Author: NewseDay

  • 5 जिलों को जोड़कर खोलेगा रोजगार के द्वार, जयपुर-पचपदरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे को मंजूरी

    5 जिलों को जोड़कर खोलेगा रोजगार के द्वार, जयपुर-पचपदरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे को मंजूरी

    जयपुर.

    राजस्थान के औद्योगिक और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में बड़ा बदलाव जयपुर से पचपदरा तक प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे से होने जा रहा है। लगभग 350 से 400 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेस-वे से पचपदरा रिफाइनरी को प्रदेश की राजधानी से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे पश्चिमी राजस्थान में यात्रा सुगम होगी और लॉजिस्टिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत आधार मिलेगा।

    इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 11,492 करोड़ रुपए है। यह एक्सप्रेस-वे जयपुर से शुरू होकर किशनगढ़ (अजमेर), पाली और जोधपुर होते हुए बालोतरा जिले के पचपदरा तक पहुंचेगा। परियोजना को केंद्र सरकार से मंजूरी मिल चुकी है। फिलहाल, भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है तथा डीपीआर तैयार की जा रही है। संभावना है कि यह मार्ग जोधपुर-पाली क्षेत्र से होकर निकलेगा, जिससे रोहट में प्रस्तावित दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (डीएमआईसी) के पश्चिमी राजस्थान हिस्से को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।

    रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल हब को सीधा लाभ
    इस एक्सप्रेस-वे का सबसे बड़ा लाभ पचपदरा रिफाइनरी और प्रस्तावित पेट्रोकेमिकल हब को मिलेगा। रिफाइनरी को कच्चे माल की आपूर्ति और तैयार उत्पादों के परिवहन के लिए सीधा व सुरक्षित कॉरिडोर मिलेगा, जिससे लॉजिस्टिक लागत में कमी आएगी। यह एक्सप्रेस-वे दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेस-वे से भी जुड़ेगा, जिससे राजस्थान की औद्योगिक कनेक्टिविटी राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होगी।

    एक्सपोर्ट की राह होगी आसान
    इस मार्ग के बनने से जयपुर-जोधपुर-बालोतरा की यात्रा समय में लगभग दो से तीन घंटे की कमी आने की संभावना है। हालांकि, सबसे बड़ा लाभ निर्यात क्षेत्र को होगा। एक्सप्रेस-वे को जामनगर-अमृतसर भारतमाला कॉरिडोर से जोड़े जाने के बाद सड़क और कंटेनर रेल मार्ग से भी तेज और आसान तरीके से कांडला पोर्ट तक पहुंच सकेंगे। डीएमआईसी जोधपुर-पाली रोड से जुड़ाव के कारण आगामी औद्योगिक विकास की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। जोधपुर में प्रस्तावित नई रिंग रोड के समीप से एक्सप्रेस-वे गुजरने से ट्रांसपोर्टेशन और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
    बेहतर लॉजिस्टिक मॉडल, कनेक्टिविटी बढ़ेगी

    उत्पादों की ट्रांसपोर्टेशन सुगम होगी
    इस परियोजना से एक्सपोर्ट योग्य उत्पादों की ट्रांसपोर्टेशन सुगम होगी और गुजरात तक की रफ्तार बढ़ेगी। नए औद्योगिक क्षेत्र और रिंग रोड के साथ यह एक्सप्रेस-वे रोजगार के नए द्वार भी खोलेगा।
    -कुशल प्रजापत, सिविल इंजीनियर

    फैक्ट फाइल…

    1. 350 से 400 किलोमीटर लगभग कुल लंबाई
    2. 11,492 करोड़ रुपए लगभग अनुमानित लागत
    3. 05 जिले जुड़ेंगे
    4. 2 से 3 घंटे की यात्रा समय में कमी
  • DK कैंप का दावा- ‘2.5 साल का फॉर्मूला था तय, सिद्धारमैया ने वादा किया था’

    DK कैंप का दावा- ‘2.5 साल का फॉर्मूला था तय, सिद्धारमैया ने वादा किया था’

    बेंगलुरु
    कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर चल रही अटकलों के बीच एक बार फिर मुख्यमंत्री पद का मुद्दा सतह पर आ गया है. DK शिवकुमार कैंप के विधायक बसवराज शिवगंगा ने दावा किया है कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री DK शिवकुमार के बीच 2.5-2.5 साल का पावर-शेयरिंग समझौता हुआ था.

    बसवराज शिवगंगा ने साफ शब्दों में कहा कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को लेकर किसी भी बयान को तब तक गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए, जब तक वो कांग्रेस हाईकमान की ओर से ना आया हो. उन्होंने यथींद्रा के बयानों को भी हल्के में लेने की बात कही.

    शिवगंगा ने कहा, हाईकमान के अलावा किसी के बयान को गंभीरता से मत लीजिए. कम से कम मेरे बयान को तो गंभीरता से लिया जाना चाहिए, क्योंकि मैं एक विधायक हूं और मुख्यमंत्री चुनने में मेरा वोट है. यथींद्रा के पास ऐसा कोई वोट नहीं है. मीडिया को तय करना है कि किसके बयान को तवज्जो देनी है.

    उन्होंने आगे दावा किया कि उन्हें यह संदेश मिला है कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के बीच 2.5 साल का फॉर्मूला वास्तव में तय हुआ था. शिवगंगा के मुताबिक, सिद्धारमैया ने इस पावर शेयरिंग व्यवस्था का वादा किया था.

    इस बीच, DK शिवकुमार के समर्थन में एक और विधायक सामने आ गए हैं. मंगलुरु से कांग्रेस विधायक अशोक राय ने खुले मंच से DK शिवकुमार को लेकर बड़ा बयान दिया है. अशोक राय ने कहा कि DK शिवकुमार छह महीने के भीतर मुख्यमंत्री के रूप में मंगलुरु लौटेंगे.

    मंगलुरु में एक कार्यक्रम के दौरान अशोक राय ने DK शिवकुमार के साथ मंच साझा करते हुए कहा, हम छह महीने में इस कांग्रेस भवन का निर्माण पूरा कर लेंगे और जब आप मुख्यमंत्री बनकर आएंगे, तब इसी भवन का उद्घाटन करेंगे.

    अशोक राय का यह बयान ऐसे वक्त आया है, जब कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर पहले से ही अंदरूनी खींचतान की खबरें सामने आ रही हैं. एक के बाद एक विधायकों के बयान पार्टी के भीतर मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही असहमति को सार्वजनिक रूप से उजागर कर रहे हैं.

    हालांकि पार्टी नेतृत्व की ओर से अब तक किसी भी तरह के पावर शेयरिंग फॉर्मूले या नेतृत्व परिवर्तन को लेकर आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है. कांग्रेस हाईकमान लगातार यह दोहराता रहा है कि सरकार स्थिर है और मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई बदलाव तय नहीं है.

  • ब्रेकअप के बाद तारा सुतारिया का भावुक पल, वीर पहाड़िया से रिश्ता खत्म

    ब्रेकअप के बाद तारा सुतारिया का भावुक पल, वीर पहाड़िया से रिश्ता खत्म

    मुंबई 
    एक्ट्रेस तारा सुतारिया अपने कथित ब्रेकअप की वजह से सुर्खियों में हैं. कुछ वक्त पहले ही तारा ने एक्टर वीर पहाड़िया संग अपने रिश्ते को ऑफिशियल किया था. हालांकि एक विवाद के बाद दोनों के अलग होने की खबरें आने लगीं. इस चर्चा के बीच तारा ने अपनी मानसिक शांति, काम और सफलता के अपने नजरिए के बारे में खुलकर बात की है.

    Elle India को दिए इंटरव्यू में तारा सुतारिया ने कहा, 'मैं हमेशा से मानती रही हूं कि सफलता अंदरूनी होती है… मानसिक शांति, कुछ खास लोग जो आपसे प्यार करते हैं, खुद को जानना, ये हमेशा मेरा लक्ष्य रहा है.' उन्होंने आगे कहा, 'मैंने सीख लिया है कि अपनी शांति की रक्षा कैसे करनी है.'

    तारा सुतारिया बचपन से ही कैमरे के सामने पली-बढ़ी हैं, इसलिए उन्हें खुद को शांत करना और शांति बनाए रखना समझने में कुछ वक्त लगा. लेकिन उन्होंने इसके लिए सेल्फ-रिफ्लेक्शन (आत्म-चिंतन) को अपना मंत्र बनाया. एक्ट्रेस ने कहा, 'केवल हम ही जानते हैं कि अपने नर्वस सिस्टम को कैसे शांत करना है.'

    एक्टर्स को अक्सर जनता द्वारा गलत समझा जाता है, लेकिन अब तारा को लोगों की बातों को ठीक करने की जरूरत महसूस नहीं होती.  
    उन्होंने कहा, 'जब तक मुझे सच पता है और मेरे सबसे करीबी लोग सच जानते हैं, बस इतना ही काफी है.'

    विवाद के बाद अलग हुए तारा-वीर?

    पिछले साल तारा सुतारिया और वीर पहाड़िया के ब्रेकअप की खबरें सुर्खियों में आई थीं. यह खबर तब आई जब मुंबई में सिंगर एपी ढिल्लों के कॉन्सर्ट में एपी ने तारा को गले लगाया और किस किया था. इसपर विवाद शुरू होने के बाद तारा को बेवफा कहा जाने लगा, जिसका उन्होंने और वीर ने कड़ा जवाब दिया था. लेकिन बाद में दोनों के ब्रेकअप की खबरों ने सबको यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि क्या यह एपी के कॉन्सर्ट वाली घटना की वजह से हुआ. फिलहाल न तो वीर और न ही तारा ने इन ब्रेकअप की अफवाहों पर कोई आधिकारिक बयान दिया है.

    पर्सनल लाइफ पर चर्चा नहीं चाहतीं एक्ट्रेस

    दिसंबर 2025 में हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में तारा सुतारिया ने कहा था कि वे अपनी निजी जिंदगी को निजी रखना पसंद करती हैं. उन्होंने कहा, 'मैं प्रसिद्धि के साथ आने वाली जांच और ध्यान को शालीनता और नजरिए के साथ संभालती हूं. मैंने सीख लिया है कि हर बात को व्यक्तिगत रूप से न लूं और शोर की बजाय प्यार पर ध्यान दूं. मैं बस पीछे हट जाती हूं, डिस्कनेक्ट कर लेती हूं और अपने ओरिजिन में लौट आती हूं. मेरा परिवार और करीबी दोस्त मुझे जमीन से जुड़ा और संतुलित रखते हैं. मैं अपनी निजी जिंदगी की बहुत रक्षा करती हूं. मैं सिर्फ वही शेयर करती हूं जिसमें मैं सहज हूं, बाकी सबको मैं पवित्र रखती हूं.'

    काम की बात करें तो तारा को अगली बार फिल्म 'टॉक्सिक' में देखा जाएगा. इस फिल्म में मुख्य भूमिका में KGF स्टार यश हैं, साथ में कियारा आडवाणी, नयनतारा, हुमा कुरैशी और रुक्मिणी वसंत भी हैं. फिल्म 19 मार्च 2026 को रिलीज होगी और 'धुरंधर 2' के साथ बॉक्स ऑफिस पर टकराएगी.

  • पीरियड्स में चिड़चिड़ापन और थकान? सही देखभाल से रखें शरीर और मन स्वस्थ

    पीरियड्स में चिड़चिड़ापन और थकान? सही देखभाल से रखें शरीर और मन स्वस्थ

     पीरियड्स के दौरान दर्द, थकान या चिड़चिड़ापन महसूस होना बहुत आम बात है और हर लड़की या महिला कभी न कभी इससे गुजरती है। पेट के निचले हिस्से में ऐंठन, कमर दर्द, सिर दर्द, उलझन या बिना किसी खास वजह के मूड खराब होना हार्मोनल बदलावों की वजह से होता है। इस समय शरीर थोड़ा कमजोर भी महसूस करता है, इसलिए खुद को समझना और सही देखभाल करना बेहद जरूरी हो जाता है। सबसे पहले खाने-पीने पर ध्यान देना चाहिए। पीरियड्स के दिनों में हल्का, पोषण से भरपूर खाना जैसे हरी सब्जियां, फल, दालें और आयरन से भरपूर चीजें शरीर को ताकत देती हैं। खूब पानी पीना भी बहुत जरूरी है, इससे पेट की सूजन और थकान कम होती है। ज्यादा नमक, जंक फूड, चाय-कॉफी और कोल्ड ड्रिंक से दूरी बनाकर रखना बेहतर रहता है क्योंकि ये दर्द और चिड़चिड़ापन बढ़ा सकते हैं। इसके साथ ही आराम और हल्की-फुल्की गतिविधि का संतुलन भी जरूरी है।

    बहुत ज्यादा बिस्तर पर पड़े रहना भी शरीर को सुस्त बना देता है, इसलिए हल्की वॉक, स्ट्रेचिंग या योग करने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और दर्द में राहत मिलती है। हालांकि, भारी एक्सरसाइज या ज्यादा थकाने वाला काम करने से बचना चाहिए। अगर मन करता है तो गुनगुने पानी से नहाना या पेट पर गर्म पानी की थैली रखना भी काफी आराम देता है। नींद पूरी लेना भी जरूरी है, क्योंकि नींद की कमी से मूड स्विंग्स और थकान बढ़ सकती है।

    पीरियड्स के दौरान साफ-सफाई का खास ख्याल रखना बेहद जरूरी है। समय-समय पर सैनिटरी पैड या साफ कपड़ा बदलना चाहिए, आमतौर पर हर 6 घंटे में। इस्तेमाल किए गए पैड को ठीक से लपेटकर फेंकें और अंडरगारमेंट्स रोज बदलें। अंडरगारमेंट्स को अच्छे से धोकर धूप में सुखाना चाहिए ताकि कीटाणु न पनपें। इस दौरान गंदे या नम कपड़े पहनने से बचें, क्योंकि इससे इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। हाथों की साफ-सफाई का भी ध्यान रखें और बार-बार हाथ धोते रहें।

    मानसिक सेहत का ख्याल रखना भी उतना ही जरूरी है, जितना शारीरिक सेहत का। पीरियड्स के समय भावनाएं जल्दी आहत हो सकती हैं, गुस्सा या उदासी बिना वजह महसूस हो सकती है। ऐसे में खुद पर ज्यादा सख्त न हों। मनपसंद काम करें, हल्का संगीत सुनें, किताब पढ़ें या किसी अपने से बात करें।
    अगर दर्द बहुत ज्यादा हो या पीरियड्स बहुत अनियमित हों, तो इसे नजरअंदाज करने के बजाय डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

  • कांग्रेस में घमासान, लक्ष्मण तिवारी के इस्तीफे के बाद भाजपा ने जीतू पटवारी की कार्यकुशलता पर की टिप्पणी

    कांग्रेस में घमासान, लक्ष्मण तिवारी के इस्तीफे के बाद भाजपा ने जीतू पटवारी की कार्यकुशलता पर की टिप्पणी

     भोपाल
    मध्य प्रदेश में कांग्रेस एक ओर संगठन को सशक्त बनाने के लिए संगठन सृजन अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर गुटबाजी के आरोप लग रहे हैं। मऊगंज विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक लक्ष्मण तिवारी ने गुटबाजी का आरोप लगाते हुए पार्टी छोड़ दी। उनके आरोप से भाजपा के निशाने पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी आ गए हैं।

    भाजपा नेताओं ने कहा है कि प्रदेश नेतृत्व की 'कार्यकुशलता' से कांग्रेस के नेता ही आहत हैं। यह प्रदेश अध्यक्ष की 'कार्यकुशलता' पर सवाल है। लोकसभा चुनाव से पहले पूर्व विधायक लक्ष्मण तिवारी कांग्रेस में शामिल हुए थे। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने ही उन्हें सदस्यता दिलाई थी।

    भारतीय जनशक्ति पार्टी के टिकट पर विधायक

    वह 2008 में उमा भारती की भारतीय जनशक्ति पार्टी के टिकट पर मऊगंज से विधायक बने। 2013 के विधानसभा चुनाव में मऊगंज सीट से ही भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े लेकिन हार गए। 2018 में टिकट नहीं मिलने पर भाजपा से बागी होकर निर्दलीय चुनाव लड़ा और 10 हजार मत प्राप्त किए। 2023 में समाजवादी पार्टी से होते हुए कांग्रेस में आए। अब उन्होंने कांग्रेस भी छोड़ दी।

    गुरुवार को रीवा में पत्रकार वार्ता में तिवारी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस जमीनी मुद्दों से भटक गई है। गुटबाजी हावी है। पार्टी में खींचतान चल रही है, जो भविष्य के लिए हानिकारक है। ईमानदारी से काम करने वालों की बात नहीं सुनी जाती है।

    भाजपा का हमला

    इस आरोप को आधार बनाकर भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने कहा है कि दिग्विजय सिंह ने मंच से, हरीश चौधरी व उमंग सिंघार ने दिल्ली में मल्लिकार्जुन खरगे-राहुल गांधी के सामने, कमलेश्वर पटेल ने मीडिया में जीतू पटवारी की कार्यकुशलता पर सवाल उठाए हैं। अब अपनी उपेक्षा से आहत पूर्व विधायक लक्ष्मण तिवारी का पार्टी से त्यागपत्र दे दिया जो प्रदेश नेतृत्व की विफलता का प्रमाण है। अब उन्हें झूठ और भ्रम फैलाने के बजाय आत्ममंथन करना चाहिए।

  • सांसद पप्पू यादव को IGIMS से PMCH में किया भर्ती, गिरफ्तारी के बाद बिगड़ी तबीयत

    सांसद पप्पू यादव को IGIMS से PMCH में किया भर्ती, गिरफ्तारी के बाद बिगड़ी तबीयत

    पटना.

    पटना में पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी ने बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है। 32 साल पुराने एक मामले में पुलिसिया कार्रवाई के बाद न सिर्फ विपक्ष ने सवाल उठाए हैं, बल्कि सांसद की बिगड़ती सेहत भी पूरे घटनाक्रम को संवेदनशील बना रही है। गिरफ्तारी के बाद रात भर चले हाई-वोल्टेज घटनाक्रम ने इस मामले को कानून से आगे सियासत के केंद्र में ला दिया है।

    गिरफ्तारी के बाद पुलिस सबसे पहले सांसद को IGIMS लेकर गई, जहां से आज सुबह उन्हें PMCH शिफ्ट किया गया। वहीं से अभी अभी IGIC में रेफर किया गया है बताया जा रहा है कि पुलिस ने बीती रात पटना स्थित आवास से सांसद पप्पू यादव को हिरासत में लिया। सांसद ने आरोप लगाया कि गिरफ्तारी के समय कई पुलिसकर्मी सिविल ड्रेस में थे, जिससे प्रक्रिया पर सवाल खड़े होते हैं। पप्पू यादव ने अपनी खराब तबीयत का हवाला देते हुए गिरफ्तारी का विरोध भी किया।

    IGIMS से PMCH तक: इलाज को लेकर विवाद
    गिरफ्तारी के बाद पुलिस सबसे पहले सांसद को IGIMS लेकर गई, जहां से आज सुबह उन्हें PMCH शिफ्ट किया गया। पप्पू यादव के आधिकारिक फेसबुक पेज और उनके निजी सचिव ने दावा किया कि IGIMS में उन्हें पूरी रात बेड नहीं मिला और स्ट्रेचर पर रखा गया। इलाज में लापरवाही के आरोपों ने मामले को और तूल दे दिया है।

    ‘साजिश’ का आरोप, प्रशासन कटघरे में
    सांसद के समर्थकों और उनके सचिव ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सोशल मीडिया पोस्ट में कहा गया कि नीट छात्रा के समर्थन में आवाज उठाने की वजह से पप्पू यादव को निशाना बनाया जा रहा है। यहां तक कहा गया कि उनके साथ साजिशन व्यवहार किया जा रहा है, जिससे उनकी जान को खतरा हो सकता है।

    कानूनी प्रक्रिया पर वकील ने उठाए सवाल
    पप्पू यादव के अधिवक्ता शिवनंदन भारती ने पुलिस की कार्रवाई को कानूनी रूप से त्रुटिपूर्ण बताया है। उनका कहना है कि 1995 के मामले में सांसद पहले ही जमानत पर थे। बेल टूटने के बाद पुलिस ने नोटिसों को जानबूझकर दबाया और बिना धारा 82 की प्रक्रिया पूरी किए सीधे धारा 83 के तहत कुर्की और गिरफ्तारी की गई, जो कानून के खिलाफ है।

    कोर्ट में आज पेशी, जमानत या जेल पर फैसला
    अब सभी की नजरें आज होने वाली कोर्ट पेशी पर टिकी हैं। पप्पू यादव की कानूनी टीम जमानत के लिए अर्जी दाखिल करने की तैयारी में है। अगर अदालत राहत देती है तो सांसद को रिहाई मिल सकती है, अन्यथा उन्हें जेल जाना पड़ सकता है। हालांकि, उनकी बिगड़ती सेहत को देखते हुए अस्पताल के कैदी वार्ड में रखने का विकल्प भी खुला माना जा रहा है।

    स्वास्थ्य बनाम कानून: सियासत के बीच फंसा मामला
    एक ओर कानून अपना रास्ता तय कर रहा है, तो दूसरी ओर सांसद की तबीयत और राजनीतिक आरोप इस मामले को और जटिल बना रहे हैं। आने वाले घंटों में कोर्ट का फैसला न सिर्फ पप्पू यादव के भविष्य को तय करेगा, बल्कि बिहार की सियासत में भी इसका असर साफ दिखेगा।

  • 1 घंटे परिसर बंद रखने से कई उड़ानें प्रभावित, अमृतसर हवाई अड्डे में संदिग्ध ड्रोन से मचा हड़कंप

    1 घंटे परिसर बंद रखने से कई उड़ानें प्रभावित, अमृतसर हवाई अड्डे में संदिग्ध ड्रोन से मचा हड़कंप

    अमृतसर.

    अमृतसर के श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां संदिग्ध ड्रोन की गतिविधि देखे जाने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां और एयरपोर्ट प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया। मिली जानकारी के अनुसार यह घटना 5 फरवरी की रात को हुई, जब रात करीब 9 बजे हवाई अड्डे के आसपास एक ड्रोन उड़ता हुआ दिखाई दिया।

    सुरक्षा के मद्देनज़र प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए करीब एक घंटे के लिए हवाई अड्डे को पूरी तरह बंद कर दिया। इस गतिविधि का असर हवाई सेवाओं पर भी पड़ा। शारजाह से अमृतसर आ रही फ्लाइट को सुरक्षा कारणों से चंडीगढ़ डायवर्ट कर दिया गया। इसके साथ ही मलेशिया एयरलाइंस की उड़ान को भी दूसरे हवाई अड्डे पर भेजना पड़ा। फिलहाल प्रशासन द्वारा इस पूरे मामले की बारीकी से जांच की जा रही है और सुरक्षा एजेंसियां ड्रोन की पहचान व उसके संचालन से जुड़े लोगों का पता लगाने में जुटी हैं। 

  • PoK को भारत का हिस्सा मानने पर अमेरिका का बयान, शहबाज-मुनीर ने उठाया नक्शे का मुद्दा

    PoK को भारत का हिस्सा मानने पर अमेरिका का बयान, शहबाज-मुनीर ने उठाया नक्शे का मुद्दा

    वाशिंगटन 

    अमेरिका से पाकिस्तान की नींद उड़ाने वाली खबर आई है. अमेरिका और भारत ने ट्रेड डील का फ्रेमवर्क जारी किया है. मगर इससे पाकिस्तान की टेंशन बढ़ गई है. अब सवाल है कि आखिर अमेरिका ने ऐसा क्या किया कि शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर की नींद उड़ जाएगी. दरअसल, अमेरिका ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर यानी पीओके को भारत का हिस्सा माना है. वैसे भी पाक अधिकृत कश्मीर यानी पीओके भारत का हिस्सा है. भारत शुरू से यह मानता है कि पीओके भारत का अभिन्न अंग है, जिस पर पाकिस्तान ने कब्जा जमा रखा है. अब भारत की इस बात पर अमेरिका ने भी मुहर लगा दी है. अमेरिका ने जो नक्शा जारी किया है, वह साफ-साफ बता रहा है कि पाकिस्तान का कब्जा अवैध है और पीओके भारत का ही हिस्सा है.

    जी हां, अमेरिका ने एक ऐसा नक्शा जारी किया है जिसने पाकिस्तान की नींद उड़ा दी है. अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय यानी यूनाइटेड स्टेट्स ट्रेड रिप्रजेंटेटिव ने भारत-अमेरिका के नए अंतरिम ट्रेड एग्रीमेंट की जानकारी देते हुए जो नक्शा इस्तेमाल किया है, उसे देखकर शहबाज और मुनीर की छाती फट जाएगी. अमेरिका की ओर से जारी नक्शे में पूरा कश्मीर को भारत का हिस्सा दिखाया गया है. इस नक्शे के मुताबिक, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) भी भारत में शामिल है. इस नक्शे में न कोई लाइन ऑफ कंट्रोल है और नकोई विवादित क्षेत्र. साफ-साफ सब कुछ भारत का दिखाया गया है.

    क्या हुआ नक्शे में
    दरअसल, यूएसटीआर यानी यूनाइटेड स्टेट्स ट्रेड रिप्रजेंटेटिव (USTR) ने भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर अंतरिम फ्रेमवर्क से जुड़ा एक पोस्ट किया. इस पोस्ट में अमेरिकी उत्पादों (ट्री नट्स, ड्राइड डिस्टिलर्स ग्रेन, रेड सोरघम, फल आदि) के लिए भारत में नए बाजार खुलने की बात थी. अमेरिका ने अपने पोस्ट में लिखा, ‘ट्री नट्स और सूखे डिस्टिलर्स ग्रेन से लेकर लाल ज्वार और ताज़े और प्रोसेस्ड फलों तक, अमेरिका-भारत एग्रीमेंट अमेरिकी प्रोडक्ट्स के लिए नए मार्केट एक्सेस देगा.’ मगर इस पोस्ट के साथ जारी नक्शे ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया.
    अमेरिका ने यही नक्शा जारी किया है, जिसमें पीओके को भारत का हिस्सा माना गया है.

    अमेरिका का बड़ा संकेत
    अमेरिका की ओर से जारी यह नक्शा सिर्फ एक तस्वीर नहीं है.यह अमेरिका की सोच का बड़ा संकेत है. भारत हमेशा कहता रहा है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का पूरा इलाका भारत का अभिन्न अंग है. इसमें PoK और गिलगित-बाल्टिस्तान भी हैं. अब अमेरिका के आधिकारिक अकाउंट से ऐसा नक्शा आने का मतलब है कि वाशिंगटन भारत की इस बात को मान रहा है. इसका यह भी संकेत है कि अमेरिका अब पीओके के मसले पर न्यूट्रल नहीं है. यह बात हाल ही में हुई भारत-अमेरिका ट्रेड डील के साथ आई है. दोनों देशों ने टैरिफ कम करने और ट्रेड डील पर फ्रेमवर्क जारी किया है.

    पाक को झटका
    अमेरिका का यह कदम पाकिस्तान के लिए यह बड़ा झटका है. पाकिस्तान दशकों से पीओके पर अवैध कब्जा जमा रखा है. भारत ने यह प्रण कर रखा है कि पीओके को वापस लेकर रहेगा. इस दिशा में भारत के लिए यह अच्छी खबर है. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ जनरल असीम मुनीर को इस नक्शे को आंख खोलकर देखना चाहिए. उनका सबसे पुराना दोस्त अमेरिका अब भारत के साथ खड़ा दिख रहा है. जिनके घर जाकर मुनीर बिरयानी खाते हैं, उन्होंने कैसे भारत का लोहा माना है.

  • WHO का अलर्ट: बांग्लादेश में निपाह वायरस के कारण कच्चा खजूर रस पीने से महिला की मौत

    WHO का अलर्ट: बांग्लादेश में निपाह वायरस के कारण कच्चा खजूर रस पीने से महिला की मौत

     ढाका

    विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने शुक्रवार को बांग्लादेश में निपाह वायरस (Nipah virus) से एक महिला की मौत की पुष्टि की है। यह घटना जनवरी के अंत में उत्तरी बांग्लादेश में हुई, जिसने एक बार फिर इस घातक वायरस के खतरे को चर्चा में ला दिया है।

    मृतक महिला की उम्र 40 से 50 वर्ष के बीच थी। महिला में 21 जनवरी को बुखार और सिरदर्द जैसे शुरुआती लक्षण दिखे। इसके बाद उनकी स्थिति बिगड़ती गई, जिसमें अत्यधिक लार निकलना, मानसिक भ्रम और दौरे पड़ना शामिल था। लक्षणों के उभरने के एक सप्ताह बाद महिला की मृत्यु हो गई। मौत के अगले दिन जांच में उनके निपाह वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई।
    संक्रमण का कारण

    जांच में पाया गया कि महिला का कोई हालिया यात्रा इतिहास नहीं था। हालांकि, उन्होंने कच्चा खजूर का रस पिया था। विशेषज्ञों के अनुसार, निपाह वायरस मुख्य रूप से चमगादड़ों द्वारा दूषित किए गए फलों या तरल पदार्थों के जरिए इंसानों में फैलता है।
    एहतियाती कदम और वर्तमान स्थिति

    संपर्क ट्रेसिंग: महिला के संपर्क में आए सभी 35 लोगों की पहचान कर उन्हें निगरानी में रखा गया था। राहत की बात यह है कि उन सभी की रिपोर्ट नेगेटिव आई है।

    क्षेत्रीय प्रभाव: भारत के पश्चिम बंगाल में भी निपाह के दो मामले सामने आने के बाद, एशिया के कई देशों जैसे मलेशिया, थाईलैंड, इंडोनेशिया और पाकिस्तान ने हवाई अड्डों पर थर्मल स्क्रीनिंग बढ़ा दी है।

    WHO की राय: विश्व स्वास्थ्य संगठन ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में इस वायरस के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैलने का जोखिम कम है। इसलिए, अभी किसी भी प्रकार के यात्रा या व्यापार प्रतिबंध की सिफारिश नहीं की गई है।

    यह संक्रमण काफी घातक है, जिसमें मृत्यु दर 75% तक हो सकती है। यह मुख्य रूप से संक्रमित चमगादड़ों के संपर्क में आए फलों/खाद्य पदार्थों से फैलता है। यह वायरस इंसानों के बीच बहुत आसानी से नहीं फैलता। वर्तमान में इसके लिए कोई लाइसेंस प्राप्त वैक्सीन या विशिष्ट दवा उपलब्ध नहीं है।

    बांग्लादेश में पिछले साल (2025) भी निपाह वायरस के चार पुष्ट मामले सामने आए थे, जिनमें सभी मरीजों की जान चली गई थी। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे पेड़ों से गिरे फल न खाएं और खजूर के रस को अच्छी तरह उबालकर ही पिएं।

  • एयरपोर्ट पास में होना बड़ी चुनौती, गुरुग्राम में बनेगी देश की सबसे ऊंची इमारत

    एयरपोर्ट पास में होना बड़ी चुनौती, गुरुग्राम में बनेगी देश की सबसे ऊंची इमारत

    गुरुग्राम.

    हरियाणा सरकार गुरुग्राम को वैश्विक शहरों की कतार में खड़ा करने की दिशा में अब तक का सबसे महत्वाकांक्षी शहरी विकास प्रोजेक्ट शुरू करने जा रही है। द्वारका एक्सप्रेस-वे के किनारे विकसित की जा रही 1003 एकड़ की ‘ग्लोबल सिटी’ में देश की सबसे ऊंची इमारत बनाने का प्रस्ताव सैद्धांतिक रूप से मंजूर कर लिया गया है।

    सरकार इस मेगा प्रोजेक्ट को जमीन पर उतारने के लिए जल्द ही एडवाइजर नियुक्त करेगी। इसके लिए विदेशी कंपनियों और अंतरराष्ट्रीय सलाहकारों की सेवाएं ली जाएंगी, ताकि इमारत का डिजाइन, तकनीक और सुरक्षा ढांचा वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार किया जा सके।

    ग्लोबल सिटी बनेगी आधुनिक शहरी मॉडल
    हरियाणा सरकार द्वारा गुरुग्राम में विकसित की जा रही ग्लोबल सिटी को मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रीन ज़ोन, डिजिटल सुविधाओं और वर्ल्ड-क्लास अर्बन प्लानिंग के मॉडल के रूप में तैयार किया जा रहा है। प्रस्तावित गगनचुंबी इमारत इस पूरे प्रोजेक्ट की आइकॉनिक पहचान बनेगी।

    निवेश, रोजगार और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
    सरकारी अधिकारियों के अनुसार, देश की सबसे ऊंची इमारत बनने से विदेशी निवेश, मल्टीनेशनल कंपनियों की भागीदारी, पर्यटन और हाई-स्किल रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। यह परियोजना गुरुग्राम को वैश्विक बिजनेस और अर्बन हब के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएगी। हालांकि यह योजना अभी प्रस्ताव के स्तर पर है, लेकिन सरकार ने इसे लेकर सैद्धांतिक फैसला कर लिया है। आगामी चरणों में एडवाइजर की नियुक्ति, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और विस्तृत तकनीकी अध्ययन किए जाएंगे।

    एयरपोर्ट पास, सामने सबसे बड़ी चुनौती
    चूंकि प्रस्तावित साइट इंदिरा गांधी इंटरनैशनल एयरपोर्ट के अपेक्षाकृत करीब है, इसलिए इमारत की ऊंचाई को लेकर तकनीकी चुनौतियां भी कम नहीं हैं। सरकार को इसके लिए डी.जी.सी.ए. (डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन) और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ए.ए.आई.) से मंजूरी लेनी होगी। इमारत की अधिकतम ऊंचाई, एविएशन सेफ्टी, लाइटिंग सिस्टम और एयर ट्रैफिक पर प्रभाव, इन सभी पहलुओं पर गहन मंथन किया जा रहा है।