Author: NewseDay

  • न्यूजीलैंड की पारी लड़खड़ाई, मुजीब ने एलन–रचिन को दिखाया पवेलियन का रास्ता

    न्यूजीलैंड की पारी लड़खड़ाई, मुजीब ने एलन–रचिन को दिखाया पवेलियन का रास्ता

    चेन्नई
    टी20 वर्ल्ड कप 2026 का चौथा मैच आज न्यूजीलैंड और अफगानिस्तान के बीच चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम में खेला जा रहा है। दोनों टीम ग्रुप डी का हिस्सा हैं। अफगानिस्तान ने न्यूजीलैंड के सामने 183 रनों का मुश्किल टारगेट रखा है। अफगनिस्तान ने टॉस जीतकर निर्धारित 20 ओवर में 6 विकेट पर 182 रन जोड़े। गुलबदीन नईब ने अर्धशतक ठोका। उन्होंने 35 गेंदों में 63 रनों की पारी खेली, जिसमें तीन चौके और चार सिक्स हैं। सेदिकुल्लाह अटल ने 29 और रहमानुल्लाह गुरबाज ने 27 रनों का योगदान दिया। इब्राहिम जादरान 10, दरविश रसूली 20 और अजमतुल्लाह उमरजई 14 रन बनाकर लौटे। कीवी टीम की ओर से लॉकी फर्ग्यूसन ने दो शिकार किए जबकि मैट हेनरी, जैकब डफी और रचिन रवींद्र ने एक-एक विकेट लिया।

    का टूर्नामेंट में यह पहला मुकबला है और कांटे की टक्कर होने की उम्मीद है। अफगानिस्तान ने टॉस जीतकर बैटिंग चुनी है। मिचेल सेंटनर की अगुवाई वाली कीवी टीम रविवार को अफगानिस्तान को हल्के में लेने की गलती नहीं करेगी क्योंकि वो उलटफेर करने में माहिर है। न्यूजीलैंड और अफगानिस्तान ने आपस में सिर्फ दो टी20 मैच खेले हैं, जिसमें दोनों को एक-एक बार जीत नसीब हुई। अफगानिस्तान ने 2024 में आयोजित टी20 वर्ल्ड कप में न्यूजीलैंड को 84 रनों से रौंदा था। टी20 वर्ल्ड कप से पहले न्यूजीलैंड का सबसे छोटे फॉर्मेट प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा। सेंटनर ब्रिगेड को भारत के खिलाफ पांच मैचों की सीरीज में 1-4 से शिकस्त मिली। वहीं, राशिद खान की कप्तानी वाली अफगानिस्तान टीम ने पिछले महीने वेस्टइंडीज का तीन टी20 मैचों की सीरीज में सूपड़ा साफ किया।

  • डलास को लेकर अमेरिकी सांसद का तीखा हमला, मस्जिदों पर भड़के, बयान में आया भारत-पाकिस्तान एंगल

    डलास को लेकर अमेरिकी सांसद का तीखा हमला, मस्जिदों पर भड़के, बयान में आया भारत-पाकिस्तान एंगल

    वाशिंगटन
    अमेरिकी कांग्रेस सदस्य ब्रैंडन गिल ने टेक्सास के डलास क्षेत्र में बढ़ रहे इस्लामीकरण को लेकर विवादित टिप्पणी की है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी से ताल्लुक रखने वाले गिल ने इंटरव्यू में कहा कि वहां के स्थानीय मॉल में जाने पर ऐसा महसूस होता है जैसे आप पाकिस्तान में हों, डलास में नहीं। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। कई यूजर्स ने उनकी टिप्पणियों को उनकी भारतीय मूल की पत्नी डेनियल डीसूजा गिल से जोड़कर देखा है।
     
    ब्रैंडन गिल ने 'रियल अमेरिकाज वॉयस' को दिए इंटरव्यू में डलास की सांस्कृतिक पहचान बदलने पर चिंता जताई। गिल ने दावा किया कि उनके निर्वाचन क्षेत्र के लोग डलास के मॉल में पाकिस्तानी माहौल महसूस कर रहे हैं, जो उनके अनुसार एक समस्या है। उन्हें पाकिस्तान से इसकी तुलना की। उन्होंने आरोप लगाया कि उन जमीनों के पास मस्जिदें बनाई जा रही हैं जो दशकों से स्थानीय परिवारों के पास रही हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि बड़े पैमाने पर इस्लामी प्रवासन उस अमेरिका को खत्म कर रहा है जिसे वे जानते और प्यार करते हैं।

    ब्रैंडन गिल की पत्नी डेनियल डीसूजा गिल मशहूर भारतीय-अमेरिकी लेखक और ट्रंप के सहयोगी दिनेश डीसूजा की बेटी हैं। गिल के पाकिस्तान वाले बयान पर सोशल मीडिया यूजर्स ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कई यूजर्स ने लिखा कि गिल केवल अपनी भारतीय मूल की पत्नी को खुश करने के लिए पाकिस्तान का नाम ले रहे हैं। एक यूजर ने तंज कसते हुए लिखा, "गिल साहब नई दिल्ली में रहने के इतने आदी हो गए हैं कि अब पाकिस्तान से नफरत करना उनके स्वभाव में आ गया है।"

    यह पहली बार नहीं है जब यह दंपत्ति चर्चा में है। कुछ समय पहले न्यूयॉर्क के नवनिर्वाचित मेयर जोहरान ममदानी के साथ उनका विवाद हुआ था। ब्रैंडन गिल ने ममदानी का हाथ से चावल खाते हुए एक वीडियो साझा कर उन्हें असभ्य कहा था और उन्हें 'तीसरी दुनिया' में वापस जाने की सलाह दी थी। डेनियल डीसूजा गिल ने अपने पति का बचाव करते हुए कहा था कि वह अमेरिका में पली-बढ़ी हैं और हमेशा फोर्क का इस्तेमाल करती हैं। जब लोगों ने उन्हें उनकी भारतीय जड़ों की याद दिलाई, तो उन्होंने खुद को "क्रिश्चियन मागा देशभक्त" बताते हुए कहा कि उनके ईसाई रिश्तेदार भी हाथ से खाना नहीं खाते।

    कौन हैं ब्रैंडन गिल?
    ब्रैंडन गिल टेक्सास के 26वें कांग्रेस जिले का प्रतिनिधित्व करते हैं। 2024 में निर्वाचित होने के बाद से वे अपने सख्त आव्रजन विरोधी रुख और शरिया मुक्त अमेरिका जैसे अभियानों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने हाल ही में सोमालिया से आने वाले प्रवासियों पर 25 साल के प्रतिबंध का बिल भी पेश किया था।

  • SC/ST ऐक्ट पर हाईकोर्ट की स्पष्ट राय: हर अपमानजनक शब्द से नहीं बनता मामला

    SC/ST ऐक्ट पर हाईकोर्ट की स्पष्ट राय: हर अपमानजनक शब्द से नहीं बनता मामला

    जयपुर
    राजस्थान हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि किसी व्यक्ति को ‘नीच’ जैसे सामान्य अपमानजनक शब्द कह देने मात्र से एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) ऐक्ट अपने-आप लागू नहीं होता। जस्टिस वीरेन्द्र कुमार ने स्पष्ट किया कि यह ऐक्ट तभी लगाया जा सकता है, जब यह साबित हो कि अपमान खास तौर पर जाति के आधार पर किया गया था और आरोपी को पीड़ित की जाति की जानकारी थी।
     
    क्या है मामला
    यह मामला वर्ष 2011 में आईआईटी जोधपुर से जुड़े एक विवाद से संबंधित है। उस समय सरकारी अधिकारी अतिक्रमण की जांच के लिए मौके पर पहुंचे थे। जांच के दौरान कुछ लोगों ने इसका विरोध किया और कथित रूप से अधिकारियों को ‘नीच’ और ‘भिखारी’ जैसे शब्द कहे। अधिकारियों ने इसे जातिगत अपमान मानते हुए एफआईआर दर्ज करवाई और एससी/एसटी ऐक्ट की धारा के साथ आईपीसी की धाराएं भी जोड़ी गईं।

    आरोपियों की क्या दलील
    आरोपियों ने हाईकोर्ट में याचिका देते हुए कहा कि उन्हें अधिकारियों की जाति के बारे में जानकारी नहीं थी और बोले गए शब्द जाति का संकेत नहीं देते। उन्होंने यह भी कहा कि घटना के समय कोई स्वतंत्र गवाह मौजूद नहीं था, इसलिए इसे जातिगत अपमान नहीं माना जा सकता। हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि इस्तेमाल किए गए शब्द किसी विशेष जाति की ओर संकेत नहीं करते और ना ही ऐसा कोई प्रमाण है कि आरोपियों को अधिकारियों की जाति के बारे में जानकारी थी।

    हाईकोर्ट ने कहा कि एससी/एसटी ऐक्ट लगाने के लिए जाति-आधारित अपमान का स्पष्ट और ठोस प्रमाण होना आवश्यक है। इस आधार पर कोर्ट ने एससी/एसटी ऐक्ट के तहत लगाए गए आरोपों को रद्द कर दिया। हालांकि, सरकारी कर्मचारियों को ड्यूटी से रोकने और उनसे धक्का-मुक्की से संबंधित आईपीसी की धाराएं बनी रहेंगी और इन्हीं धाराओं पर मामला आगे चलेगा।

     

  • आतंक के खिलाफ भारत अडिग: मलेशिया में पीएम मोदी ने कहा– कोई समझौता नहीं होगा

    आतंक के खिलाफ भारत अडिग: मलेशिया में पीएम मोदी ने कहा– कोई समझौता नहीं होगा

    नई दिल्ली
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मलेशिया के उनके समकक्ष अनवर इब्राहिम के बीच व्यापक बातचीत के बाद भारत और मलेशिया ने रविवार को रक्षा और सुरक्षा, सेमीकंडक्टर तथा व्यापार के क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने के लिए कई पहलों की शुरुआत की। बैठक के बाद मोदी ने कहा कि भारत और मलेशिया एक 'विशेष संबंध' साझा करते हैं और दोनों पक्ष विभिन्न क्षेत्रों में अपने संबंधों का विस्तार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रधानमंत्री ने आतंकवाद से निपटने के मुद्दे पर भारत के रुख को दोहराते हुए कहा, ''आतंकवाद पर हमारा संदेश स्पष्ट है; कोई दोहरा मापदंड नहीं, कोई समझौता नहीं।'

    पीएम मोदी कुआलालंपुर पहुंचे जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। हवाई अड्डे पर इब्राहिम ने उनका स्वागत किया जो द्विपक्षीय संबंधों में एक नई गति का संकेत है। वार्ता से पहले मोदी का आज सुबह पर्दाना पुत्र में औपचारिक स्वागत किया गया। मोदी ने कहा, ''भारत और मलेशिया के बीच एक विशेष संबंध है। हम समुद्री पड़ोसी हैं। सदियों से दोनों देशों के लोगों के बीच गहरे और स्नेहपूर्ण संबंध रहे हैं।' उन्होंने कहा, 'आज, भारतीय मूल के लोगों की आबादी के मामले में मलेशिया दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश है। हमारी सभ्यताएं, साझा सांस्कृतिक विरासत और लोकतांत्रिक मूल्य हमें एक सूत्र में बांधते हैं।'' मोदी ने कहा कि दोनों पक्ष आतंकवाद विरोधी उपायों, खुफिया जानकारी साझा करने और समुद्री सुरक्षा में सहयोग को मजबूत करेंगे।

    उन्होंने यह भी कहा कि हम रक्षा सहयोग को और अधिक व्यापक बनाएंगे। उन्होंने कहा, ''कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और डिजिटल प्रौद्योगिकियों के साथ-साथ हम सेमीकंडक्टर, स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में साझेदारी को आगे बढ़ाएंगे।'प्रधानमंत्री ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति भारत के दृष्टिकोण पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, ''हिंद-प्रशांत क्षेत्र विश्व के विकास के इंजन के रूप में उभर रहा है।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आसियान (दक्षिणपूर्व एशियाई देशों का संघ) के साथ मिलकर पूरे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में विकास, शांति और स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध है।

    मलेशिया के प्रधानमंत्री इब्राहिम ने कहा कि भारत और मलेशिया व्यापार, निवेश, संपर्क और रक्षा के क्षेत्र में सहयोग का विस्तार करना जारी रखे हुए हैं। उन्होंने कहा कि वैश्विक व्यापार और आर्थिक मोर्चे पर भारत ने शानदार वृद्धि दर्ज की है।

     

  • राजकोट में ‘मैं नाथूराम’ को लेकर सियासी हंगामा, कांग्रेस कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, 45 गिरफ्तार

    राजकोट में ‘मैं नाथूराम’ को लेकर सियासी हंगामा, कांग्रेस कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, 45 गिरफ्तार

    राजकोट
    राजकोट में बड़ा विवाद खड़ा हो गया। यहां गुजराती नाटक 'मैं नाथूराम' के मंचन से पहले कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध किया और हॉल में तोड़फोड़ कर दी। इस घटना के बाद पुलिस ने करीब 45 कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है। घटना शहर के हेमू गढ़वी हॉल में हुई, जहां रात 9:15 बजे नाटक का मंचन होना था।
     
    कांग्रेस ने क्यों किया विरोध
    मिली जानकारी के अनुसार, कांग्रेस कार्यकर्ता नाटक के मंचन का विरोध कर रहे थे। उनका आरोप था कि यह नाटक महात्मा गांधी के सिद्धांतों को कमतर दिखाने की कोशिश करता है। कांग्रेस के राजकोट अध्यक्ष राजदीपसिंह जडेजा ने बताया कि उन्होंने पहले हॉल ट्रस्ट से नाटक रद्द करने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि गांधीजी का राजकोट से गहरा जुड़ाव रहा है, क्योंकि उन्होंने यहां पढ़ाई की थी।

    जडेजा के मुताबिक, जब आयोजकों ने कार्यक्रम रद्द करने से इनकार कर दिया और पुलिस सुरक्षा में मंचन कराने की बात कही, तब कांग्रेस ने विरोध करने का फैसला किया। उन्होंने दावा किया कि विरोध के दौरान स्थिति अचानक बिगड़ गई और कुछ युवाओं ने मंच पर पड़े पाइप फेंक दिए। उनका कहना था कि यदि वे शांतिपूर्वक बैठते, तो नाटक जारी रहता।

    क्या बोले आयोजक
    इस मामले पर नाटक के निर्माता और प्रस्तुतकर्ता परितोष पेंटर ने कहा कि उनके पास सेंसर सर्टिफिकेट और पुलिस की अनुमति थी। उन्होंने बताया कि अचानक 200-300 लोगों का समूह वहां पहुंचा और नाटक को रोकने की कोशिश करने लगा। पेंटर ने कहा कि नाटक एक प्रकाशित किताब पर आधारित है और इसमें नाथूराम गोडसे के अदालत में दिए गए बयान को दिखाया गया है। उनका कहना है कि इसमें किसी को सही या गलत साबित करने की कोशिश नहीं की गई है।

    घटना के बाद पुलिस ने 45 कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। देर शाम तक पुलिस इस मामले में एफआईआर दर्ज करने की तैयारी कर रही थी। बताया जा रहा है कि नाटक के आगामी दिनों में अन्य शहरों में भी मंचन की योजना है और आयोजक इसे जारी रखने पर अड़े हैं।

     

  • खौफनाक हमला: रूस की यूनिवर्सिटी में भारतीय निशाने पर, दीवार पर खून से उकेरा स्वास्तिक

    खौफनाक हमला: रूस की यूनिवर्सिटी में भारतीय निशाने पर, दीवार पर खून से उकेरा स्वास्तिक

    रूस
    रूस की एक यूनिवर्सिटी में चाकूबाजी की घटना में कम से कम चार भारतीय छात्र भी बुरी तरह घायल हो गए। इस घटना में कुल 8 लोगों क घायल होने की जानकारी है। घटना के बारे में कई हैरान करने वाली बातें भी पता चली हैं। बश्कोर्तोस्तान रिपब्लिक प्रांत के एक विश्वविद्यालय में एक किशोर ने हॉस्टल में घुसकर छात्रों पर अचानक हमला कर दिया। रूस के गृह मंत्रालय ने बताया है कि उसने कई छात्रों पर चाकू से वार किया। उसने खुद को भी नुकसान पहुंचाया है।

    नाबालिग था हमला करने वाला
    रूस की सरकार ने बताया कि जब पुलिस ने बीच बचाव की कोशिश को तो उसने जवानों पर भी हमला कर दिया। बताया गया है कि घायलों में से चार को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और एक ही हालत नाजुक है। वहीं हमलावर की उम्र सिर्फ 15 साल है। उसे एक अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

    स्थानीय प्रशासन ने घटना की जांच शुरू की है। हमले के दौरान वह होलोकॉस्ट का जिक्र कर रहा था। इसके अलावा उसने पीड़ितों के खून से दीवार पर स्वास्तिक का निशान भी बनाया। बता दें कि होलोकॉस्ट दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान लाखों यहूदियों की तहत्या को कहते हैं। एडोल्फ हिटल की नाजी पार्टी ने यहूदियों को यातना ग्रह में डाल दिया और लाखों यहूदियों की हत्या करवा दी। यूरोप में रहने वाले 10 में से सात यहूदी को मार दिया गया था।

    इसी सप्ताह संसद में सरकार ने बताया था कि विदेश में कितने भारतीय छात्रों की मौत हुई है। सरकार ने संसद में बताया कि 2018 से 2025 तक 17 छात्र कनाडा में और 9 छात्र अमेरिका में मारे गए हैं। वहीं ऑस्ट्रेलिया में एक छात्र की मौत हुई है। सरकार ने कहा कि विदेश में पढ़ने वाले छात्रों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। किसी भी घटना की जानकारी मिलते ही भारतीय दूतावास तुरंत सक्रिय हो जाता है और प्रयास करता है कि आरोपियों को सजा मिले

     

  • 6 साल की बच्ची से रेप-मर्डर, खून से सनी लाश मिलने पर उबाल, दरभंगा में हैवानियत की हद पार

    6 साल की बच्ची से रेप-मर्डर, खून से सनी लाश मिलने पर उबाल, दरभंगा में हैवानियत की हद पार

    दरभंगा
    बिहार के दरभंगा में एक छह साल की बच्ची के साथ दरिंदगी की गई। विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के बेला में शनिवार की रात छह साल की बच्ची से रेप के बाद उसकी हत्या कर दी गई। इस मामले में पुलिस ने पड़ोस में रहने वाले एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके कपड़े पर खून के धब्बे मिले हैं। उसकी पहचान विकास महतो (22) के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे उसके घर से गिरफ्तार किया है। आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम कर दिया है। आरोपी को सौंपने की मांग पर अड़े लोग उसे तालिबानी सजा देने की जिद पर अड़े हैं। पुलिस और पब्लिक आमने सामने है। पत्थरबाजी के बाद पुलिस ने भीड़ पर लाठी चार्ज कर दिया। मौके पर प्रशासन और पुलिस के वरीय अधिकारी मौजूद हैं।
     
    घटना के विरोध में स्थानीय लोगों और परिजनों ने मुख्य मार्ग को सुंदरपुर बेला मंदिर के पास जाम कर दिया। प्रदर्शनकारी आरोपित को फांसी की सजा देने की मांग कर रहे थे। सूचना मिलते ही विश्वविद्यालय थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी भी घटनास्थल पर पहुंचे। जांच के लिए एफएसएल की टीम को भी बुलाया गया है। मौके पर पांच थानों की पुलिस तैनात है। लोगों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है।

    रेप-मर्डर के बाद सड़क पर आगजनी
    पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया है। मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। एसएसपी ने बताया कि बच्ची का शव बरामद कर लिया गया है और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि आरोपित के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल आरोपित से पूछताछ की जा रही है।

    जानकारी के मुताबिक, बच्ची कादिराबाद की रहने वाली थी। वह बेला में अपने ननिहाल आयी थी। वह शनिवार की शाम से ही घर से लापता थी। परिजन लगातार उसकी तलाश कर रहे थे। काफी खोजबीन के बाद भी कोई सुराग नहीं मिला। देर रात गांव के बाहर तालाब के पास कुछ कुत्ते भौंक रहे थे। इसके बाद परिवार के लोगों को शक हुआ। परिजन मौके पर पहुंचे तो तालाब के किनारे दीवार के पास बच्ची खून से लथपथ हालत में पड़ी मिली। तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

    बताया जा रहा है कि घटना के समय तीन बच्चियां तालाब किनारे खेल रही थीं। इसी दौरान आरोपित ने तीनों को पकड़ने की कोशिश की। एक बच्ची उसके हाथ लग गई, जबकि दो अन्य बच्चियां वहां से भाग निकलीं। आरोपित बच्ची को अंधेरे की ओर ले गया और जहां उसके साथ दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

     

  • भूमि सतीश पेडनेकर की ‘दलदल’ ने ओटीटी पर मचाई धूम, बनी ग्लोबल हिट

    भूमि सतीश पेडनेकर की ‘दलदल’ ने ओटीटी पर मचाई धूम, बनी ग्लोबल हिट

    मुंबई 

    भूमि सतीश पेडनेकर कभी भी तयशुदा फॉर्मूले पर चलने वाली कलाकार नहीं रही हैं। उनकी फिल्मोग्राफी साफ दिखाती है कि वह ग्लैमर और ज़रूरत से ज़्यादा ड्रामा से दूर, अलग और दमदार कहानियों को चुनती हैं। अपनी पहली फिल्म से ही भूमि ने दम लगा के हईशा, टॉयलेट: एक प्रेम कथा, पति पत्नी और वो, बधाई दो, थैंक यू फॉर कमिंग, शुभ मंगल सावधान, बाला, भीड़, भक्षक, सांड की आंख जैसी फिल्मों के ज़रिए समाज से जुड़े मुद्दों पर बात करने की हिम्मत दिखाई है। अब उनकी ग्लोबल ओटीटी हिट सीरीज़ दलदल भी इसी कड़ी का हिस्सा है। भूमि की फिल्मों और शोज़ में दिखावा कम और कंटेंट ज़्यादा होता है। यही वजह है कि दर्शक उनकी कहानियों से जुड़ते हैं और बार-बार उन्हें देखना चाहते हैं। दलदल के ओटीटी हिट बनने के साथ भूमि ने एक बार फिर साबित कर दिया है

    कि उनके लिए माध्यम नहीं, बल्कि कला और अभिनय सबसे ज़रूरी है। बड़े पर्दे पर अपनी मजबूत पहचान बनाने के बाद, भूमि ने अमेज़न प्राइम की टॉप-ट्रेंडिंग साइकोलॉजिकल क्राइम थ्रिलर दलदल के साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी अपनी पकड़ साबित की है। यह सीरीज़ अमेरिका, यूके, यूएई समेत कई देशों में ट्रेंड कर रही है और दुनियाभर में सराही जा रही है। इसकी सफलता भूमि की बहुमुखी प्रतिभा को दर्शाती है और उन्हें भारत की सबसे भरोसेमंद और निडर अभिनेत्रियों में शामिल करती है।

    दलदल को मिल रही वैश्विक सराहना यह भी दिखाती है कि भूमि हमेशा कंटेंट और चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं को प्राथमिकता देती हैं। जहां कई कलाकार ऐसे किरदारों से हिचकते हैं जिनमें शारीरिक बदलाव, गहरी भावनात्मक तैयारी और व्यक्तित्व में बदलाव की जरूरत होती है, वहीं भूमि ने इन्हें अपनी ताकत बना लिया है।

    सिनेमाघरों से लेकर दुनियाभर के स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म तक, भूमि ऐसा काम कर रही हैं जो खुद बोलता है। दलदल की सफलता के साथ यह साफ है कि भूमि सतीश पेडनेकर हर बार बड़ा जोखिम लेती हैं और उसे पूरी मजबूती से निभाती हैं।

  • 33 बीघा जमीन व आलीशान मकान के साथ हैं महंगी कारें, गोल्ड लोन घोटाले का करोड़पति है मास्टरमाइंड

    33 बीघा जमीन व आलीशान मकान के साथ हैं महंगी कारें, गोल्ड लोन घोटाले का करोड़पति है मास्टरमाइंड

    झुंझुनूं.

    झुंझुनूं के नवलगढ़ स्थित पीएनबी बैंक शाखा में सामने आया घोटाला बैंकिंग सेक्टर के सबसे बड़े घोटालों में से एक बताया जा रहा है। 6.50 करोड़ रुपए के गोल्ड लोन घोटाले मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी बैंक के तत्कालीन मुख्य प्रबंधक अमित जांगिड़ और बीसी संतोष सैनी गिरफ्तार कर लिया है।

    हैरान करने वाली बात यह है कि मास्टरमाइंड करोड़ों की संपत्ति का मालिक निकला, जिसने घोटाले की रकम से आलीशान मकान, जमीन और महंगी कारें खरीदी। गोल्ड लोन घोटाले के मास्टरमाइंड अमित जांगिड़ के पास अकूत संपत्ति के सबूत मिले हैं। अमित के पास सीकर के पॉश इलाके में 3 मंजिला निर्माणाधीन मकान, सीथल गांव में बड़ा डेयरी फार्म है। जिसमें 100 से अधिक देशी व विदेशी नस्ल की गाय पाल रखी हैं। उसके पास 2 महंगी कार, एक बुलेट मोटरसाइकिल और डेयरी में 2 पिकअप गाड़ी भी मिली। अमित जांगिड़ ने पत्नी के नाम गुढ़ा में जमीन खरीद रखी है।

    पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अलावा अमित जांगिड़ के पास अन्य संपत्ति की जानकारी भी मिली। जिसमें उसने अपनी डेयरी वाली जमीन के पास 5 वर्ष पूर्व 15 बीघा जमीन खरीदी, गांव में ही एक दूसरी जगह 11 बीघा जमीन खरीदी और इस जमीन पर ट्यूबवैल भी बनवा रखा है। इसके अलावा सीथल में ही 2 साल पूर्व 7 बीघा जमीन और भी खरीदने की जानकारी मिली है। पुलिस इसकी भी जांच कर रही है।

    महिला मित्र को दिया सोना
    झुंझुनूं पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय ने बताया कि मुख्य आरोपी अमित जांगिड़ ने बीसी संतोष सैनी के जरिए लोगों के नाम फर्जी गोल्ड लोन खाते खोले। इसके लिए संतोष सैनी को मोटी रकम व गोल्ड का लालच दिया। अमित जांगिड़ ने अपनी महिला मित्र को बैंक में जमा सोना देकर अन्य बैंकों से गोल्ड लोन भी दिलवा रखा था।

    ऐसे पकड़ा गाया मुख्य आरोपी
    मुख्य आरोपी अमित पुलिस को मथुरा रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर पटरी के पास बैठा मिला। शक होने पर पूछताछ की तो उसने अपना नाम पवन जांगिड़ निवासी श्रीगंगानगर बताया। सख्ती से पूछताछ करने पर सही नाम पता बताया। उसने खुद का 4 करोड़ का बीमा करवा रखा था। वह रेल के आगे कूदकर आत्महत्या करने की योजना बना रहा था। गिरफ्तारी के समय अमित जांगिड़ के पास जहरीला पदार्थ भी मिला है। इससे पहले दिन वह वृ़ंदावन में था।

    पत्नी ने दर्ज करवाई थी गुमशुदगी की ​रिपोर्ट
    बताया जा रहा है कि आरोपी अमित को 28 जनवरी को मंडल कार्यालय हनुमानगढ़ में पेश होना था लेकिन वह वहां पहुंचा नहीं और फरार हो गया। इसके बाद अमित की पत्नी ने 30 जनवरी को गुढ़ा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

  • 5 जिलों को जोड़कर खोलेगा रोजगार के द्वार, जयपुर-पचपदरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे को मंजूरी

    5 जिलों को जोड़कर खोलेगा रोजगार के द्वार, जयपुर-पचपदरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे को मंजूरी

    जयपुर.

    राजस्थान के औद्योगिक और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में बड़ा बदलाव जयपुर से पचपदरा तक प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे से होने जा रहा है। लगभग 350 से 400 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेस-वे से पचपदरा रिफाइनरी को प्रदेश की राजधानी से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे पश्चिमी राजस्थान में यात्रा सुगम होगी और लॉजिस्टिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत आधार मिलेगा।

    इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 11,492 करोड़ रुपए है। यह एक्सप्रेस-वे जयपुर से शुरू होकर किशनगढ़ (अजमेर), पाली और जोधपुर होते हुए बालोतरा जिले के पचपदरा तक पहुंचेगा। परियोजना को केंद्र सरकार से मंजूरी मिल चुकी है। फिलहाल, भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है तथा डीपीआर तैयार की जा रही है। संभावना है कि यह मार्ग जोधपुर-पाली क्षेत्र से होकर निकलेगा, जिससे रोहट में प्रस्तावित दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (डीएमआईसी) के पश्चिमी राजस्थान हिस्से को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।

    रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल हब को सीधा लाभ
    इस एक्सप्रेस-वे का सबसे बड़ा लाभ पचपदरा रिफाइनरी और प्रस्तावित पेट्रोकेमिकल हब को मिलेगा। रिफाइनरी को कच्चे माल की आपूर्ति और तैयार उत्पादों के परिवहन के लिए सीधा व सुरक्षित कॉरिडोर मिलेगा, जिससे लॉजिस्टिक लागत में कमी आएगी। यह एक्सप्रेस-वे दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेस-वे से भी जुड़ेगा, जिससे राजस्थान की औद्योगिक कनेक्टिविटी राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होगी।

    एक्सपोर्ट की राह होगी आसान
    इस मार्ग के बनने से जयपुर-जोधपुर-बालोतरा की यात्रा समय में लगभग दो से तीन घंटे की कमी आने की संभावना है। हालांकि, सबसे बड़ा लाभ निर्यात क्षेत्र को होगा। एक्सप्रेस-वे को जामनगर-अमृतसर भारतमाला कॉरिडोर से जोड़े जाने के बाद सड़क और कंटेनर रेल मार्ग से भी तेज और आसान तरीके से कांडला पोर्ट तक पहुंच सकेंगे। डीएमआईसी जोधपुर-पाली रोड से जुड़ाव के कारण आगामी औद्योगिक विकास की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। जोधपुर में प्रस्तावित नई रिंग रोड के समीप से एक्सप्रेस-वे गुजरने से ट्रांसपोर्टेशन और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
    बेहतर लॉजिस्टिक मॉडल, कनेक्टिविटी बढ़ेगी

    उत्पादों की ट्रांसपोर्टेशन सुगम होगी
    इस परियोजना से एक्सपोर्ट योग्य उत्पादों की ट्रांसपोर्टेशन सुगम होगी और गुजरात तक की रफ्तार बढ़ेगी। नए औद्योगिक क्षेत्र और रिंग रोड के साथ यह एक्सप्रेस-वे रोजगार के नए द्वार भी खोलेगा।
    -कुशल प्रजापत, सिविल इंजीनियर

    फैक्ट फाइल…

    1. 350 से 400 किलोमीटर लगभग कुल लंबाई
    2. 11,492 करोड़ रुपए लगभग अनुमानित लागत
    3. 05 जिले जुड़ेंगे
    4. 2 से 3 घंटे की यात्रा समय में कमी