सहारनपुर मस्जिद केस: हाईकोर्ट ने जुर्माना वसूली पर लगाई रोक, सरकार से मांगा जवाब

 सहारनपुर
यूपी के सहारनपुर में मस्जिद ध्वस्तीकरण को लेकर दाखिल याचिका पर आज हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान राज्य सरकार से जवाबी हलफनामा मांगा। यूपी सरकार को जवाबी हलफनामा देने के लिए समय दिया गया। ​न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने सरकार को जवाब दाखिल करने का समय देते हुए मामले की अगली सुनवाई 12 अक्टूबर तय की है। वहीं, हाईकोर्ट ने अगली तारीख तक छह करोड़ रुपये से अधिक के जुर्माने की मस्जिद कमेटी से वसूली के सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश पर रोक लगा दी है।

गौरतलब हो कि हाईकोर्ट में मस्जिद कमेटी प्रबंधन की ओर से मुतवल्ली तनवीर अहमद ने मंगलवार को याचिका दाखिल की थी। याचिका में प्रशासन की कार्रवाई को चुनौती दी गई थी। मामले में सरकार को विपक्षी बनाया गया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि प्रशासन ने शनिवार को कलक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को बिना नोटिस और सक्षम आदेश के ध्वस्त कर दिया। याचिका में वर्शिप एक्ट के उल्लंघन का भी आरोप लगाया गया है। इसके अलावा बिजली का बिल स्वीकार नहीं करने, गवाहों की पूरी गवाही नहीं कराने और फाइल को बहस में लगाकर अंतिम निर्णय किए जाने समेत प्रक्रिया से जुड़े कई बिंदुओं को चुनौती का आधार बनाया गया है।

याचिका में यह भी तर्क दिया गया है कि पब्लिक प्रिमाइसेज (एविक्शन ऑफ अनऑथराइज्ड ऑक्यूपेंट्स) एक्ट यानी पीपी एक्ट के तहत कार्रवाई से पहले वादी पक्ष को अपना स्वामित्व साबित करना होता है।मस्जिद कमेटी का आरोप है कि सरकार और प्रशासन की ओर से इस संबंध में पर्याप्त आधार प्रस्तुत नहीं किया गया। मस्जिद कमेटी का कहना है कि मामले में न्यायिक प्रक्रिया और संबंधित कानूनी प्रावधानों का पालन किया जाना चाहिए था।

उल्लेखनीय है कि सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने 16 जुलाई 2026 को मस्जिद को अवैध करार देते हुए मस्जिद प्रबंधन पर 6.41 करोड़ रुपये का अर्थदंड लगाया था। मस्जिद कमेटी की ओर से दाखिल याचिका में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के साथ उस प्रक्रिया को भी चुनौती दी गई है, जिसके आधार पर प्रशासन ने कार्रवाई की। याचिका में आरोप लगाया गया है कि मस्जिद को ध्वस्त करने से पहले संबंधित पक्ष को नोटिस नहीं दिया गया और न ही ऐसा आदेश दिखाया गया, जिसके आधार पर तत्काल ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा सके।

कलक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद के ध्वस्तीकरण के मामले में शुक्रवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। मस्जिद प्रबंधन की ओर से दाखिल रिट कॉज लिस्ट में 35वें नंबर पर सूचीबद्ध रहा। मामले की सुनवाई कोर्ट नंबर-9 में हुई। सुनवाई को लेकर प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क रहा। मस्जिद प्रबंधन की अपील जिला जज की अदालत में भी खारिज हो गई थी। इसके बाद मुतव्वली की ओर से आठ सितंबर को हाईकोर्ट में रिट दाखिल की गई, जिस पर शुक्रवार को सुनवाई हुई है।

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