उत्तर प्रदेशराज्य

डेढ़ महीने में नौकरी, सिर्फ 1180 रुपये खर्च; RML के 194 अभ्यर्थियों ने बताया भर्ती का अनुभव

मात्र 1180 रुपये खर्च किए, डेढ़ महीने में मिल गई नौकरी

आरएमएल के 194 तकनीकी कार्मिकों को योगी के हाथों नियुक्ति पत्र, अभ्यर्थियों ने बताया पारदर्शी भर्ती का परिणाम

बिना सिफारिश और रिश्वत के योग्यता के आधार पर चयन से युवाओं में बढ़ा भरोसा

तकनीक को बढ़ावा देकर योगी सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को बनाया आधुनिक, उपचार सुविधाओं में हुआ सुधार: चयनित अभ्यर्थी

एमएलटी, ओटी टेक्नीशियन और रेडियोलॉजी टेक्नीशियन समेत विभिन्न पदों पर मिली नियुक्ति

लखनऊ,
 महज 1180 रुपये आवेदन शुल्क खर्च कर परीक्षा दी और करीब डेढ़ महीने के भीतर नौकरी मिल गई। डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के षष्ठम स्थापना दिवस समारोह में रविवार को ऐसे ही कई युवाओं के लिए इंतजार का दौर खत्म हुआ। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आरएमएल संस्थान के 194 तकनीकी संवर्ग के कार्मिकों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। सीएम के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर चयनित अभ्यर्थियों के चेहरे खुशी से खिल उठे। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और तेजी के लिए प्रदेश सरकार की सराहना की।

1180 रुपये में परीक्षा, डेढ़ महीने में नियुक्ति

बिहार के रहने वाले और ओटी टेक्नीशियन पद पर चयनित प्रिंस कुमार ने भर्ती प्रक्रिया का अनुभव साझा करते हुए बताया कि परीक्षा के लिए उन्हें आवेदन में करीब 1180 रुपये खर्च करने पड़े। इसके बाद परीक्षा हुई, परिणाम आया, दस्तावेज सत्यापन हुआ और अब उन्हें नियुक्ति पत्र मिल गया। उन्होंने बताया कि जुलाई के अंतिम सप्ताह में परीक्षा हुई थी और 13 सितंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों नियुक्ति पत्र मिला। इतनी कम अवधि में परीक्षा से लेकर नियुक्ति तक की प्रक्रिया पूरी होना उनके लिए बेहद खुशी की बात है। भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बताते हुए कहा कि बिना किसी अनावश्यक खर्च के उन्हें अपनी योग्यता के आधार पर नौकरी मिली।

मेहनत का मिलेगा पूरा फायदा बढ़ा भरोसा

एमएलटी पद पर चयनित आयुष शुक्ला ने भी चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता की सराहना की। अब परीक्षा में जो अभ्यर्थी पात्रता पूरी कर रहे हैं और सफल हो रहे हैं, वही आगे चयनित हो रहे हैं। भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता से युवाओं को यह भरोसा मिलता है कि मेहनत करने पर उसका परिणाम जरूर मिलेगा। राजस्थान निवासी रेडियोलॉजी टेक्नीशियन जितेंद्र सैनी ने भी कहा कि पारदर्शी चयन प्रक्रिया से हर विद्यार्थी को मोटिवेशन मिलता है। उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों नियुक्ति पत्र प्राप्त करना गर्व का क्षण लगा।

स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से रोजगार के अवसर

मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नीशियन के पद पर चयनित गौरव कुमार झा ने कहा कि आरएमएल और एसजीपीजीआई जैसे संस्थानों में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार देखने को मिल रहा है। देशभर से मरीज यहां बेहतर उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ ही चिकित्सा क्षेत्र में प्रशिक्षित युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं। गौरव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के तकनीक को तेजी से अपनाने के दृष्टिकोण की भी सराहना करते हुए कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से उपचार की सुविधाएं बेहतर हो रही हैं।

एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज से ग्रामीणों को लाभ

टेक्निकल ऑफिसर (परफ्यूजन) के पद पर चयनित अनुज कुमार शुक्ला ने मुख्यमंत्री द्वारा बताए गए ‘एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज’ के लक्ष्य को ग्रामीण क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को उपचार के लिए दूर-दराज नहीं जाना पड़ेगा। एक ओर पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया से युवाओं को रोजगार मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर चिकित्सा संस्थानों की क्षमता बढ़ने से प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था भी मजबूत हो रही है। सीएम के हाथों नियुक्ति पत्र मिलना उनके लिए नौकरी मिलने के साथ-साथ गौरव और प्रेरणा का भी अवसर रहा।

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