Author: NewseDay

  • राजस्थान में 7 मजदूरों की गई जान, पटाखा फैक्ट्री में भीषण अग्निकांड

    राजस्थान में 7 मजदूरों की गई जान, पटाखा फैक्ट्री में भीषण अग्निकांड

    जयपुर.

    राजस्थान के औद्योगिक हब भिवाड़ी में सोमवार का सूरज काल बनकर उतरा। खुशखेड़ा करौली इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में सुबह अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने इतना विकराल रूप धारण कर लिया कि वहां काम कर रहे मजदूरों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। प्रारम्भिक जानकारी के अनुसार, अब तक 7 शव निकाले जा चुके हैं, जो पूरी तरह जल चुके हैं।

    कैसे हुआ हादसा?
    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा सोमवार सुबह उस वक्त हुआ जब फैक्ट्री में शिफ्ट बदली जा रही थी और करीब 25 मजदूर काम पर तैनात थे। अचानक फैक्ट्री के भीतर एक के बाद एक कई धमाके हुए। आग पलक झपकते ही पूरी बिल्डिंग में फैल गई। काले धुएं का गुबार कई किलोमीटर दूर से देखा जा सकता था।

    दमकल इंचार्ज राजू खान ने बताया की औद्योगिक क्षेत्र के प्लॉट नंबर G-1, 118 में स्थित फैक्ट्री पिछले कई महीनों से बंद पड़ी थी। फैक्ट्री परिसर में बड़ी मात्रा में गत्तों का स्टॉक रखा हुआ था। सोमवार सुबह 10 बजे अचानक फैक्ट्री के अंदर से धुआं उठता दिखाई दिया और कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग से 7 लोग जिंदा जल गए। भिवाड़ी पुलिस के आला अधिकारी मौके पर मौजूद है।
    3 से 4 बार जोरदार धमाके

    बंद फैक्ट्री में ऐसा क्या बन रहा था कि जो तेज धमाका हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगने के दौरान 3 से 4 बार जोरदार धमाके हुए, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। धमाकों की आवाज काफी दूर तक सुनी गई।
    आधा दर्जन गाड़ियां मौके पर

    प्राथमिक अंदेशा जताया जा रहा है कि फैक्ट्री के अंदर रखे गैस सिलेंडर फटने से ये तेज धमाके हुए होंगे। हालांकि आग लगने के वास्तविक कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की करीब आधा दर्जन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का कार्य शुरू किया गया। आग पर काबू पाने के लिए दमकल कर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी, क्योंकि फैक्ट्री में रखा गत्ता तेजी से आग पकड़ रहा था।
    आसपास की फैक्ट्रियों को खाली कराया

    एहतियात के तौर पर आसपास की फैक्ट्रियों को भी खाली करा लिया गया और बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद कर दी गई, ताकि कोई बड़ा हादसा न हो। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। दमकल कर्मियों ने घंटों की कड़ी मेहनत के बाद आग पर काफी हद तक नियंत्रण पा लिया, हालांकि पूरी तरह शीतलन कार्य देर तक जारी रहा।
    नुकसान का किया जा रहा आकलन

    गनीमत रही कि फैक्ट्री लंबे समय से बंद थी। अगर फैक्ट्री चालू रहती तो और जनहानि हो सकती थी। फिलहाल आग से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक लाखों रुपए का सामान जलकर राख हो गया।
    पुलिस ने जांच शुरू की

    पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी या किसी अन्य कारण से। प्रशासन ने औद्योगिक क्षेत्र की अन्य इकाइयों को भी सुरक्षा मानकों की जांच करने के निर्देश दिए हैं, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सके।
    7 लोगों की मौत की पुष्टि

    पुलिस अधीक्षक प्रशांत किरण ने हादसे में सात लोगों की मौत की पुष्टि करते हुए कहा कि मरने वालों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। अतिरिक्त जिलाधिकारी सुमिता मिश्रा ने बताया कि पुलिस टीम ने नियमित गश्त के दौरान कारखाने में आग लगी देखी जिसके बाद राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। उन्होंने कहा कि कारखाने में नौ लोग फंसे हुए थे। अब तक सात शव निकाले जा चुके हैं।

    7 की मौत, 2 अभी भी लापता
    प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक़ मलबे से 7 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। शवों की स्थिति इतनी खराब है कि उनकी पहचान करना भी मुश्किल हो रहा है। रेस्क्यू टीम के मुताबिक, 2 मजदूर अभी भी लापता हैं, जिनके फैक्ट्री के पिछले हिस्से में फंसेने की आशंका जताई जा रही है।

    फायर ब्रिगेड की दर्जनों गाड़ियां मौके पर
    आग बुझाने के लिए भिवाड़ी, खैरथल, तिजारा और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों से करीब 15-20 फायर ब्रिगेड की गाड़ियां बुलाई गई हैं। चूंकि फैक्ट्री केमिकल की है, इसलिए पानी के साथ-साथ फोम (Foam) का इस्तेमाल किया जा रहा है।

  • रेज़र से शेविंग से पहले हो जाएँ सतर्क: चेहरे की ये 5 गलतियाँ बिगाड़ सकती हैं आपकी स्किन

    रेज़र से शेविंग से पहले हो जाएँ सतर्क: चेहरे की ये 5 गलतियाँ बिगाड़ सकती हैं आपकी स्किन

    आजकल चेहरे के अनचाहे बालों को हटाने के लिए फेस शेविंग महिलाओं के बीच काफी लोकप्रिय हो रही है। यह न केवल बालों को हटाती है, बल्कि त्वचा को एक्सफोलिएट कर डेड स्किन सेल्स को भी निकाल देती है, जिससे मेकअप और स्किनकेयर प्रोडक्ट्स त्वचा में बेहतर तरीके से समा जाते हैं।

    हालांकि, चेहरे की त्वचा बहुत सेंसिटिव होती है। इसलिए अगर आप फेस रेजर का इस्तेमाल करती हैं, तो कुछ खास बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है ताकि कटने, छिलने या पिंपल्स की समस्या न हो।

    सही रेजर का चुनें
    चेहरे के लिए कभी भी अपने बॉडी रेजर का इस्तेमाल न करें। चेहरे के लिए खास तौर पर डिजाइन किए गए फेशियल रेजर का ही इस्तेमाल करें, जिनमें एक छोटा और बारीक ब्लेड होता है। हमेशा चेक करें कि रेजर का ब्लेड तेज हो। पुराने ब्लेड से त्वचा छिल सकती है। साथ ही, इस्तेमाल से पहले और बाद में रेजर को सैनिटाइजर या अल्कोहल से साफ जरूर करें ताकि बैक्टीरिया न पनपें।

    त्वचा को तैयार करना
    सूखी त्वचा पर कभी भी रेजर न चलाएं। इससे जलन और रेजर बर्न हो सकता है। सबसे पहले चेहरे को माइल्ड फेस वॉश से साफ करें। शेविंग को आसान बनाने के लिए चेहरे पर एलोवेरा जेल, फेशियल ऑयल या एक अच्छा मॉइस्चराइजर लगाएं। यह रेजर और त्वचा के बीच एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है।

    शेविंग की सही तकनीक
    चेहरे को शेव करने का भी एक खास तरीका होता है, जिसे फॉलो करना जरूरी है।

        रेजर को त्वचा पर हमेशा 45 डिग्री के एंगल पर रखें।
        रेजर को बहुत जोर से न दबाएं। हल्के हाथों से छोटे-छोटे स्ट्रोक्स लें।
        हमेशा बालों के उगने की दिशा में ही शेव करें। उल्टी दिशा में शेव करने से इनग्रोन हेयर की समस्या हो सकती है।
        शेव करते समय दूसरे हाथ से त्वचा को थोड़ा ऊपर की ओर खींचकर टाइट रखें, ताकि ब्लेड आसानी से फिसल सके।

    शेविंग के बाद की देखभाल
    शेविंग के बाद त्वचा के पोर्स खुल जाते हैं, इसलिए सही देखभाल जरूरी है-

        शेविंग के बाद चेहरे को ठंडे पानी से धोएं ताकि त्वचा शांत हो जाए।
        शेविंग वाले दिन विटामिन-सी, किसी भी तरह के केमिकल एक्सफोलिएंट, जैसे- AHA/BHA या रेटिनॉल का इस्तेमाल न करें। ये त्वचा में जलन पैदा कर सकते हैं।
        एक अच्छे हाइड्रेटिंग मॉइस्चराइजर या एलोवेरा जेल से चेहरे को अच्छी तरह हाइड्रेट करें।

    कब शेविंग से बचें?
    अगर आपके चेहरे पर मुंहासे, कट्स या कोई स्किन इन्फेक्शन है, तो उस समय शेविंग बिल्कुल न करें। रेजर के इस्तेमाल से बैक्टीरिया पूरे चेहरे पर फैल सकते हैं और आपकी समस्या बढ़ सकती है।

     

  • उत्तर कोरिया में किम जोंग उन की बेटी को सत्ता सौंपने की योजना, बहन-बेटी की लड़ाई ने बढ़ाया राजनैतिक तनाव

    उत्तर कोरिया में किम जोंग उन की बेटी को सत्ता सौंपने की योजना, बहन-बेटी की लड़ाई ने बढ़ाया राजनैतिक तनाव

    सोल

    दुनिया के सबसे क्रूर तानाशाहों में से एक किम जोंग उन के परिवार में ही फिलहाल झगड़ा होता दिख रहा है। साउथ कोरिया की खुफिया एजेंसी का कहना है कि किम जोंग उन की बेटी किम जू ऐ का नाम अगले नेता के तौर पर घोषित किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में किम जोंग उन की बेटी का मुकाबला पावरफुल बुआ किम यो जोंग से हो सकता है। भविष्य में देश पर कंट्रोल करने की लड़ाई दोनों के बीच तेज हो सकती है। किम जू ऐ की उम्र महज 13 साल है और चर्चा है कि उसे 14 साल का होते ही किम जोंग उन की ओर से अपना उत्तराधिकारी घोषित किया जा सकता है। उन की बहन भी खुद को एक पावर सेंटर मानती रही हैं। ऐसे में संभव है कि यह संघर्ष बढ़ सकता है।

    साउथ कोरिया की नेशनल इंटेलिजेंस सर्विस ने बीते सप्ताह बताया कि किम जू ऐ की उम्र 13 साल की हो गई हैं। अब उन्हें औपचारिक तौर पर उत्तराधिकारी घोषित किया जा सकता है। यह समय अहम है क्योंकि उत्तर कोरिया में इसी महीने एक बड़ा राजनीतिक आयोजन होने वाला है। इसमें किम जोंग उन बताएंगे कि देश के लिए भविष्य में क्या लक्ष्य तय किए गए हैं। इसके अलावा वह देश की सत्ता पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए भी कुछ कदमों का ऐलान कर सकते हैं। इस दौरान किम जोंग उन की बेटी भी मंच पर हो सकती हैं। हाल ही में एक मीटिंग में वह अपने पिता का हाथ थामे हुए पहुंची थीं।

    किम जू ऐ को किसी सार्वजनिक आयोजन में पहली बार नवंबर 2022 में देखा गया था। तब वह एक लॉन्ग रेंज मिसाइल के परीक्षण में पहुंची थीं। इसके बाद वह लगातार कई आयोजनों में पिता के साथ नजर आई हैं। उन्होंने हथियार फैक्ट्रियों के दौरे किए हैं तो वहीं सैन्य परेडों में भी हिस्सा लिया है। यही नहीं बीते साल सितंबर में वह चीन की राजधानी बीजिंग भी पहुंची थीं। आमतौर पर उत्तर कोरिया की राजनीति में पुरुषों का ही वर्चस्व रहा है, लेकिन पहली बार किम जोंग उन बेटी को कमान दे सकते हैं। इसी उद्देश्य से उन्हें चीन ले जाया गया था ताकि उन्हें स्थापित किया जा सके और दुनिया भर में एक संदेश जाए।
    क्यों इतनी पावरफुल मानी जाती हैं किम जोंग उन की बहन

    किम जोंग उन की बेटी के लिए देश में कोई चुनौती नहीं है, लेकिन बुआ से ही चैलेंज मिल सकता है। दरअसल 38 वर्षीय किम यो जोंग को उन के बाद देश की दूसरी सबसे पावरफुल शख्सियत माना जाता है। उनकी राजनीतिक पकड़ मजबूत है तो वहीं सैन्य हलकों में भी उनकी ताकत कम नहीं है। फिलहाल वह कोरिया की वर्कर्स पार्टी की सेंट्रल कमेटी में सीनियर पद पर हैं। इसके अलावा भाई की राय को भी वह काफी हद तक प्रभावित करती रही हैं। ऐसे में अब यदि किम जोंग उन की बेटी मजबूत हुई तो फिर चीजें बदल सकती हैं।
    किम जोंग के परिवार में बर्बर रहा है सत्ता का संघर्ष

    उत्तर कोरिया पूरी दुनिया के उनके मुल्कों में शुमार किया जाता है, जो सूचना से कटे हुए हैं। यहां के आम नागरिकों को दुनिया के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं होती। इसके अलावा दुनिया के मीडिया या लोगों की एंट्री पर भी काफी पाबंदियां हैं। मीडिया पर इस सेंसरशिप के चलते ही उत्तर कोरिया के लोग पूरी दुनिया से एक तरह से कटे हुए हैं। बता दें कि देश में सत्ता संघर्ष भी बहुत क्रूर रहा है। किम जोंग उन ने 2011 में सत्ता संभालने के बाद अपने अंकल और मेंटर रहे जांग सॉन्ग थाएक को गोलियां मरवाकर जान ले ली थी। इसके अलावा किम जोंग उन के सौतेले भाई किम जोंग नाम की भी 2017 में हत्या करा दी गई थी।

  • फ्लाइट के बाद नहीं टूटेगा शरीर, रिसर्च में सामने आया थकान मिटाने का नया वैज्ञानिक मंत्र

    फ्लाइट के बाद नहीं टूटेगा शरीर, रिसर्च में सामने आया थकान मिटाने का नया वैज्ञानिक मंत्र

    लंबी हवाई यात्रा के बाद होने वाली थकान या अलग-अलग शिफ्ट में काम करने की वजह से बिगड़ी हुई नींद अब बीते दिनों की बात हो सकती है। जापान के वैज्ञानिकों ने एक क्रांतिकारी दवा 'मिक 628' की खोज की है, जो शरीर की 'इंटरनल क्लॉक' को तेजी से आगे खिसकाने में मदद करती है। इस दवा की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह अनिद्रा और थकान से राहत दिलाने में बेहद असरदार साबित हो रही है।

    चूहों पर सफल रहा प्रयोग
    वैज्ञानिकों ने इस दवा का परीक्षण चूहों पर किया, जिसके नतीजे चौंकाने वाले रहे। शोध के दौरान चूहों के लिए दिन और रात के समय को 6 घंटे आगे बढ़ाकर 'जेट लैग' जैसी स्थिति पैदा की गई। जिन चूहों को 'मिक 628' की एक खुराक दी गई, वे सामान्य चूहों की तुलना में 3 दिन पहले ही नए समय के अनुसार ढल गए। इस प्रयोग से यह साफ हुआ कि यह दवा जेट लैग से उबरने के समय को लगभग आधा कर देती है।

    कैसे काम करती है यह दवा?
    यह महत्वपूर्ण शोध अमेरिका की राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी की पत्रिका में प्रकाशित हुआ है। वैज्ञानिकों ने सबसे पहले शरीर की अंदरूनी घड़ी को नियंत्रित करने वाले एक खास जीन की पहचान की। 'मिक 628' दवा इसी जीन को सक्रिय करती है, जिससे शरीर का चक्र तेजी से बदल जाता है। इस दवा की एक और खास बात यह है कि इसे लेने के समय का इसके असर पर ज्यादा फर्क नहीं पड़ता, जो इसे अन्य दवाओं से अलग बनाता है।

    भारतीयों के लिए क्यों है खास?
    आज के दौर में भारतीयों का विदेश दौरा काफी बढ़ गया है। आंकड़ों के अनुसार, साल 2024-25 में करीब 3.17 करोड़ भारतीयों ने लंबी हवाई यात्राएं कीं। इतनी बड़ी संख्या में यात्रियों को अक्सर समय के अंतर के कारण नींद न आने और थकान जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। अगर यह दवा बाजार में आती है, तो इन करोड़ों यात्रियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

    अब इंसानों पर होगा परीक्षण
    चूहों पर मिली बड़ी कामयाबी के बाद अब वैज्ञानिक इस दवा को इंसानों पर परखने की तैयारी कर रहे हैं। आने वाले समय में इसके सुरक्षा मानकों और प्रभाव का गहराई से अध्ययन किया जाएगा। अगर इंसानों पर होने वाले परीक्षण सकारात्मक रहते हैं, तो यह दवा न केवल यात्रियों के लिए, बल्कि शिफ्ट में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए भी एक बड़ी राहत लेकर आएगी।

     

  • भारतीय सेना में जाने कर सकेंगे आवेदन, अग्निवीर भर्ती के पंजीकरण शुरू

    भारतीय सेना में जाने कर सकेंगे आवेदन, अग्निवीर भर्ती के पंजीकरण शुरू

    चंडीगढ़.

    भारतीय सेना में अग्निवीर स्कीम के तहत वर्ष 2027 के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया आरंभ हो चुकी है। हरियाणा के 6 जिलों अम्बाला, कैथल, कुरुक्षेत्र, करनाल, यमुनानगर, पंचकूला और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के पुरुष अभ्यर्थियों तथा दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल एवं चंडीगढ़ की महिला अभ्यार्थियों के लिए पंजीकरण 13 फरवरी, 2026 से 01 अप्रैल, 2026 तक होगा।

    सभी योग्य अभ्यर्थी वैबसाइट पर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि यह भर्ती प्रक्रिया पुरुष वर्ग में अग्निवीर (सामान्य कर्तव्य), अग्निवीर (तकनीकी), अग्निवीर (लिपिक/स्टोर कीपर तकनीकी) और अग्निवीर ट्रेड्समैन 10वीं और 8वीं पास तथा महिला वर्ग में महिला मिलिट्री पुलिस के लिए आयोजित की जा रही है। इस वर्ष से अग्निवीर में भर्ती के लिए पुरुष और महिला अभ्यर्थियों का अधिकतम आयु सीमा बढ़ाकर 21 वर्ष से 22 वर्ष कर दिया गया है।

    अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया में पहले चरण में ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी। ऑनलाइन परीक्षा की संभावित तारीख 1 जून से 15 जून 2026 है। यदि परीक्षा की तिथि में कोई बदलाव होता है तो उसकी सूचना वैबसाइट पर जारी की जाएगी। दूसरे चरण में ऑनलाइन परीक्षा में मैरिट में चयनित अभ्यर्थियों को भर्ती रैली में शामिल होने के लिए बुलाया जाएगा।

  • फाल्गुन अमावस्या की रात सावधान! इन कामों को करने से हो सकता है भारी नुकसान

    फाल्गुन अमावस्या की रात सावधान! इन कामों को करने से हो सकता है भारी नुकसान

    हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व माना जाता है. खासतौर पर फाल्गुन अमावस्या को पितरों की शांति, नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति और आध्यात्मिक साधना के लिए बेहद शुभ माना जाता है. इस दिन पूजा-पाठ और दान-पुण्य करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है.लेकिन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अमावस्या की रात कुछ ऐसे काम होते हैं जिन्हें भूलकर भी नहीं करना चाहिए. ऐसा माना जाता है कि इन गलतियों से जीवन में परेशानियां बढ़ सकती हैं और नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है. आइए जानते हैं फाल्गुन अमावस्या की रात किन कामों से बचना चाहिए.

    सुनसान जगहों पर जाने से बचें
    अमावस्या की रात को सबसे अधिक भारी माना जाता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस रात नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ जाता है. इसलिए कोशिश करें कि रात के समय किसी सुनसान रास्ते, श्मशान घाट या खंडहरों के पास न जाएं.

    तामसिक भोजन का त्याग करें
    फाल्गुन अमावस्या पर शुद्धता का पालन करना अनिवार्य है. इस दिन और रात में मांस, मदिरा या लहसुन-प्याज जैसे तामसिक भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए. ऐसा करने से पितृ दोष लग सकता है और घर की बरकत रुक सकती है.

    देर रात तक न जागें
    अमावस्या की रात को जल्दी सोना बेहतर माना जाता है. बिना वजह देर रात तक बाहर घूमना या जागना आपकी सेहत और मानसिक स्थिति पर बुरा असर डाल सकता है. इस रात मन को शांत रखें और ईश्वर का ध्यान करें.

    लड़ाई-झगड़े से रहें दूर
    जिस घर में अमावस्या के दिन क्लेश या वाद-विवाद होता है, वहां दरिद्रता का वास होने लगता है. इस रात विशेष रूप से बड़े-बुजुर्गों का अपमान न करें, क्योंकि अमावस्या पितरों को समर्पित होती है और उनकी नाराजगी परिवार पर भारी पड़ सकती है.

    ब्रह्मचर्य का पालन
    शास्त्रों के अनुसार, अमावस्या की तिथि पर संयम और ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए. इस दिन शारीरिक संबंध बनाने से बचना चाहिए, ताकि मन की एकाग्रता और आध्यात्मिक शक्ति बनी रहे.

    शुभ फल के लिए क्या करें?
        पीपल के नीचे दीया: शाम के समय पीपल के पेड़ के पास सरसों के तेल का दीपक जलाएं. इससे पितृ प्रसन्न होते हैं.
        दान पुण्य: अगले दिन सुबह किसी जरूरतमंद को अन्न या काले तिल का दान करें.
        हनुमान चालीसा का पाठ: चूंकि इस बार अमावस्या मंगलवार को है, इसलिए हनुमान चालीसा का पाठ करना अत्यंत फलदायी होगा और सभी नकारात्मक शक्तियों से रक्षा करेगा.

     

  • साल का पहला सूर्य ग्रहण: रिंग ऑफ फायर क्या है और क्यों माना जाता है खास?

    साल का पहला सूर्य ग्रहण: रिंग ऑफ फायर क्या है और क्यों माना जाता है खास?

    सूर्य ग्रहण हमेशा अमावस्या तिथि पर लगता है. कल यानी 17 फरवरी को फाल्गुन माह की अमावस्या मानाई जाएगी. साथ ही कल साल का पहला सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है. सूर्य को ग्रहण कुंभ राशि और धनिष्ठा नक्षत्र में लगेगा. ये वलयाकार सूर्य ग्रहण रहने वाला है. इसे विज्ञान अपनी भाषा में रिंग ऑफ फायर कहता है. ये सूर्य ग्रहण बहुत ही विशेष है.

    ये सूर्य ग्रहण भारत में नजर नहीं आने वाला है और न ही इसका सूतक काल भारत में माना जाएगा, लेकिन लोगों के मन में सवाल है कि ये रिंग ऑफ फायर क्या है और ये सूर्य ग्रहण विशेष क्यों हैं?

    क्या है रिंग ऑफ फायर?
    NASA के अनुसार, जब धरती से चंद्रमा की दूरी सबसे अधिक होती है और उस दौरान सूर्य ग्रहण लगता है, तो चंद्रमा दूर होने की वजह से सूर्य को पूरी तरह से ढक पाने में असफल रहता है. इसलिए आकार में छोटा नजर आता है. ऐसे में सूर्य का बीच वाला भाग काला दिखता है और उसके चारों ओर रौशनी की पतली चमकदार घेरा बन जाता है. ये चमकदार घेरा आग की अंगूठी जैसा नजर आता है. इसे ही रिंग ऑफ फायर कहते हैं.

    दूसरा, वलयाकार या कुंडलाकार सूर्य ग्रहण के समय सूर्य, चंद्रमा और धरती एक सीध में होते हैं और चंद्रमा सूर्य के मध्य भाग को ढक लेता है. इस स्थिति में सूर्य एक रिंग जैसा दिखने लगता है.

    सूर्य ग्रहण क्यों है विशेष?
    साल 2026 का ये सूर्य ग्रहण इसलिए विशेष माना जा रहा है क्योंकि ये शनि देव की राशि कुंभ में और धनिष्ठा नक्षत्र में लगने वाला है. सूर्य के साथ-साथ इस राशि में राहु, बुध, शुक्र और चंद्रमा भी मौजूद रहने वाले हैं. ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि सूर्य और राहु के एक साथ किसी राशि में रहने पर ग्रहण योग निर्मित होता है. कुंभ राशि में राहु और सूर्य की युति को परंपरागत तौर पर अशुभ माना जाता है.

    कितने बजे लगेगा सूर्य ग्रहण
    भारतीय समय के अनुसार, सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को दोपहर 3 बजकर 26 मिनट पर लगेगा और शाम 7 बजकर 57 मिनट पर ये खत्म होगा. ये सूर्य ग्रहण कुल 04 घंटे 32 मिनट तक रहेगा.

  • सोने-चांदी की बाजार गिरावट जारी, चांदी हुई ₹1.84 लाख सस्ती, आज 8,000 रुपये फिसली

    सोने-चांदी की बाजार गिरावट जारी, चांदी हुई ₹1.84 लाख सस्ती, आज 8,000 रुपये फिसली

     नई दिल्ली
    सोना-चांदी की कीमतों के क्रैश (Gold-Silver Price Crash) होने का सिलसिला जारी है. सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर ओपनिंग के साथ ही दोनों कीमती धातुएं धड़ाम नजर आईं. बीते सप्ताह मामूली उछाल के बाद कारोबार की शुरुआत में ही 1 Kg Silver Price 8,000 रुपये से ज्यादा फिसल गया और अपने हाई से अब तक चांदी के भाव में गिरावट को देखें, तो ये 1.84 लाख रुपये प्रति किलोग्राम से ज्यादा सस्ती हो चुकी है. वहीं Gold Rate भी चांदी की तरह ही गिर गया है. एक झटके में सोना 1700 रुपये प्रति 10 ग्राम से ज्यादा सस्ता हो गया. 

    अब कितना रह गया 1Kg चांदी का भाव? 
    सोमवार को एमसीएक्स पर कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही 5 मार्च की एक्सपायरी वाली वायदा चांदी पिछले बंद के मुकाबले अचानक 8,857 रुपये प्रति किलो तक सस्ती हो गई. बता दें कि बीते शुक्रवार को MCX Silver Price 2,44,360 रुपये पर क्लोज हुआ था और इसकी तुलना में ये गिरकर 2,35,503 रुपये के लेवल पर आ गया. 

    अपने हाई से कितनी सस्ती मिल रही Silver?
    बात अगर चांदी के हाई लेवल से करें, तो अब चांदी काफी सस्ती हो चुकी है. बता दें कि बीते 29 जनवरी को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर चांदी की कीमत रॉकेट सी रफ्तार से भागते हुए पहली बार 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आंकड़े के पार निकली थी और कारोबार के अंत में 4,20,048 रुपये का लाइफ टाइम हाई रिकॉर्ड बना दिया था. इस स्तर पर पहुंचने के बाद Silver Price Crash होने का सिलसिला शुरू हुआ और एक-दो दिनों को छोड़कर ये तेजी से फिसली है. चांदी फिलहाल अपने हाई लेवल से 1,84,545 रुपये प्रति किलोग्राम तक टूट चुकी है. ये तगड़ी गिरावट चांदी के हाई छूने के बाद महज 17 दिन में देखने को मिली है. 

    Gold Rate भी अचानक फिसला 
    चांदी के साथ-साथ गोल्ड रेट भी सोमवार को खुलने के साथ ही बुरी तरह फिसला है. MCX पर 2 अप्रैल की एक्सपायरी वाले सोने का भाव बीते शुक्रवार को 1,55,895 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था और इसकी तुलना में ये खुलते ही गिरते हुए 1,54,191 रुपये पर आ गया. इस हिसाब से देखें, तो 10 Gram 24 Karat Gold 1,704 रुपये सस्ता हो गया है. 

    सोना अपने हाई लेवल से इतना सस्ता 
    अब सोने के हाई लेवल से अब तक आई गिरावट की बात करें, तो चांदी की तरह ही Gold Rate भी बीते 29 जनवरी को ही अपने लाइफ टाइम हाई लेवल पर पहुंचा था. सोने का वायदा भाव तेज रफ्तार के भागते हुए 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया था और यहां से इसमें तेज गिरावट देखने को मिली है. सोमवार की ओपनिंग गिरावट को देखें, तो अब तक Gold Price 38,905 रुपये प्रति 10 ग्राम कम हुआ है. 

  • T20 World Cup में पकिस्तान को दी है करारी हार, CM विष्णुदेव साय ने टीम इंडिया को दी बधाई

    T20 World Cup में पकिस्तान को दी है करारी हार, CM विष्णुदेव साय ने टीम इंडिया को दी बधाई

    रायपुर.

    महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर भारतीय क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक जीत पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश एवं देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज श्रीलंका के कोलंबो में खेले गए टी-20 विश्व कप मुकाबले में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान को 61 रनों से पराजित कर राष्ट्र का मान बढ़ाया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे जांबाज खिलाड़ियों ने संयम, रणनीति और उत्कृष्ट खेल भावना का परिचय देते हुए यादगार जीत दर्ज की। यह क्षण करोड़ों देशवासियों के लिए गर्व, उत्साह और उल्लास का अवसर है।

        महाशिवरात्रि पर महाविजय की हार्दिक बधाई!

        आज श्रीलंका के कोलंबो में खेले गए टी-20 विश्व कप मुकाबले में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान को 61 रनों से पराजित कर राष्ट्र का मान बढ़ाया है।

        हमारे जांबाज खिलाड़ियों ने पाकिस्तान पर दबदबा कायम रखते हुए एक और यादगार जीत… 
        — Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) February 15, 2026

    मुख्यमंत्री साय ने भारतीय टीम के सभी खिलाड़ियों को इस गौरवपूर्ण सफलता के लिए हार्दिक बधाई देते हुए आगामी मुकाबलों के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

  • एशियन शूटिंग चैंपियनशिप में बढ़ाया मान, रेवाड़ी की चहक ने जीता रजत पदक

    एशियन शूटिंग चैंपियनशिप में बढ़ाया मान, रेवाड़ी की चहक ने जीता रजत पदक

    चंडीगढ़.

    नई दिल्ली स्थित डा. करनी सिंह शूटिंग रेंज में आयोजित एशियन राइफल/शूटिंग चैंपियनशिप-2026 में रेवाड़ी जिले की चहक यादव ने स्वर्ण पदक हासिल किया है। रेवाड़ी के पी.एम. श्री राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की 12वीं कक्षा की छात्रा चहक यादव ने 10 मीटर ऐयर पिस्टल यूथ महिला वर्ग में 600 में से 574 अंक हांसिल कर रजत पदक और भारतीय टीम की प्रतिभागी में यह स्वर्ण पदक हासिल किया है।

    इस उपलब्धि से चहक यादव ने न केवल अपने जिला रेवाड़ी अपितु हरियाणा व देश का नाम रोशन किया है। चहक यादव हरियाणा पुलिस में कांस्टेबल के पद पर कार्यरत सुनील कुमार की पुत्री है। डा. करनी सिंह शूटिंग रेंज नई दिल्ली में आयोजित एशियन राइफल/शूटिंग चैंपियनशिप-2026 में एशिया महाद्वीप के 20 देशों के लगभग 300 खिलाडिय़ों ने अलग-अलग वर्गों में भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। यह जानकारी चहक यादव के कोच रमन राव ने दी। उन्होंने बताया कि चहक यादव 12 वर्ष की आयु से उनकी शूटिंग स्पोर्ट्स अकेडमी में शूटिंग का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही है।