राजस्थानराज्य

आयुक्त राजेश्वर सिंह ने फेसबुक प्रबंधन को पत्र लिखकर फेक आईडी को हटाने के दिए निर्देश

जयपुर
राजस्थान में एक तरफ जहां 309 नगरीय निकायों और आगामी पंचायती राज चुनावों को लेकर सरगर्मियां बेहद तेज हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। राज्य निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह (IAS) के नाम और फोटो का गलत इस्तेमाल करके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक फर्जी प्रोफ़ाइल बना दी गई है। किसी शरारती तत्व द्वारा चुनावी माहौल के बीच आम जनता और मतदाताओं को भ्रमित करने की मंशा से यह फर्जी पेज तैयार किया गया है।

मामला सामने आते ही राज्य निर्वाचन आयोग में हड़कंप मच गया। आयुक्त राजेश्वर सिंह ने तुरंत संज्ञान लेते हुए फेसबुक प्रबंधन को पत्र लिखकर इस फेक आईडी को हटाने के निर्देश दिए हैं और अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से अलर्ट जारी कर लोगों से इस फर्जी अकाउंट से सावधान रहने की अपील की है।

सोशल मीडिया पर प्रशासनिक अधिकारियों की फर्जी आईडी बनाकर लोगों को ठगने या भ्रामक सूचनाएं फैलाने का यह कोई पहला मामला नहीं है।

निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने अपनी असली प्रोफ़ाइल पर जानकारी साझा करते हुए लिखा, "किसी शरारती व्यक्ति ने 'राजेश्वर सिंह आईएएस' के नाम से मेरी फेक प्रोफाइल बनाई है। मैंने इसे रिपोर्ट कर दिया है, कृपया आप सभी इससे सावधान रहें।"

चुनावी मौसम में जब हर छोटे-बड़े अपडेट पर जनता की नजरें टिकी होती हैं, ऐसे समय में चुनाव आयोग के प्रमुख की फर्जी प्रोफाइल बनने से साइबर सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस की साइबर सेल टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी है और जिस आईपी एड्रेस से यह फर्जी आईडी बनाई गई है, उसकी लोकेशन ट्रैक की जा रही है।

ये है आईएएस राजेश्वर सिंह के नाम से फेक प्रोफ़ाइल
डिजिटल दौर में किसी की फोटो और नाम चुराकर फर्जी आईडी बनाना एक गंभीर कानूनी अपराध है। यदि आपके या आपके किसी रिश्तेदार के नाम से फेसबुक पर ऐसी कोई फेक आईडी बन जाती है, तो उसे तुरंत डिलीट और बैन कराने के लिए इन स्टेप्स का पालन करें:

1. प्रोफ़ाइल को सीधे फेसबुक पर रिपोर्ट करें: सबसे पहले उस फर्जी प्रोफाइल पर जाएं। कवर फोटो के नीचे दाईं तरफ दिख रहे थ्री डॉट्स (…) पर क्लिक करें। वहां "Find support or report" विकल्प को चुनें। इसके बाद "Impersonation" (नकल करना) ऑप्शन को सेलेक्ट करके सबमिट कर दें। अपने 5 से 10 करीबी दोस्तों से भी इसी तरह रिपोर्ट कराएं, जिससे फेसबुक इसे तेजी से ब्लॉक करेगा।

2. बिना अकाउंट के भी कर सकते हैं रिपोर्ट: अगर आपका खुद का फेसबुक अकाउंट नहीं है, तब भी आप गूगल पर "Report an Impersonation Account on Facebook" सर्च करके फेसबुक का आधिकारिक वेब फॉर्म भर सकते हैं। वहां फेक प्रोफाइल का लिंक और अपनी पहचान के लिए कोई भी एक सरकारी आईडी कार्ड अपलोड करके सीधे शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया
सोशल मीडिया पर किसी दूसरे व्यक्ति की पहचान बनाकर अकाउंट चलाना केवल नियमों का उल्लंघन नहीं है, बल्कि यह भारतीय कानून के तहत दंडनीय अपराध है।

IT Act की धारा 66D: किसी की पहचान चुराकर कंप्यूटर या इंटरनेट के जरिए धोखाधड़ी करना सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा 66D के तहत अपराध है, जिसमें 3 साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता है।

ऑनलाइन शिकायत: पीड़ित व्यक्ति तुरंत भारत सरकार के राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल cybercrime.gov.in पर जाकर अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं।

सबूत संभाल कर रखें: शिकायत दर्ज कराते समय फर्जी प्रोफाइल का वेब लिंक (URL), प्रोफाइल का स्क्रीनशॉट और उससे की गई पोस्ट का स्क्रीनशॉट अपने पास सुरक्षित रखें। आप अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन के साइबर सेल में जाकर भी लिखित शिकायत दे सकते हैं।

अपनी असली प्रोफ़ाइल से जारी करें अलर्ट मैसेज
जब तक साइबर सेल या फेसबुक द्वारा उस फर्जी अकाउंट को पूरी तरह से हटा या बैन नहीं कर दिया जाता, तब तक लोगों को ठगी या भ्रम से बचाने के लिए अलर्ट पोस्ट जारी करना बेहद जरूरी है।

अपनी असली प्रोफ़ाइल, व्हाट्सएप स्टेटस या इंस्टाग्राम हैंडल पर तुरंत एक संदेश साझा करें। उसमें स्पष्ट लिखें, "कोई व्यक्ति मेरे नाम और फोटो का गलत इस्तेमाल करके फेक फेसबुक आईडी चला रहा है। अगर वह व्यक्ति आपसे पैसे मांगे, कोई संदिग्ध लिंक भेजे या गलत मैसेज करे, तो उस पर बिल्कुल भरोसा न करें और उस अकाउंट को तुरंत ब्लॉक व रिपोर्ट करें।"

चुनाव आयोग ने भी सभी नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रशासनिक अधिकारी के नाम से आने वाले संदिग्ध मैसेज या फ्रेंड रिक्वेस्ट से सतर्क रहें।

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