UN मुख्यालय में शहबाज शरीफ से हाफिज सईद पर सवाल, बिना जवाब आगे बढ़े

लाहौर
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में में किरकिरी झेलनी पड़ गई। उनसे जब पत्रकारों ने लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के संस्थापक आतंकवादी हाफिज सईद के बारे सवाल पूछा तो वह वहां से भाग खड़े हुए। उन्होंने जवाब देने से इनकार कर दिया। बताते चलें कि 81वीं UN जनरल असेंबली के लि जैसे जब शहबाज शरीफ UN मुख्यालय में दाखिल हुए तो पत्रकारों ने उनसे पूछा, "प्रधानमंत्री आप आतंकवादियों को पनाह देना कब बंद करेंगे?" शरीफ ने कोई जवाब नहीं दिया।
बाद में जब वे वहां से निकले तो उनसे फिर पूछा गया कि पाकिस्तान हाफिज सईद पर कब मुकदमा चलाएगा, लेकिन प्रधानमंत्री ने एक बार फिर जवाब देने से इनकार कर दिया।
इससे एक दिन पहले संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में भारत ने पाकिस्तान को कड़ी फटकार लगाते हुए आईना दिखाया। भारत ने साफ शब्दों में कहा कि पाक को सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने के बजाय कर्ज में डूबी बदहाल अर्थव्यवस्था को सुधारने पर ध्यान देना चाहिए।
जवाब देने के अधिकार का इस्तेमाल करते हुए भारतीय राजनयिक क्षितिज त्यागी ने पाकिस्तान के ध्यान भटकाने वाले एजेंडे की धज्जियां उड़ा दीं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की प्राथमिकताएं पूरी तरह गलत हैं और उसका भारतविरोधी रवैया उसकी डूबती अर्थव्यवस्था को नहीं बचा सकता। त्यागी ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नागरिकों के दमन को उजागर किया। उन्होंने बताया कि पीओके में भोजन, ईंधन और दवाओं की आपूर्ति रोककर पाकिस्तानी सरकार किस तरह प्रदर्शनकारियों के साथ जानलेवा हिंसा कर रही है।
26/11 हमले में आरोपी है हाफिज सईद
हाफिज मोहम्मद सईद लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक है और भारत में उसे गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA के तहत नामित आतंकवादी किया गया है. वह 26/11 मुंबई आतंकी हमले के मामले में भारत में वांटेड आरोपी है. कई हमलों का मास्टरमाइंड है. पाकिस्तान में वह खुला घूमता है और आईएसआई पर उसे सुरक्षा देने के आरोप लगते हैं।
हाल ही में पहलगाम आतंकी हमले की जांच से जुड़े मामले में भी NIA ने हाफिज सईद का नाम अपनी सप्लीमेंट्री चार्जशीट में आरोपी नंबर 8 के तौर पर रखा है. NIA का आरोप है कि 22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम हमले की बड़ी साजिश में पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के ऑपरेटिव शामिल थे।
UN में भारत ने पाकिस्तान को घेरा
शहबाज शरीफ से ये सवाल ऐसे वक्त पूछे गए, जब भारत ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में पाकिस्तान पर आतंकवाद और आर्थिक संकट को लेकर हमला बोला था. भारतीय राजनयिक क्षितिज त्यागी ने पाकिस्तान से कहा कि उसे दूसरे देशों की जमीन पर नजर रखने और सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने के बजाय अपनी अर्थव्यवस्था और विकास पर ध्यान देना चाहिए।
भारत ने पाकिस्तान में मानवाधिकारों के हालात का भी मुद्दा उठाया. क्षितिज त्यागी ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में नागरिकों के मारे जाने और जरूरी सामान की सप्लाई से जुड़े आरोपों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को दूसरे देशों के मामलों पर सवाल उठाने के बजाय अपने यहां के हालात पर ध्यान देना चाहिए।
कश्मीर भारत का अहम हिस्सा
जम्मू-कश्मीर के भारत का अभिन्न और अटूट हिस्सा होने की बात दोहराते हुए भारत ने मांग की कि पाकिस्तान अपने गैरकानूनी कब्जे वाले सभी इलाकों को तुरंत खाली करे।
नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय ने संयुक्त राष्ट्र में सिंधु जल संधि के मसले पर पाकिस्तान की ओर से बांटे गए पाकिस्तनी पत्र को खारिज कर दिया। पाकिस्तान ने कथित ‘कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन’ के फैसले को लेकर ये पत्र वितरित किए थे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जैसवाल ने कहा कि पाकिस्तान झूठ फैलाकर अंतरराष्ट्रीय प्रक्रियाओं को गलत तरीके से पेश कर रहा है।



