
    केस्को – 8189045757
    पूर्वांचल – 0542-2300137
    दक्षिणांचल – 9412719627
    पश्चिमांचल – 9412749313

  • भारी बारिश से प्रभावितों को तत्काल मिले राहत, सीएम योगी ने दिए सख्त निर्देश

    भारी बारिश से प्रभावितों को तत्काल मिले राहत, सीएम योगी ने दिए सख्त निर्देश

    लखनऊ
    उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश और इससे उत्पन्न बाढ़ की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रभावित लोगों को तत्काल राहत एवं सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने अधिकारियों से कहा कि अतिवृष्टि के कारण हुई जनहानि और पशुहानि पर नियमानुसार तत्काल मुआवजा उपलब्ध कराया जाए। साथ ही बारिश के कारण जिन लोगों के घर गिर गए हैं, उन्हें भी अनुमन्य मुआवजा जल्द से जल्द दिया जाए।

    मुख्यमंत्री ने फसल बर्बादी का तत्काल आकलन कराने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रभावित किसानों को यथाशीघ्र मुआवजा उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बारिश और बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों को पूरी गंभीरता के साथ संचालित किया जाए, ताकि किसी भी प्रभावित परिवार को कठिन परिस्थिति में तकलीफ न सहना पड़े। सीएम योगी ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को तत्काल बाढ़ राहत केंद्रों और शरणालय केंद्रों तक पहुंचाया जाए। इसी तरह जिन लोगों के घर गिरने से वे बेघर हुए हैं, उनके लिए भी राहत केंद्रों एवं शरणालयों में आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। प्रभावित परिवारों की जरूरतों को देखते हुए उन्हें हर संभव सहायता तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

    फील्ड में रहें वरिष्ठ अधिकारी
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वरिष्ठ अधिकारियों को फील्ड में रहकर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करने और प्रभावित परिवारों से संवाद करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर लोगों की समस्याओं को तत्काल सुनकर उपलब्ध संसाधनों से समाधान कराया जाए। अतिवृष्टि से हुई जनहानि और पशुहानि के मामलों में मुआवजा वितरण में देरी न हो। बारिश से घर गिरने के कारण प्रभावित परिवारों को नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता तत्काल देने पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राहत कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

  • सीएम डॉ. मोहन यादव की बड़ी सौगात, ‘भोपाल मास्टर प्लान-2047’ का ड्राफ्ट तैयार, जानें कैसी होगी आपकी प्रपोज्ड लेक सिटी?

    सीएम डॉ. मोहन यादव की बड़ी सौगात, ‘भोपाल मास्टर प्लान-2047’ का ड्राफ्ट तैयार, जानें कैसी होगी आपकी प्रपोज्ड लेक सिटी?

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ऐतिहासिक सौगात की तैयारी कर ली है। प्रशासन ने भोपाल के नए मास्टर प्लान का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। यह मास्टर प्लान ड्राफ्ट चार प्रमुख स्तंभों पर बनाया गया है। इन चार स्तंभों में प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र का संरक्षण, आधुनिक दृष्टिकोण एवं नागरिक हितैषी नियोजन, सुधारोन्मुख एवं परिवर्तनकारी नियोजन और आत्मनिर्भर एवं आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने वाला विकास शामिल हैं। अब इस ड्राफ्ट पर सरकार दावे-आपत्तियां आमंत्रित करेगी।

    इस ड्राफ्ट को लेकर सीएम डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'गणेश अनंत चतुर्दशी के पावन अवसर पर लंबे अंतराल के बाद भोपाल विकास योजना-2047 के प्रारूप का प्रकाशन किया गया है। यह योजना भोपाल की प्राकृतिक धरोहर-भोजताल, वन क्षेत्रों एवं बाघ भ्रमण क्षेत्र- के संरक्षण के साथ नागरिकों को बेहतर सुविधाएं, सुगम मोबिलिटी और आर्थिक विकास के अवसर उपलब्ध कराने की दृष्टि से तैयार की गई है। योजना में हरित TDR का प्रावधान किया गया है, जिससे हरित क्षेत्र में आने वाली भूमि के स्वामियों की क्षतिपूर्ति के साथ विकासकर्ताओं को TDR के माध्यम से अतिरिक्त विकास की सुविधा मिल सकेगी। समृद्ध, सुगम और विकसित भोपाल के संकल्प की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है। प्रकाशित प्रारूप पर नागरिक अपने आपत्ति एवं सुझाव प्रस्तुत कर सकते हैं।'

    भोपाल मास्टर प्लान के ड्राफ्ट की कई विशेषताएं
    गौरतलब है कि भोपाल मास्टर प्लान के ड्राफ्ट की कई विशेषताएं हैं। इसमें प्राकृतिक संवेदनशीलता सम्मत नियोजन किया है। इसके तहत भोज ताल और इसके जलग्रहण क्षेत्र को संरक्षित रखने की अवधारणा को आधारभूत रखते हुए योजना तैयार की गई है। इसके अतिरिक्त पहाड़ियों, वन क्षेत्रों, तालाबो एवं जलाशयों, बाघ भ्रमण क्षेत्रों के संरक्षण के भी समुचित प्रावधान ड्राफ्ट में किए गए हैं। मास्टर प्लान ड्राफ्ट में आर्थिक विकास एवं रोजगार सृजन सम्बन्धी प्रस्ताव हैं। इसे विकास योजना इस दृष्टिकोण के साथ तैयार किया गया है कि पर्यावरणीय संरक्षण के साथ-साथ आर्थिक विकास किया जा सके। वर्तमान परिदृश्य के साथ साथ अगली पीढ़ी को शहर में पर्याप्त अवसर प्राप्त हो सकें। इसके लिए लगभग 3000 हेक्टर भूमि ग्रोथ कॉरीडोर के अंतर्गत प्रस्तावित की गई है। मास्टर प्लान ड्राफ्ट में महानगरीय अवधारणा भोपाल विकास योजना-2047 के प्रस्ताव इस प्रकार रखे गए हैं कि भोपाल मेट्रोपोलिटन क्षेत्र के साथ इसका सामंजस्य सहज रूप से हो सके और शहर में होने वाले विकास तथा मेट्रोपोलिटन क्षेत्र के संसाधनों से परस्पर लाभान्वित हो सके।

    ड्राफ्ट में ग्रोथ कॉरीडोर पर फोकस
    भोपाल मास्टर प्लान ड्राफ्ट में ग्रोथ कॉरीडोर पर फोकस किया गया है। इसमें निवेश सम्मत वातावरण तैयार करने के दृष्टिकोण से 51 किलोमीटर लम्बे ग्रोथ कॉरीडोर की परिकल्पना की गई है। यह ग्रोथ कॉरीडोर एजुकेशन नॉलेज आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (EKAI) सिटी, एयरपोर्ट, प्रस्तावित सीएमयू, लॉजिस्टिक भंडारण एवं थोक परिक्षेत्र के साथ-साथ विभिन्न उपनगरों को भी जोड़ता है। इस कॉरीडोर पर मिश्रित उपयोग के साथ उच्च घनत्व का विकास परिकल्पित है। इस कॉरीडोर में लोक परिवहन के लिए बीआरटीएस कॉरीडोर प्रस्तावित है, जिसका भविष्य में एमआरटीएस में उन्नयन किया जा सकेगा। इस क्षेत्र में होटल एवं हास्पिटेलिटी, स्वास्थ्य सेवा, अन्य व्यापार, आईटी सेक्टर, एआई एवं डाटा सेन्टर, लॉजिस्टिक, थोक व्यापार, हाईपर मार्केट, मॉल मल्टीप्लेक्स, कार्पोरेट ऑफिस, विभिन्न संस्थान, ऐजुकेशन हब, हाउसिंग इत्यादि जैसे रोजगार उन्मुखी गतिविधियां, मिश्रित उपयोग के रूप में विकसित किए जा सकेंगे। इस क्षेत्र में असीमित एफएआर के प्रावधान रखे गए हैं। ग्रोथ कॉरीडोर को विभिन्न रेडियल मार्गों से नगर से जोड़ते हुए टांसिट उन्नमुख जोन (TOD) के रूप में विकसित किया जाएगा। नगर के बाहर विभिन्न दिशाओं से आने वाले क्षेत्रीय मार्ग जैसे विदिशा मार्ग, रायसेन मार्ग, नर्मदापुरम मार्ग एवं इन्दौर मार्ग को ग्रोथ कॉरीडोर के माध्यम से नगर से जोड़ा जाएगा, जिससे मेट्रेपोलिटन क्षेत्र के विभिन्न भागो से बेहतर संपर्क स्थापित करने का प्रयास किया गया है। ग्रोथ कॉरीडोर एवं इसके रेडियल मार्गों का विकास नगर विकास स्कीम के माध्यम से भोपाल विकास प्राधिकरण द्वारा किया जाएगा। निवेश क्षेत्र की बाहरी सीमा पर स्थित नवीन प्रस्तावित बायपास मार्ग को ग्रीन फील्ड कॉरीडोर के रूप में विकसित किया जाना प्रस्तावित है। ये मार्ग के दोनों ओर 50-50 मीटर भूमि हरित क्षेत्र के रूप में प्रस्तावित की गई है।

    बेहतर सामंजस्य पर जोर
    भोपाल मास्टर प्लान ड्राफ्ट में मिश्रित भूमि उपयोग के प्रस्ताव राज्य की टीओडी नीति के अनुरूप आवासीय उपयोग के तहत मार्ग की चौड़ाई के आधार पर मिक्स लेण्ड यूज प्रस्तावित किए गए हैं, ताकि कार्यस्थल एवं आवास (Work & Home) में बेहतर सामंजस्य स्थापित हो सके एवं नगर की मोबिलिटी भी लोक परिवहन आधारित हो सके। असीमित एफएआर एवं भवन ऊचाई नगरीय क्षेत्र की भूमि का अनुकूलतम उपयोग सुनिश्चित करने तथा निवेश मित्र वातावरण तैयार करने के उ‌द्देश्य से मार्ग की चौड़ाई के आधार पर एफएआर का निर्धारण किया गया है। अधिक चौड़े मार्गो पर स्थित भूमियों को एफएआर एवं भवन की ऊंचाई की सीमा से मुक्त रखा गया है। मास्टर पलान ड्राफ्ट में विकास मापदण्डों का सरलीकरण एवं युक्तियुक्तकरण विकास मापदण्डों में भूतल कवरेज को हटाया गया है, जिससे नागरिकों एवं विकासकर्ताओ को लाभ होगा एवं डिजाइन विकल्प उपलब्ध होंगे। भवनों के आसपास छोड़े जाने वाले एमओएस का भी पुर्ननिर्धारण इस प्रकार से किया गया है कि भूमि का अनुकूलतम उपयोग हो सके। विकास मापदण्डो का सरलीकरण किया गया है, जिससे आम नागरिक को समझने में कठिनाई न हो।

    शहर की हरियाली पर खासा ध्यान
    भोपाल मास्टर प्लान 2005 में हरित क्षेत्र लगभग 16 प्रतिशत निर्दिष्ट था, जिसको बढ़ाकर भोपाल विकास योजना-2047 में लगभग 27 प्रतिशत किया गया है, जो कि यूआरडीपीएफआई गाइडलाइन के मानकों से कहीं अधिक है। भानपुर खंती के पुर्नविकास के लिए इस पर गोल्फ कोर्स प्रस्तावित किया गया है। इसके अतिरिक्त कॉलोनी स्तर पर भी खुला क्षेत्र 10 प्रतिशत से बढाकर 12 प्रतिशत किया गया है। इससे हरित क्षेत्र में अतिरिक्त वृद्धि होगी। इसके अलावा सर्विस एरिया हेतु भी 2 प्रतिशत का क्षेत्रफल रखा जाना आवश्यक होगा। विकास योजना के कियान्वयन हेतु पूँजी संग्रहण विकास योजना में प्रीमियम ऑन एफएआर, प्रशमन इत्यादि के माध्यम से स्थानीय निकाय की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिसका उपयोग विकास योजना के क्रियान्वयन में किया जाना संभव हो सकेगा। इससे विकास योजना के यथासमय क्रियान्वयन में सहयोग प्राप्त हो सकेगा। भोपाल मास्टर प्लान ड्राफ्ट में क्रिएटिव रीडेवलपमेंट के माध्यम से पुर्नविकास नगर के विकसित क्षेत्रों में भूमि का अनुकूलतम उपयोग संभव हो सके इस दृष्टिकोण से भूखण्डों का संविलियन, बेस एफएआर में छूट इत्यादि जैसे पुर्नविकास को प्रोत्साहन देने वाले प्रावधान रखे गए हैं। इसके अतिरिक्त 70 प्रतिशत रहवासियों की सहमति होने पर आरडब्ल्यूए आवासीय अपार्टमेंट का पुर्नविकास कर सकेगी। शहर में अधिकाधिक अर्कोडेवल हाउसिंग निर्मित हो सकें इसके लिए ऐसी परियोजनाओं को एफएआर कय करने की बाध्यता से मुक्त रखा गया है। इसके अतिरिक्त नगर में प्रवासी नागरिकों के लिए रेंटल हाउसिंग विकसित हो सके इसके लिए भी प्रोत्साहन रखे गए हैं। हरित टीडीआर के प्रावधान विकास योजना में प्रस्तावित आमोद-प्रमोद के क्षेत्र में आने वाले भूमि स्वामियों की क्षतिपूर्ति हो इसी प्रकार हेरिटेज टीडीआर के प्रावधान भी रखे गए हैं।

    सुरक्षा व्यवस्था होगी चाक-चौबंध
    विकास योजना के कियान्वयन का प्रभावी पर्यवेक्षण रियल टाईम पर्यवेक्षण संभव हो सके और अप्राधिकृत निर्माण तथा नगर की मोबिलिटी एवं क्रियान्वयन की समस्याओं का यथासमय निराकरण हो सके, इसके लिए डिजीटल ट्विन सिटी की व्यवस्था रखे जाने के प्रस्ताव भोपाल मास्टर प्लान ड्राफ्ट में दिए गए हैं। मास्टर प्लान ड्राफ्ट में शहर की सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ हो सके, इसके लिए भी प्रावधान रखे गए हैं। इसमें सार्वजनिक स्थानों पर लगाए गए निजी सीसीटीवी कैमरो की नेटवर्किंग, सार्वजनिक भवनों की बाउण्ड्री वॉल को पारदर्शी रखने, सुरक्षित यातायात व्यवस्था के प्रावधान सम्मिलित हैं। भोपाल मास्टर प्लान ड्राफ्ट में मल्टीलेवल पार्किंग, मेकेनाईज्ड पार्किंग, सामुदायिक खुले क्षेत्रों के नीचे पार्किंग की व्यवस्था, आरओबी-फ्लाईओवर के नीचे पार्किंग व्यवस्था, सार्वजनिक मार्गो पर आरडब्ल्यूए द्वारा पार्किंग शुल्क लेने के लिए प्रावधान, बेसमेंट पार्किंग के लिए भूखण्डों का संयुक्तिकरण मान्य किए जाने जैसे प्रावधान रखे गए हैं।

    पढ़ाई और चैरिटी का भी रखा ध्यान
    भोपाल मास्टर प्लान ड्राफ्ट में यह प्रावधान भी किया गया है कि निजी विकासकर्ताओ द्वारा भी विकास योजना के मार्गों का निर्माण किया जा सके। इसके लिए शासकीय भूमि अथवा टीडीआर के माध्यम से भूमि अर्जन कर विकासकर्ता को उपलब्ध कराई जा सकेगी। भौंरी क्षेत्र में एजुकेशन हब के विकास के लिए एजुकेशन नॉलेज आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (EKAI) सिटी की परिकल्पना की गई है। चैरिटेबल गतिविधि जैसे अनाथ आश्रम, मूक बधिर विद्यालय एवं छात्रावास, दिव्यान्ग विशेष विद्यालय, वृद्धाश्रम, रैन बसेरा इत्यादि को एफएआर कय करने की बाध्यता से मुक्त रखा गया है। यह गतिविधियां आवासीय, सार्वजनिक, अर्धसार्वजनिक, मिश्रित, सीएमयू, टीओडी एवं कृषि उपयोग में स्वीकार्य रखी गई है।

    देश का प्रमुख महानगर है भोपाल
    भोपाल विकास योजना 1991 वर्ष 1975 में प्रकाशित की गई थी। भोपाल विकास योजना 2005 को 9 जून 1995 को प्रकाशित किया गया था, जिसका निवेश क्षेत्र 601.06 वर्ग किलोमीटर था और इसमें 146 ग्राम शामिल थे। भोपाल विकास योजना 2047 प्रारूप को 1016.90 वर्ग किलोमीटर के निवेश क्षेत्र हेतु तैयार किया गया है, जिसमें 254 ग्राम सम्मलित है तथा यह 45 लाख की आंकलित जनसंख्या हेतु तैयार की गई है। योजना में विकास योग्य प्रस्तावित क्षेत्रफल 61017.02 हेक्टेयर निर्धारित किया गया है। भोपाल प्रदेश की राजधानी होने के साथ साथ देश का एक प्रमुख महानगर भी है। यह नैसर्गिक सुन्दरता एवं प्राकृतिक धरोहर लिये हुये झीलो एवं पहाड़ो की नगरी, पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील नगर है। नगर में रामसर साइट के रूप में चिन्हित भोजताल (बडी झील), राष्ट्रीय उद्यान के साथ-साथ बाघ भ्रमण क्षेत्र भी स्थित हैं।

  • SC से OBC और फिर सामान्य वर्ग में जाने की मांग, देवेंद्रकुला वेल्लालर समुदाय क्यों चाहता है बदलाव?

    SC से OBC और फिर सामान्य वर्ग में जाने की मांग, देवेंद्रकुला वेल्लालर समुदाय क्यों चाहता है बदलाव?

    चेन्नई
    तमिलनाडु में एक जाति है देवेंद्रकुला वेल्लालर (Devendra kula Vellalar- DVK), जो कि दलित समुदाय से संबंध रखती है। आज जहां देश में कई जातियां आरक्षण के लाभ के लिए खुद को पिछड़ा घोषित कराने की होड़ में हैं, वहीं अनुसूचित जाति (SC) की सूची में शामिल यह समुदाय SC सूची से बाहर होने की कोशिश कर रहा है। इनका साफ कहना है कि इन्होंने SC/ST कानून का इस्तेमाल नहीं करने का निर्णय किया है।

    इडिया टुडे की एक संडे स्पेशल रिपोर्ट में कहा गया है कि आईआईटी बॉम्बे के एक छात्र साहिल वाकोडे की खुदकुशी के बाद प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला पर SC/ST अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। तमिलनाडु के तेनकासी से भाजपा जिलाध्यक्ष और इसी समुदाय से आने वाले अनंतन अय्यासामी ने प्रोफेसर पर लगे आरोपों का कड़ा विरोध किया। उन्होंने एक्स पर लिखा कि डीवीके समुदाय ने स्वैच्छिक रूप से यह सिद्धांत अपनाया है कि वे किसी के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत केस दर्ज नहीं कराएंगे, क्योंकि उनका मानना है कि इस कानून के दुरुपयोग से सामाजिक कटुता और दुश्मनी बढ़ती है।

    देवेंद्रकुला वेल्लालर (DKV) कौन हैं?
    यह समुदाय तमिलनाडु की कुल अनुसूचित जाति आबादी का एक बड़ा हिस्सा है और राज्य की कुल आबादी में इनकी हिस्सेदारी 5% से 9% के बीच है। मुख्य रूप से यह समुदाय दक्षिणी तमिलनाडु और कावेरी डेल्टा क्षेत्रों जैसे कि मदुरै, रामनाथपुरम, तिरुनेलवेली, थूथुकुडी आदि में रहती है। देवेंद्रकुला का अर्थ भगवान इंद्र के वंशज से है और वेल्लालर का संबंध कृषि-खेती से है। यह मुख्य रूप से एक कृषक और गो-पालक समुदाय है।

    मार्च 2021 में संसद द्वारा एक विधेयक पारित करके पल्लार सहित सात उप-जातियों को मिलाकर देवेंद्रकुला वेल्लालर नाम से एक पहचान दी गई थी। तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष और गृह मंत्री अमित शाह ने भी समुदाय के द्वारा खुद के सामाजिक उत्थान के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की थी।

    SC सूची से बाहर होने की मांग क्यों?
    इंडिया टुडे के मुताबिक, इस समुदाय के नेताओं का कहना है कि यह मांग आर्थिक संपन्नता के कारण नहीं, बल्कि सामाजिक प्रतिष्ठा और आत्मसम्मान के लिए है। उनका मानना है कि SC टैग से जुड़ा सामाजिक कलंक समुदाय के समग्र विकास, विशेषकर व्यवसाय और व्यापार में बाधा बनता है। आपको बता दें कि तमिलनाडु में पहले से ही 69% आरक्षण लागू है। इनका मानना है कि SC श्रेणी में होने से इन्हें कोई विशेष लाभ नहीं मिल रहा, उल्टा सामाजिक भेदभाव सहना पड़ता है।

    समुदाय की मांग है कि उन्हें पहले SC से OBC (अन्य पिछड़ा वर्ग) श्रेणी में ट्रांसफर किया जाए। 10-15 साल OBC में रहने के बाद अंतिम लक्ष्य सामान्य यानी कि अनारक्षित कैटेगरी में शामिल होना है। |

    समुदाय के भीतर मतभेद
    इस समुदाय का एक बड़ा हिस्सा हिंदू परंपराओं से जुड़ा है। वे SC सूची से हटने और सामाजिक प्रतिष्ठा हासिल करने के पक्ष में हैं। DKV समुदाय के वे लोग जिन्होंने ईसाई धर्म अपना लिया है, वे इस मांग का विरोध करते हैं। वे आरक्षण मॉडल में विश्वास रखते हैं। आपको बता दें कि तमिलनाडु विधानसभा ने 2023 में एक प्रस्ताव पारित कर धर्म परिवर्तन करने वाले दलितों को भी SC आरक्षण देने की सिफारिश केंद्र सरकार से की थी

    आपको बताते चलें कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में यह अपनी तरह का पहला और अनूठा मामला है। कोई समुदाय आरक्षण के लाभ और सख्त कानूनों का मोह त्यागकर सामाजिक गरिमा और आत्मसम्मान के लिए खुद को इस कैटेगरी से बाहर करने की मांग कर रहा है।