Author: NewseDay

  • अवैध शराब के विरूद्ध बड़ी कार्रवाई, लगभग 2 करोड़ 17 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त

    अवैध शराब के विरूद्ध बड़ी कार्रवाई, लगभग 2 करोड़ 17 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त

    भोपाल
    मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अवैध शराब के परिवहन एवं तस्करी के विरुद्ध लगातार सख्त एवं प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में अलीराजपुर पुलिस ने दो अलग-अलग कार्रवाइयों में 1,913 पेटी एवं 16,712 बल्क लीटर अवैध अंग्रेजी शराब जब्त की है। साथ ही शराब परिवहन में प्रयुक्त सीमेंट कंटेनर एवं ट्रक को भी पुलिस ने जब्त किया है। इस कार्रवाई में कुल पुलिस ने लगभग 2 करोड़ 17 लाख रुपये की संपत्ति जब्‍त की है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्री रघुवंश सिंह भदौरिया के निर्देशन में थाना चांदपुर पुलिस एवं थाना उदयगढ़ पुलिस द्वारा की गई।

    सीमेंट कंटेनर से 1,426 पेटी शराब जब्त
    थाना चांदपुर पुलिस को मुखबिर से राजस्थान पासिंग सीमेंट कंटेनर के माध्यम से बड़ी मात्रा में अवैध शराब परिवहन की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने खंडवा-बड़ौदा हाईवे पर वाहन को रोककर जांच की। कंटेनर की तलाशी लेने पर उसमें बड़ी मात्रा में अवैध शराब की पेटियां मिलीं। पुलिस ने कंटेनर से कुल 1,426 पेटी एवं 12,505 बल्क लीटर अवैध शराब जब्त की। इस कार्रवाई में पुलिस ने कंटेनर सहित लगभग 1 करोड़ 62 लाख रूपए से अधिक की संपत्ति जब्‍त की।  

    प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि अवैध शराब को पंजाब-हरियाणा बॉर्डर के नरवाना क्षेत्र से भरकर राजस्थान के जयपुर, दौसा, कोटा, चित्तौड़गढ़ एवं मध्यप्रदेश के नीमच, मंदसौर, रतलाम, धार, मांगोद, मनावर एवं कुक्षी होते हुए गुजरात के बड़ौदा तक ले जाया जा रहा था। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान ग्राम बमरला, तहसील सेड़वा, जिला बाड़मेर, राजस्थान निवासी आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस द्वारा शराब के स्रोत, परिवहन से जुड़े व्यक्तियों तथा इसके आगे के नेटवर्क के संबंध में भी विस्तृत जांच की जा रही है।

    ट्रक से 487 पेटी अवैध शराब जब्त
    थाना उदयगढ़ पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर ग्राम तलावद की ओर से आ रहे ट्रक की घेराबंदी की। पुलिस को देखकर चालक ट्रक को ग्राम जवानिया स्थित तालाब के किनारे छोड़कर फरार हो गया। ट्रक की तलाशी लेने पर प्लांट कर बेसमेट बनाकर छिपाई गई अवैध शराब की पेटियां मिलीं। पुलिस ने ट्रक से कुल 487 पेटी एवं 4,207 बल्क लीटर अवैध शराब जब्त की। इस कार्रवाई में पुलिस ने ट्रक सहित लगभग 54 लाख 97 हजार रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की है।

    मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, परिवहन एवं तस्करी के विरुद्ध प्रदेश में लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। अंतरराज्यीय स्तर पर अवैध शराब के परिवहन से जुड़े मामलों में पुलिस द्वारा सूचना तंत्र, वाहन चेकिंग एवं मैदानी निगरानी को प्रभावी बनाकर कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

     

  • 3500 बेटियों ने मिलकर उकेरी मां की ममता, रंगोली में जीवंत हुआ मां-बच्चे का वात्सल्य

    3500 बेटियों ने मिलकर उकेरी मां की ममता, रंगोली में जीवंत हुआ मां-बच्चे का वात्सल्य

    बच्चे को दुलारती मॉ की बनाई आकर्षक मानव रंगोली, दिया मातृशक्ति के सशक्तिकरण का संदेश
    ‘सशक्त मां-सशक्त भारत’ की थीम पर झाबुआ में बनी भव्य ह्यूमन रंगोली
    भोपाल  

    आमतौर पर रंगोली रंगों से सजती है, लेकिन झाबुआ में नजारा कुछ ऐसा था कि रंगों की जगह इंसान ही रंग बन गए। करीब 3500 स्कूली छात्राओं और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने मिलकर मां की गोद में दुलार पाते बच्चे की ऐसी आकर्षक मानव रंगोली रची कि मातृत्व का भाव मैदान में साकार हो उठा। पीजी कॉलेज ग्राउंड में सजी इस अनूठी रंगोली ने देखने वालों को चौंकाया भी और मां-बच्चे के रिश्ते की आत्मीयता का अहसास भी कराया। ‘सेवा के रंग राष्ट्र के संग’ कार्यक्रम के तहत आयोजित इस सामूहिक प्रस्तुति का संदेश स्पष्ट था—मां सशक्त होगी, तभी परिवार, समाज और राष्ट्र मजबूत बनेगा।
    सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में ‘सशक्त मां-सशक्त भारत’ की थीम पर हजारों प्रतिभागियों ने एक साथ निर्धारित आकार में बैठकर मां और बच्चे की आकृति बनायी। इतने बड़े समूह का एक साथ, एक ही डिजाइन में ढलना अपने आप में आकर्षण का केंद्र रहा। जनजातीय बहुल झाबुआ में यह आयोजन महिला सशक्तिकरण, सामूहिक एकता और जनभागीदारी की प्रभावशाली मिसाल बना।
    सशक्त मां ही सशक्त राष्ट्र की नींव – मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया
    महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि मानव रंगोली के लिए चयनित प्रदेश के छह जिलों में झाबुआ का शामिल होना गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि मां परिवार की आधारशिला है। शिक्षित, स्वस्थ और जागरूक मां बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के साथ सशक्त समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। महिलाओं और बालिकाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण तथा आत्मनिर्भरता के अवसर उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है।
     3500 प्रतिभागियों का तालमेल बना आयोजन की असली ताकत
    कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने छात्राओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, शिक्षकों और आयोजन से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि इतनी बड़ी संख्या में प्रतिभागियों का एक साथ मानव रंगोली बनाना अनुशासन, टीमवर्क और बेहतर समन्वय का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन दर्शाता है कि सामूहिक सहभागिता से बड़े उद्देश्यों को प्रभावी ढंग से जन-जन तक पहुंचाया जा सकता है।
    मानव रंगोली की डिजाइन पीटीआई अमजद खान ने सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य श्रीमती सुप्रिया बिसेन और जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास सुश्री मोनिका बघेल के मार्गदर्शन में तैयार की। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, स्कूली, छात्राओं के अलावा कॉलेज और छात्रावास की 3500 छात्राओं ने दो घंटे तक संयमित होकर आकृति बनाने में सहयोगी रही।
    कला से आगे बढ़कर मातृत्व और महिला सशक्तिकरण का संदेश
    कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि महिला सशक्तिकरण केवल नारों तक सीमित नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और आत्मनिर्भरता से जुड़ा विषय है। हजारों प्रतिभागियों से बनी मां-बच्चे की आकृति ने मातृत्व के सम्मान और सामूहिक जिम्मेदारी को प्रतीकात्मक रूप से सामने रखा।
    इस अवसर पर जिला अध्यक्ष भानु भूरिया, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जितेन्द्र सिंह चौहान सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

     

  • डिजिटल अरेस्ट के नाम पर साइबर ठगी का खुलासा,  लगभग 20 लाख रुपये की राशि होल्ड

    डिजिटल अरेस्ट के नाम पर साइबर ठगी का खुलासा, लगभग 20 लाख रुपये की राशि होल्ड

    भोपाल
    मध्यप्रदेश में साइबर अपराधों के विरुद्ध पुलिस द्वारा लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में रतलाम पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 55 लाख रुपये की साइबर ठगी के प्रकरण का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से ठगी की राशि में से लगभग 20 लाख रुपये होल्ड कराने में सफलता मिली है। गिरफ्तार आरोपियों में से दो आरोपियों को हैदराबाद तथा एक आरोपी को धारवाड़, कर्नाटक से गिरफ्तार किया है। प्रकरण में फरियादी, जो कुवैत में मोटर पार्ट्स का व्यवसाय करते हैं और वर्तमान में रतलाम में रह रहे थे, को 15 सितंबर को अज्ञात व्यक्ति द्वारा फोन कर स्वयं को मुंबई पुलिस का अधिकारी बताया गया। कॉल करने वाले ने मोबाइल नंबर के कथित आपराधिक उपयोग तथा पाकिस्तान की आईएसआई से जुड़े व्यक्ति से बातचीत जैसे गंभीर आरोप लगाकर फरियादी को भयभीत किया।

    इसके बाद अलग-अलग मोबाइल नंबरों से स्वयं को पुलिस अधिकारी बताने वाले व्यक्तियों ने फरियादी को उसके विरुद्ध FIR दर्ज होने की बात कही। आरोपियों ने आधार कार्ड एवं पैन कार्ड संबंधी जानकारी भी प्राप्त की। अगले दिन आरोपियों ने कॉल को कथित रूप से ATS विभाग में ट्रांसफर करने का नाटक किया। व्हाट्सऐप वीडियो कॉल के माध्यम से पुलिस वर्दी पहने व्यक्तियों से बात कराई गई तथा हथियारों से संबंधित तस्वीरें भेजकर पूछताछ की गई। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के लेटरहेड पर तैयार किए गए फर्जी दस्तावेज भेजकर फरियादी को यह विश्वास दिलाया कि उसके विरुद्ध गंभीर कानूनी कार्रवाई चल रही है।

    आरोपियों ने फरियादी को बताया कि जांच एवं सत्यापन के लिए निर्धारित बैंक खातों में राशि जमा करनी होगी और सत्यापन के बाद पूरी राशि वापस कर दी जाएगी। कानूनी कार्रवाई का भय दिखाकर फरियादी से कुल 55 लाख रुपये विभिन्न बैंक खातों में RTGS के माध्यम से जमा करवा लिए गए। शिकायत पर थाना माणकचौक में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए थाना माणकचौक एवं साइबर सेल की संयुक्त टीम गठित कर बैंक खातों, ट्रांजेक्शन एवं तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया। पुलिस द्वारा ठगी की राशि का लगातार पता लगाया गया और विभिन्न स्तरों पर उपयोग किए गए बैंक खातों की जानकारी एकत्र की गई।

    विवेचना के दौरान फरियादी द्वारा जमा कराई गई 35 लाख रुपये की राशि एक बैंक खाते में पहुंचने की जानकारी सामने आई। खाते से संबंधित कंपनी एवं अन्य बैंकिंग विवरण के आधार पर पुलिस टीम हैदराबाद पहुंची, जहां से एक आरोपी को गिरफ्तार किया। आगे की विवेचना में प्राप्त बैंकिंग एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम ने धारवाड़, कर्नाटक से एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया। इसके अतिरिक्त दूसरे स्तर के बैंक खाते में 5 लाख रुपये की राशि ट्रांसफर होने की जानकारी सामने आने पर एक अन्य आरोपी को भी गिरफ्तार किया।

    पुलिस की साइबर सेल एवं थाना माणकचौक की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ठगी की राशि में से करीब 20 लाख रुपये संबंधित बैंक खातों में होल्ड करवाए हैं। पुलिस द्वारा राशि के प्राप्त होने, निकाले जाने एवं आगे अन्य खातों में ट्रांसफर किए जाने की कड़ियों की जांच की जा रही है। प्रकरण में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ तथा बैंक खातों और तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण के माध्यम से अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों एवं ठगी की राशि के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। मध्यप्रदेश पुलिस नागरिकों से अपील करती है कि पुलिस, CBI, ED, न्यायालय अथवा किसी अन्य सरकारी एजेंसी के नाम पर वीडियो कॉल के माध्यम से डिजिटल अरेस्ट किए जाने की बात कही जाए तो उस पर विश्वास न करें। कोई भी वैध सरकारी जांच एजेंसी वीडियो कॉल पर डिजिटल अरेस्ट नहीं करती और न ही जांच या सत्यापन के नाम पर किसी बैंक खाते में धनराशि जमा कराने को कहती है।

    ऐसे किसी भी कॉल, संदेश या वीडियो कॉल की स्थिति में तत्काल कॉल काटें, किसी भी व्यक्ति के साथ बैंकिंग अथवा व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें और साइबर अपराध की सूचना 1930 हेल्पलाइन अथवा cybercrime.gov.in पर दें। त्वरित सूचना से ठगी की राशि को समय रहते होल्ड कराने में पुलिस को महत्वपूर्ण सहायता मिल सकती है।

     

  • AI बेकाबू हुआ तो कौन रोकेगा? सत्या नडेला ने बताया इमरजेंसी ब्रेक का महत्व, सुरक्षा और निगरानी पर दिया जोर

    AI बेकाबू हुआ तो कौन रोकेगा? सत्या नडेला ने बताया इमरजेंसी ब्रेक का महत्व, सुरक्षा और निगरानी पर दिया जोर

     नई दिल्ली

    आजकल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से फोटो बनवानी हो, सवालों के जवाब चाहिए हों या फिर ऑफिस का काम करना हो, हर जगह AI का इस्तेमाल बढ़ रहा है. लेकिन क्या होगा अगर यही एआई कोई ऐसा काम करने लगे, जिस पर इंसानों का कंट्रोल ही न रहे?

    इसी खतरे को देखते हुए Microsoft के CEO सत्या नडेला ने एआई को लेकर एक बड़ी बात कही है. उनका कहना है कि एडवांस AI मॉडल में ऐसा सिस्टम होना चाहिए, जिससे जरूरत पड़ने पर इंसान उसे तुरंत रोक सके. यानी एआई के लिए भी इमरजेंसी ब्रेक होना जरूरी है. आइए जानते है इसके बारे में। 

    AI पर आंख बंद करके भरोसा करना पड़ सकता है भारी

    सत्या नडेला का कहना है कि कंपनियों को एआई पर सिर्फ इसलिए भरोसा नहीं करना चाहिए, क्योंकि उसे बनाने वाली कंपनी कह रही है कि सब कुछ सेफ है. AI से गलती हो सकती है या उसका सिस्टम हैक भी हो सकता है. ऐसे में पहले से तैयारी जरूरी है। 

    उन्होंने सुझाव दिया कि एआई को ऐसा बनाया जाना चाहिए, जिस पर इंसान नजर रख सके और जरूरत पड़ने पर उसके काम को बीच में ही रोक सके. AI कितना भी स्मार्ट क्यों न हो जाए, आखिरी कंट्रोल इंसान के हाथ में ही रहना चाहिए। 

    AI की हर हरकत का होना चाहिए रिकॉर्ड
    नडेला ने सिर्फ एआई को बंद करने की फीचर देने की बात नहीं कही है. उन्होंने यह भी कहा कि AI ने कौन-सा काम किया, क्या फैसला लिया और उसके पीछे क्या हुआ, इसका रिकॉर्ड भी होना चाहिए. इससे अगर एआई कोई गलती करता है, तो पता लगाया जा सकेगा कि आखिर गड़बड़ी कहां हुई। 

    इसके अलावा, जरूरी फैसलों के लिए सिर्फ एक AI मॉडल पर निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग मॉडल का इस्तेमाल करने और एआई सिस्टम की स्वतंत्र जांच कराने पर भी जोर दिया गया है। 

    AI की गलती छिपाने के बजाय बतानी होगी
    सत्या नडेला ने यह भी कहा कि एआई से जुड़ी बड़ी गलतियों और सिक्योरिटी में गड़बड़ी लगने जैसी घटनाओं की जानकारी सामने आनी चाहिए. इससे दूसरी कंपनियां भी उन गलतियों से सीख सकेंगी और अपने सिस्टम को ज्यादा सुरक्षित बना सकेंगी। 

    एआई अब सिर्फ सवालों के जवाब देने तक सीमित नहीं है. नए AI सिस्टम खुद कई काम करने की क्षमता हासिल कर रहे हैं. ऐसे में उनकी सुरक्षा और इंसानों का कंट्रोल बनाए रखना और भी जरूरी हो जाता है। 

    कुल मिलाकर सत्या नडेला का मैसेज साफ है. एआई को आगे बढ़ाना जरूरी है, लेकिन उसके हाथ में पूरी ताकत देना समझदारी नहीं होगी. मशीन कितनी भी समझदार हो जाए, उसे रोकने का बटन इंसान के पास जरूर होना चाहिए। 

  • दिल्ली में INDIA गठबंधन के प्रदर्शन के बीच शिवसेना (UBT) को झटका, राष्ट्रीय प्रवक्ता आनंद दुबे ने पार्टी से दिया इस्तीफा

    दिल्ली में INDIA गठबंधन के प्रदर्शन के बीच शिवसेना (UBT) को झटका, राष्ट्रीय प्रवक्ता आनंद दुबे ने पार्टी से दिया इस्तीफा

    मुंबई

    INDIA गठबंधन के प्रदर्शन के बीच शिवसेना UBT को बड़ा झटका लगा है. उद्धव ठाकरे की पार्टी के प्रवक्ता और हिंदी भाषी चेहरा आनंद दुबे ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और राष्ट्रीय प्रवक्ता के पद से इस्तीफा दे दिया है. बताया जा रहा है कि वह पार्टी की कार्यप्रणाली से नाराज चल रहे थे. उनके इस्तीफे को महाराष्ट्र में MVA गठबंधन के लिए भी झटका माना जा रहा है। 

    इस्तीफे के बाद आनंद दुबे ने कहा कि देश के मुद्दे पर मतभेद और असहमति हो सकती है, लेकिन राष्ट्र सबसे ऊपर होना चाहिए. उन्होंने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जिक्र करते हुए बताया कि वह 26 अप्रैल को पार्टी के सहयोगी और विधायी विंग के डिप्टी ऑर्गनाइजर गुलाबचंद मौर्य के साथ वहां गए थे. उन्होंने कहा कि उस समय इलाके में गोलीबारी का माहौल था. इस दौरान उन्होंने फारूक अब्दुल्ला और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात की और अपनी पार्टी के समर्थन का भरोसा दिलाया। 

    मैं CJP के साथ काम नहीं कर सकता- आनंद दूबे
    शिवसेना UBT को छोड़ने के बाद आनंद दुबे ने कहा- "चुनाव आयोग और SIR के मुद्दे पर शिवसेना यूबीटी की भूमिका से मैं सहमत नहीं था। मैं कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के साथ काम नहीं कर सकता।" शिवसेना यूबीटी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आनंद दुबे ने आज मुंबई में पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और प्रवक्ता पद से इस्तीफा देते हुए कहा कि उन्होंने भारी मन से यह फैसला लिया है। पिछले कई महीनों से वह अंदर ही अंदर परेशान थे।

    प्रेस कॉन्फ्रेंस आनंद दुबे करेंगे इस्तीफे का ऐलान!
    बताया जा रहा है कि आनंद दुबे मुंबई में आज प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. इस दौरान वो शिवसेना UBT की सदस्यता और पार्टी के प्रवक्ता पद से इस्तीफे का ऐलान करेंगे. ऐसे में सभी की नजर उनके फैसले पर टिकी है। 

    CJP के आंदोलन को शिवसेना (UBT) का समर्थन
    दरअसल मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मुंबई के शिवाजी पार्क इलाके में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने आंदोलन किया था. इस आंदोलन का शिवसेना (UBT) ने भी समर्थन किया है. रविवार को पार्टी के नेता आदित्य ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के अमित ठाकरे सैकड़ों समर्थकों के साथ आंदोलन में पहुंचे थे. इस दौरान इस दौरान आदित्य ठाकरे ने कहा कि अब यह विरोध प्रदर्शन नहीं रुकेगा. उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफा देने तक आंदोलन जारी रहेगा। 

    पार्टी के प्रवक्ता भी हैं आनंद दुबे
    आनंद दुबे शिवसेना यूबीटी के सबसे चर्चि
    त चेहरों में से एक रहे हैं. वो पार्टी के प्रवक्ता भी हैं और लगातार टीवी डिबेट में पार्टी का पक्ष रखते थे. वो उद्धव ठाकरे के करीबी नेताओं में गिने जाते हैं. वहीं अब अचानक उनके पार्टी छोड़ने की खबर से पार्टी में हलचल मच गई है. फिलहाल पार्टी की तरफ से इसको लेकर कोई बयान सामने नहीं आया है और न ही आनंद दुबे ने कुछ कहा है। 

    'जिस ट्रेन में कॉकरोच हो, उसमें सफर नहीं'
    शिवसेना यूबीटी से इस्तीफा देने के बाद आनंद दुबे ने कहा- "शरजील इमाम, उमर खालिद और ध्रुव राठी उनके आदर्श नहीं हैं। मेरे आदर्श स्मित मच्छार हैं। मेरे आदर्श शिवाजी महाराज और वीर सावरकर है।" अपने आगे के सफर को लेकर आनंद दुबे ने कहा कि "जिस ट्रेन में कॉकरोच हो मैं उस ट्रेन में सफर नहीं करूंगा। जब उचित प्लेटफार्म मिलेगा उस पार्टी को जॉइन करूंगा।"

    आनंद दुबे ने कहा कि ऐसे संकट के समय वरिष्ठ सांसदों और विधायकों को भी वहां जाना चाहिए था. उन्होंने कहा कि वह भले ही कोई बड़े नेता न हों और नगर निगम के पार्षद भी न हों, लेकिन बालासाहेब ठाकरे से प्रेरित होकर उनके अंदर एक शिवसैनिक की भावना है. उन्होंने कहा कि देश के सामने खड़ा संकट सबसे बड़ी चिंता है. पार्टी और वह खुद बाद में आते हैं, लेकिन देश सबसे पहले है. आनंद दुबे ने कहा, 'मेरा राष्ट्र पहले, मेरा भारत पहले। '

  • Virat Kohli-Anushka Sharma: एक ही मंजिल पर खरीदे 3 लग्जरी फ्लैट, जानें किसकी कितनी है कीमत

    Virat Kohli-Anushka Sharma: एक ही मंजिल पर खरीदे 3 लग्जरी फ्लैट, जानें किसकी कितनी है कीमत

    नई दिल्ली
    टीम इंडिया के पूर्व कप्तान विराट कोहली अपना रियल एस्टेट निवेश बढ़ाते जा रहे हैं, इसमें उनके साथ उनकी पत्नी बॉलीवुड अभिनेत्री अनुष्का शर्मा भी शामिल हैं. हाल ही में Virat Kohli, Anushka Sharma और एक्ट्रेस की फैमिली ने मुंबई के पॉश वर्सोवा इलाके में तीन बड़े सौदे किए हैं. यहां के एक रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट में एक ही मंजिल पर तीन फ्लैट खरीदे गए हैं और ये सौदा करीब 44.1 करोड़ रुपये में हुआ है.

    गोदरेज स्काईशोर में खरीदे फ्लैट
    रियल एस्टेट डेटा एनालिटिक्स फर्म सीआरई मैट्रिक्स से मिली प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन डॉक्युमेंट्स को देखें, तो विराट अनुष्का और उनके परिवार द्वारा खरीदे गए ये तीनों फ्लैट मुंबई के वर्सोवा में यारी रोड पर स्थित गोदरेज स्काईशोर बिल्डिंग में हैं.

    अनुष्का शर्मा का फ्लैट कितना बड़ा?
    रिपोर्ट में प्रॉपर्टी डॉक्युमेंट्स में दर्शाई गई डिटेल के आधार पर बताया गया है कि अभिनेत्री अनुष्का शर्मा ने इस बिल्डिंग में लगभग 2,153 वर्ग फुट का एक फ्लैट खरीदा है, जिसकी कीमत 14.89 करोड़ रुपये है. इसके लिए उन्होंने स्टांप शुल्क के तौर पर 74.47 लाख रुपये का पेमेंट किया है. इसमें तीन कवर्ड बेसमेंट पार्किंग स्पेस मिला है.

    अनुष्का शर्मा के माता-पिता आशिमा और अजय कुमार शर्मा ने भी यहां एक फ्लैट 10.91 करोड़ रुपये में खरीदा है. इमें दो कवर्ड बेसमेंट पार्किंग स्पेस मिला है. अभिनेत्री के माता-पिता ने 65.44 लाख रुपये का स्टांप शुल्क का भुगतान किया है. सीआरई मैट्रिक्स के मुताबिक, दोनों खरीद बीते 8 जुलाई 2026 को रजिस्टर्ड हुई हैं और इन्हें वन-स्टॉप बिजनेस सर्विसेज एलएलपी से खरीदा गया था, जिसके डेवलपर गोदरेज प्रॉपर्टीज थे.

    विराट कोहली संग तीसरा फ्लैट
    बिजनेस टुडे पर छपी रिपोर्ट के मुताबिक, अनुष्का शर्मा ने अपने पति क्रिकेट स्टार विराट कोहली के साथ मिलकर तीसरा फ्लैट खरीदा है. जिसकी कीमत 18.29 करोड़ रुपये बताई गई है. जैपकी द्वारा प्राप्त संपत्ति दस्तावेजों के अनुसार, 2,644 वर्ग फुट के इस घर का रजिस्ट्रेशन 21 जुलाई 2026 को हुआ. इसमें भी तीन कार पार्किंग का स्पेस शामिल है.

    24वीं मंजिल पर तीनों फ्लैट
    विराट कोहली, अनुष्का शर्मा और उनकी फैमिली द्वारा खरीदे गए ये तीनों फ्लैट गोदरेज स्काईशोर के टावर-A की 24वीं मंजिल पर हैं. प्रोजेक्ट अभी भी अंडर कंस्ट्रक्शन है और रजिस्ट्रेशन डिटेल के अनुसार अनुष्का और उनके माता-पिता के अपार्टमेंट का पजेशन 30 जून 2031 को या उससे पहले मिलने की उम्मीद है.

    विराट-अनुष्का ने यहां भी किया निवेश
    विराट और अनुष्का की ये मुंबई में पहली खरीदारी नहीं है. उन्होंने अलीबाग में भी संपत्ति में निवेश किया है. खबरों की मानें, तो इस सेलिब्रिटी कपल ने इसी साल जनवरी 2026 में वहां दो एक दूसरे से जुड़े हुए प्लॉट खरीदे थे और इनकी कीमत 37.86 करोड़ रुपये थी. 13 जनवरी को रजिस्टर हुए इस सौदे के लिए करीब 2.27 करोड़ का स्टांप शुल्क चुकाया गया था.

    इससे पहले भी अलीबाग में कथित तौर पर उनकी एक प्रॉपर्टी खरीद थी. 2022 में विराट-अनुष्का ने दो लेन-देन के माध्यम से इस क्षेत्र में लगभग आठ एकड़ जमीन 19.24 करोड़ रुपये में खरीदी और बाद में वहां एक आलीशान हॉलिडे होम बनाया.

  • डिजिटल पेमेंट को लेकर IIT बॉम्बे का बड़ा सुझाव, UPI MDR चार्ज में 80% तक कटौती का प्रस्ताव चर्चा में

    डिजिटल पेमेंट को लेकर IIT बॉम्बे का बड़ा सुझाव, UPI MDR चार्ज में 80% तक कटौती का प्रस्ताव चर्चा में

    नई दिल्ली

    IIT बॉम्बे की एक स्टडी में UPI पेमेंट सिस्टम को चलाने के लिए मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी MDR घटाने, बैंकों को इससे मिलने वाला हिस्सा खत्म करने और बड़े कारोबारियों से डिजिटल पेमेंट फीस लेने जैसे सुझाव दिए गए हैं। चाय की दुकान हो या शॉपिंग मॉल, सब्जी वाला हो या ऑनलाइन शॉपिंग, UPI ने पैसे देने का तरीका बदल दिया है. मोबाइल निकाला, QR कोड स्कैन किया और पेमेंट हो गया. लेकिन इस सुविधा को चलाने वाले पेमेंट ऐप, बैंक और दूसरे सर्विस प्रोवाइडर्स का खर्च कौन उठाएगा, यह सवाल अहम हो गया है. IIT बॉम्बे के प्रोफेसर आशीष दास और RBI की पूर्व अधिकारी प्रज्ञा दास की स्टडी UPI at a Crossroads: Reintroducing the MDR में इसी सवाल का जवाब तलाशने की कोशिश की गई है। 

    MDR घटाकर 0.08% करने का सुझाव
    स्टडी में UPI के कुछ मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR की दर मौजूदा घोषित 0.40 फीसदी से घटाकर 0.08 फीसदी करने की सिफारिश की गई है. इसके साथ ही पेमेंट सिस्टम में अलग-अलग कंपनियों और बैंकों की हिस्सेदारी को नए सिरे से तय करने का सुझाव दिया गया है. स्टडी की प्रमुख सिफारिशों के मुताबिक PhonePe और Google Pay जैसे थर्ड पार्टी ऐप प्रोवाइडर्स पर 0.06 फीसदी MDR लगाया जाए. वहीं पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स जिसमें मुख्य रूप से बैंक शामिल हैं, उनकी सेवाओं के लिए 0.02 फीसदी हिस्सा दिया जाए. इसके साथ ही MDR से मिलने वाली रकम में बैंकों को मिलने वाला हिस्सा खत्म करने का सुझाव भी दिया गया है।  

    बैंकों की CASA कमाई से चले UPI सिस्टम
    स्टडी में बैंकों को MDR का हिस्सा देने पर सवाल उठाया गया है. इसकी वजह करंट अकाउंट और सेविंग्स अकाउंट यानी CASA में जमा पैसे से बैंकों को मिलने वाला ब्याज मार्जिन है. रिपोर्ट के मुताबिक कारोबारी साल 2025-26 में बैंकों का CASA डिपॉजिट से नेट इंटरेस्ट मार्जिन 4.85 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रहा. स्टडी का तर्क है कि बैंकों को UPI सिस्टम को चलाने और बेहतर बनाने के लिए इसी स्रोत से योगदान देना चाहिए। 

    क्या सुझाव दिए गए?
    IIT बॉम्बे की स्टडी में CASA डिपॉजिट से जुड़े फंड का करीब 3 फीसदी, यानी लगभग 15,000 करोड़ रुपये, UPI सिस्टम के लिए इस्तेमाल करने का प्रस्ताव दिया गया है. वहीं UPI को बैंकिंग कारोबार के लिए जरूरी सर्विस बनाने की सिफारिश भी की गई है. इसके साथ ही डिजिटल पेमेंट सिस्टम के रखरखाव और विस्तार के लिए बैंकों की जिम्मेदारी तय करने का सुझाव भी दिया गया है। 

    स्टडी में ये भी कहा गया है कि UPI सिस्टम को चलाने का खर्च निकालने के लिए बड़े कारोबारियों की भूमिका बढ़ाई जा सकती है. इसके लिए सालाना 50 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा टर्नओवर वाले कारोबारियों के लिए UPI पेमेंट स्वीकार करना अनिवार्य बनाने का सुझाव दिया गया है. स्टडी के मुताबिक ऐसे कारोबारियों से ऑनलाइन मर्चेंट पेमेंट पर उचित डिजिटल पेमेंट फीस ली जा सकती है। 

    स्टडी की बाकी सिफारिशें
    IIT बॉम्बे की स्टडी में कहा गया है कि UPI के लिए एड-वैलोरम यानी ट्रांजैक्शन की रकम के अनुपात में चार्ज तय किया जाए और इसकी अधिकतम सीमा 40 रुपये प्रति ट्रांजैक्शन रखी जाए. वहीं क्रेडिट कार्ड MDR घटाने पर विचार किया जाए जिससे डिजिटल पेमेंट के अलग-अलग तरीकों के बीच चार्ज का अंतर कम हो जाए. इसके साथ ही ATM से मुफ्त कैश निकालने की तय सीमा पर दोबारा विचार करने की बात स्टडी में कही गई है. उधर पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड को जारी रखने का जिक्र किया गया है जिससे नए कारोबारियों को डिजिटल पेमेंट सिस्टम से जोड़ने में मदद मिल सकेगी. IIT बॉम्बे की स्टडी डिजिटल पेमेंट सिस्टम की कमाई और खर्च के बंटवारे पर बहस को आगे बढ़ाती है. अंतिम फैसला सरकार और संबंधित नियामकों का होगा. आम लोगों के लिए चुनौती यही है कि UPI की सुविधा बनी रहे और इसे चलाने का खर्च भी टिकाऊ तरीके से पूरा हो सके। 

    आम लोगों पर क्या होगा असर?
    सबसे अहम सवाल है कि क्या UPI पेमेंट करने पर आम लोगों को भी चार्ज देना पड़ेगा. स्टडी का मकसद डिजिटल पेमेंट सिस्टम के खर्च को टिकाऊ तरीके से पूरा करना है. इसमें आम लोगों के रोजमर्रा के पेमेंट पर सीधे चार्ज लगाने की सिफारिश नहीं की गई है. 15 सितंबर 2026 को घोषित सरकारी व्यवस्था के मुताबिक, चुनिंदा मर्चेंट UPI ट्रांजैक्शन पर 0.40 फीसदी MDR तय किया गया था. हालांकि ये चार्ज कारोबारियों पर लागू किया जाएगा और ग्राहकों पर इसका बोझ नहीं डाला जा सकता है. इसके अलावा पर्सन टू पर्सन के बीच होने वाले पेमेंट और तय छूट वाली श्रेणियां भी इससे बाहर हैं। 

    15 अक्तूबर की डेडलाइन से मिलेगी छूट!
    फिनटेक कंपनियां और कारोबारी इस सिस्टम को लागू करने की तारीख आगे बढ़ाकर जनवरी 2027 किए जाने की मांग कर रहे हैं. कई कारोबारी संगठनों का कहना है कि नियम पूरी तरह साफ किए बिना इसे लागू करना मुश्किल होगा. इंडस्ट्री की सबसे बड़ी चिंता अलग-अलग तरह के ट्रांजैक्शन पर अलग नियमों को लेकर है. इसकी वजह है कि UPI का सिस्टम कार्ड पेमेंट की तुलना में ज्यादा जटिल माना जा रहा है क्योंकि यूटिलिटी पेमेंट के लिए अलग नियम हैं. वहीं लोन रिपेमेंट के लिए अलग व्यवस्था है और कैपिटल मार्केट ट्रांजैक्शन की अलग कैटेगरी है। 

    शेयर बाजार से जुड़ी कंपनियों का कहना है कि ग्राहक जब अपने ब्रोकिंग अकाउंट में पैसा जोड़ता है तो उससे कंपनी को सीधे कोई कमाई नहीं होती, इसलिए उस पर MDR लागत लगाने को लेकर सवाल हैं. ऐसे में इंडस्ट्री ने रेगुलेटर्स के सामने ये मुद्दा उठाया है. पेमेंट इंडस्ट्री का तर्क है कि कई ऐसे ट्रांजैक्शन हैं जो क्रेडिट कार्ड से किए ही नहीं जा सकते. पहले ऐसे भुगतान नेट बैंकिंग, IMPS, NEFT और RTGS के जरिए होते थे. इसलिए UPI पर MDR लागू करने से पहले हर कैटेगरी के लिए साफ नियम जरूरी हैं. ऐसे में मांग की जा रही है कि फेस्टिव सीजन के बीच इसे लागू ना किया जाए. वहीं बैंक, एग्रीगेटर और कारोबारियों को तैयारी का समय मिलना चाहिए और जनवरी 2027 तक इसकी डेडलाइन बढ़ाने की मांग की गई है। 

  • बिहार के PMCH को मिली बड़ी सौगात, 2500 बेड की क्षमता के साथ आधुनिक इलाज की सुविधा

    बिहार के PMCH को मिली बड़ी सौगात, 2500 बेड की क्षमता के साथ आधुनिक इलाज की सुविधा

     पटना
     पटना के पीएमसीएच (PMCH) में इलाज कराने आने वाले मरीजों के लिए बड़ी खबर है। अस्पताल की पुनर्विकास योजना के तहत नवनिर्मित टावर-3 का मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि पीएमसीएच में अब एक साथ 2500 बेड पर मरीजों का आधुनिक चिकित्सकीय सुविधाओं के साथ इलाज होगा। नए टावर में मरीजों के उपचार के लिए कई आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
    मरीजों को एक ही अस्पताल में मिलेंगी आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं

    टावर-3 के उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री ने भवन का निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली। अधिकारियों ने उन्हें ओपीडी पंजीकरण के लिए कियोस्क और काउंटर, अल्पाहार गृह तथा पुनर्विकास योजना के तहत पूरे हो चुके और निर्माणाधीन कार्यों की प्रगति के बारे में बताया। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

    बच्चों के गंभीर इलाज के लिए पीकू वार्ड का उद्घाटन
    मुख्यमंत्री ने नए टावर के पांचवें तल पर पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीकू) वार्ड का उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने प्रतीक्षालय, स्त्री रोग एवं प्रसूति आईसीयू, नर्स स्टेशन, चिकित्सा कक्ष, उपचार कक्ष और प्रसवोत्तर वार्ड का निरीक्षण किया। इन सुविधाओं का जायजा लेते हुए उन्होंने मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

    मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर और रेडियोलॉजी विभाग का भी लिया जायजा
    मुख्यमंत्री ने टावर-3 के छठे तल पर स्थित मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर (ओटी)-22 का निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न शल्य चिकित्सा कक्षों, स्त्री रोग से संबंधित ऑपरेशन थिएटर और अन्य चिकित्सा इकाइयों में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। इसके अलावा प्रथम तल पर स्थित रेडियोलॉजी विभाग का भी जायजा लिया।

    अस्पताल में अव्यवस्था हुई तो मरीजों को होगी परेशानी, CM ने दिए निर्देश
    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अस्पताल के विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए, ताकि मरीजों के इलाज में किसी तरह की परेशानी न हो।

    उन्होंने अस्पताल की सुविधाओं का नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने और मरीजों व उनके परिजनों की समस्याओं का जल्द समाधान करने को कहा। साथ ही पुनर्विकास योजना के शेष निर्माण कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने का निर्देश दिया।

    बाल मरीजों को बांटी पोषण किट, स्वास्थ्य मंत्री ने किया स्वागत
    निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने टावर-3 के भूतल पर बाल मरीजों के बीच पोषण किट का वितरण किया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने पुष्पगुच्छ भेंट कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

    स्वास्थ्य सचिव कुमार रवि ने भी पुष्पगुच्छ और स्मृति चिह्न भेंट किया। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र प्रसाद यादव सहित कई जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी और चिकित्सक मौजूद रहे।

  • नगरीय विकास के नए अवसरों, आधुनिक तकनीक और निवेश की संभावनाओं पर केंद्रित हो आयोजन : आयुक्त भोंडवे

    नगरीय विकास के नए अवसरों, आधुनिक तकनीक और निवेश की संभावनाओं पर केंद्रित हो आयोजन : आयुक्त भोंडवे

    इंदौर में 28 अक्टूबर को आयोजित अर्बन कॉन्क्लेव की तैयारियों की समीक्षा

    भोपाल
    नगरीय विकास एवं आवास आयुक्त संकेत भोंडवे ने आगामी 28 अक्टूबर को इंदौर स्थित ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित होने वाले 'अर्बन कॉन्क्लेव' की पूर्व तैयारियों को लेकर विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में आयुक्त भोंडवे ने कार्यक्रम के सुचारू संचालन, अंतर-विभागीय समन्वय तथा व्यवस्थागत पहलुओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए समस्त दायित्वों एवं प्रबंधों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश जारी किए।

    आयुक्त संकेत भोंडवे ने कॉन्क्लेव में भाग लेने वाले विषय-विशेषज्ञों, उद्योगपतियों, निवेशकों तथा प्रतिष्ठित नीतिगत संस्थाओं के प्रतिनिधियों की गरिमामयी एवं प्रभावी सहभागिता सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि इस ऐतिहासिक आयोजन के माध्यम से प्रदेश में नगरीय विकास के नवीन आयामों, अत्याधुनिक तकनीकी अनुप्रयोगों तथा सतत् निवेश की अपार संभावनाओं पर गंभीर एवं परिणामन्मुखी विचार-विमर्श होना चाहिए, जिससे राज्य के शहरी परिदृश्य को वैश्विक मानकों के अनुरूप नई दिशा मिल सके।

    ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर, इंदौर में आयोजित इस बहुआयामी अर्बन कॉन्क्लेव में टियर-2 शहरों के सुव्यवस्थित एवं नियोजित विकास, री-डेंसिफिकेशन नीतियों, ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट, वैज्ञानिक भूमि उपयोग तथा आधुनिक शहरी विकास मॉडल पर देश-विदेश के प्रख्यात विशेषज्ञों द्वारा गहन मंथन किया जाएगा। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य मध्यप्रदेश के प्रमुख शहरों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप रूपांतरित करना तथा नागरिकों को विश्वस्तरीय नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए नवाचारों एवं नवीन संभावनाओं को गति प्रदान करना है।

     

  • स्कूल में अचानक पहुंचे CM यादव, बच्चों से जाना हाल

    स्कूल में अचानक पहुंचे CM यादव, बच्चों से जाना हाल

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को मंडला जिले के टाटरी में स्कूल के नन्हें-मुन्ने बच्चों के साथ आत्मीयता से सहज संवाद किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टाटरी हेलीपेड जाते समय एक निजी पब्लिक स्कूल में अपना काफिला रुकवाया और वहां प्रार्थना सभा में शामिल विद्यार्थियों से मिले। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को अचानक अपने बीच पाकर बच्चे और उनके टीचर्स प्रसन्न हुए। स्कूल में उस समय बच्चों की रुटीन असेम्बली चल रही थी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों को परमपिता परमेश्वर से सबके कल्याण की प्रार्थना करते देखा, तो वे उनके बीच पहुंच गए। उन्होंने बच्चों से स्नेहपूर्वक बातचीत की, उनके नाम पूछे और यह भी जाना कि वे किस कक्षा में पढ़ते हैं तथा उनकी पढ़ाई कैसी चल रही है ?

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बच्चों को दुलारते हुए खूब मन लगाकर पढ़ने-लिखने के लिए प्रेरित किया। बच्चों के साथ उनका संवाद सहज, आत्मीय और अपनत्व से भरा रहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस अप्रत्याशित उपस्थिति से विद्यार्थियों के चेहरे खिल उठे और विद्यालय परिसर में हर्ष और उत्साह का माहौल बन गया।